कार्तिक पूर्णिमा आज बुधवार, 5 नवंबर 2025 को है. ऐसे पांच काम हैं जो भक्तों को इस दिन भूलवश भी नहीं करना चाहिए.
By : DB News Update | Edited By: प्रिंस अवस्थी
Kartik Purnima 2025: कार्तिक पूर्णिमा को आध्यात्मिक जागृति, श्रद्धा, भक्ति और कृतज्ञता का अवसर माना जाता है. इस बार देव दीवाली का पर्व 05 नवंबर को मनाया जाएगा. इसी दिन कार्तिक पूर्णिमा भी है. कार्तिक माह की पूर्णिमा तिथि का समापन- 05 नवंबर को शाम 06 बजकर 48 मिनट पर है. कार्तिक पूर्णिमा के मौके पर देशभर के लोग गंगा, नर्मदा, यमुना नदी में स्नान करने के लिए पहुंच रहे हैं. इसी कड़ी में प्रयागराज संगम नदी के तट पर लोगों ने आस्था की डुबकी लगाई. वहीं जबलपुर के नर्मदा तट गौरीघाट, उमाघाट, भेड़ाघाट में श्रद्धालु-भक्तों की भीड़ है. आज के दिन भेड़ाघाट में पंचकोशी परिक्रमा भी निकाली जा रही है, जिसमें बड़ी संख्या में भक्त मां नर्मदा की परिक्रमा कर रहे हैं. आज कार्तिक मास की पूर्णिमा के दिन दान करने का विधान बतलाया गया है. ऐसी धार्मिक मान्यता है कि देव दीवाली के दिन दान करने से धन-अन्न के भंडार रहते हैं.
इन 5 काम करने से बचें
तुलसी के पत्ते न तोड़ें- कार्तिक पूर्णिमा पर तुलसी के पत्तों को तोड़ने से बचें.
तामसिक भोजन – कार्तिक पूर्णिमा के पवित्र दिन पर भक्त व्रत रखते हैं. इस दिन तामसिक भोजन करने से बचना चाहिए.
खाली हाथ न लौटाएं– कार्तिक पूर्णिमा के दिन आपके घर पर कोई जरूरतमंद, गरीब या बुजुर्ग व्यक्ति आए तो उसे द्वार के खाली हाथ न लौटाएं.
न दें ये चीज- कार्तिक पूर्णिमा के दिन का संबंध चंद्रमा से होता है. इसलिए इस दिन किसी को भी दूध, चांदी या फिर सफेद वस्तुओं का दान नहीं करना चाहिए.
अंधेरा न करें- कार्तिक पूर्णिमा के दिन घर पर अंधेरा न रखें. इस बात का ध्यान रखें घर के हर कमरे की लाइट जलती रहे.
देव दीवाली पूजा विधि
- सुबह जल्दी उठकर स्नान करने के बाद सूर्य देव को अर्घ्य अर्पित करें.
- प्रदोष काल में पूजा करें.
- चौकी पर साफ कपड़ा बिछाकर शिव जी की प्रतिमा को स्थापित करें.
- देसी घी का दीपक जलाएं.
- फूल माला अर्पित करें.
- शिवलिंग का कच्चे दूध, शहद, दही, घी और पंचामृत से अभिषेक करें.
- शिव चालीसा और मंत्रों का जप करें.
- फल और मिठाई का भोग लगाएं.
- प्रभु से जीवन में सुख-शांति की प्राप्ति के लिए कामना करें.

