बिहार की नई सरकार के लिए मंत्रिमंडल का फॉर्मूला तय, अधिकतम 36 मंत्री बनाए जा सकते हैं.
By : DB News Update | Edited By: प्रिंस अवस्थी
Bihar New Government: बिहार में नई सरकार के गठन को लेकर तैयारी अंतिम चरण में है. मंत्रिमंडल बनाने की तस्वीर भी अब काफी हद तक साफ होती दिख रही है. बिहार के नए मुख्यमंत्री नितिश कुमार ही रहेंगे. सूत्रों से मिल रही जानकारी के अनुसार एनडीए गठबंधन ने मंत्रिमंडल का फॉर्मूला भी लगभग तय कर लिया है. मुख्यमंत्री के साथ बीजेपी को दो डिप्टी सीएम भी शपथ ले सकते हैं.यहां बतादें कि शपथ और इस्तीफे के रिकॉर्ड के अलावा नीतीश कुमार के शासन में भी उल्लेखनीय रिकॉर्ड बने. 2005 से पहले बिहार जंगल राज का पर्याय बन गया था. तत्कालीन सरकार के खिलाफ पटना हाईकोर्ट खराब कानून व्यवस्था को लेकर प्रतिकूल टिप्पणियां कर रहा था. नवंबर 2005 में सीएम बनते ही नीतीश ने अपराधियों पर नकेल कसने के लिए उल्लेखनीय काम किए. स्पेशल कोर्ट बने और जेलों में मोबाइल जैमर लगे. बड़े अपराधी सजा पाकर जेल जाते रहे. संगठित अपराध पर लगाम लगी. इसके अलावा विकास के भी उन्होंने काफी काम किए. सड़कों और बुनियादी ढांचा को ठीक किया. हजारों किलोमीटर सड़कें बनीं. गांवों को जिला मुख्यालय से जोड़ा. पुल और हाईवे बनाए गए. जिला मुख्यालयों से राजधानी की दूरी तय करने में लगने वाला समय घटा. बिजली की सप्लाई ठीक कराई. 2005 में 60 प्रतिशत गांव बिजली रहित थे. 2018 तक लगभग 100 प्रतिशत ग्रामीण विद्युतीकरण का काम नीतीश सरकार ने पूरा कर लिया. महिला शिक्षा और सशक्तिकरण नीतीश सरकार की प्राथमिकता रही है. बड़े पैमाने पर शिक्षकों की भर्ती, लड़कियों को साइकिल और मिड-डे मील, पंचायतों में 50 प्रतिशत महिला आरक्षण और 2016 में पूर्ण शराबबंदी उनके उल्लेखनीय कार्य रहे हैं.
31 मंत्री ले सकते हैं शपथ
मीडिया तक पहुंच रही खबरों के अनुसार पता चला है कि इस बार कुल 31 मंत्री एक साथ शपथ ले सकते हैं. जेडीयू और बीजेपी को बराबर-बराबर 13-13 पद दिए जा सकते हैं. चिराग पासवान की एलजेपी (R) को तीन, जीतनराम मांझी की हम को एक और उपेंद्र कुशवाहा की आरएलएम को एक मंत्री पद मिल सकता है.
हालांकि बिहार में कुल 36 मंत्री बनाए जा सकते हैं, लेकिन इस बार 5 पद जानबूझकर खाली छोड़े जाने की खबर है, जिन्हें आने वाले समय में राजनीतिक जरूरतों के हिसाब से भरा जाएगा.
दो डिप्टी सीएम से बीजेपी को करना होगा संतोष
बीजेपी के संगठन और सरकार में संतुलन बनाए रखने के लिए नया फार्मूला तय किया गया है. क्योंकि बिहार में पहलीबार बीजेपी ने अच्छा प्रदर्शन किया है. लिहाजा बीजेपी को दो उपमुख्यमंत्री पद दिए जाने पर सहमति बन रही है. यह फॉर्मूला यूपी मॉडल जैसा ही बताया जा रहा है, जिसमें अलग-अलग क्षेत्रों और सामाजिक समूहों को प्रतिनिधित्व देने के प्रयास होंगे.
6 विधायकों पर एक मंत्री का फार्मूला
बतादें कि इस बार बिहार मंत्रिमंडल विस्तार में सीटों के आधार पर 6 विधायकों पर एक मंत्री का फॉर्मूला लागू किया गया है. बीजेपी ने 89 सीटें जीती हैं, जेडीयू को 85 सीटें मिली हैं, जबकि एलजेपी (आरवी), हम और आरएलएम ने भी अपने-अपने क्षेत्रों में अच्छा प्रदर्शन किया है. इसी आधार पर मंत्रियों की संख्या का अनुपात तय किया गया है.
सूत्रों के मुताबिक नई सरकार के गठन के बीच एक और दिलचस्प जानकारी सामने आई है कि विधानसभा का स्पीकर पद बीजेपी कोटे से जाएगा. यह फैसला गठबंधन के भीतर बीजेपी की बढ़ी भूमिका और उसकी संख्या को देखते हुए लिया जा सकता है. इससे विधानसभा संचालन पर पार्टी की पकड़ भी मजबूत होगी.
बीजेपी विधायक दल की बैठक आज
आज (17 नवंबर) सुबह 11 बजे पटना में बीजेपी विधायक दल की महत्वपूर्ण बैठक होगी. इस बैठक में संभावित मंत्रियों की सूची पर अंतिम मुहर लगेगी और दो उपमुख्यमंत्री पदों के नाम भी तय हो सकते हैं. माना जा रहा है कि केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह भी इस बैठक में मौजूद रहेंगे.
Source : DB News Update

