शिवसेना (UBT) और मनसे के बीच गठबंधन की घोषणा किसी भी क्षण हो सकती है, संजय राउत ने दो-तीन दिन में आधिकारिक ऐलान का दावा किया.
Source : DB News Update
By : DB News Update | Edited By: प्रिंस अवस्थी
Uddhav-Raj Thackeray: शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे) और महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (मनसे) के बीच गठबंधन की घोषणा किसी भी क्षण की जा सकती है. इस बयान ने महाराष्ट्र की राजनीति में हलचल पैदा कर दी है. दरअसल अनिल परब ने रविवार को कहा कि उनकी पार्टी जल्द विलय हो सकती है. उनके इस बयान के बाद स्थानीय निकाय चुनावों से पहले राजनीतिक सरगर्मी और बढ़ गई है.
दोनों नेता करेंगे घोषणा
अनिल परब ने कहा, “गठबंधन की घोषणा कभी भी हो सकती है. शिवसेना (उबाठा) प्रमुख उद्धव ठाकरे और मनसे अध्यक्ष राज ठाकरे तय करेंगे कि गठबंधन की घोषणा कैसे की जाए.” परब के बयान से साफ है कि अंतिम फैसला शीर्ष नेतृत्व के हाथ में है और औपचारिक ऐलान की तैयारी पूरी मानी जा रही है.
जल्द होगा ऐलान- संजय राउत
शिवसेना (UBT) के नेता संजय राउत ने कहा था कि मनसे के साथ गठबंधन पर दो से तीन दिन में आधिकारिक घोषणा कर दी जाएगी. स्थानीय निकाय चुनाव के तहत मतगणना के बीच राउत ने कहा था, “हमारा मानना है कि रविवार को हुई यह आखिरी बैठक है. दो-तीन दिन में आधिकारिक घोषणा की जाएगी.”
कांग्रेस की आपत्ति, फिर भी मनाने की कोशिश
राउत ने यह भी बताया था कि महा विकास आघाडी (एमवीए) में शामिल कांग्रेस को मनसे को लेकर कुछ आपत्तियां हैं. उन्होंने कहा, “कांग्रेस ने राज ठाकरे के नेतृत्व वाली मनसे को लेकर अपनी आपत्ति जताई है. हमने कांग्रेस को समझाने की कोशिश की कि भाजपा को हराने के लिए एकजुट होना जरूरी है. हालांकि, उसे मनाने के प्रयास जारी हैं.”
उन्होंने यह भी साफ किया कि “मुंबई में गठबंधन न होने के बावजूद हमारे बीच (कांग्रेस के साथ) कोई मतभेद नहीं है.”
नगर निगम चुनाव का टाइमलाइन
मुंबई समेत राज्य के 29 नगर निगमों के लिए चुनाव 15 जनवरी को होंगे और मतगणना उसके अगले दिन होगी. राउत ने कहा कि बृहन्मुंबई महानगरपालिका (बीएमसी) के चुनावों के लिए कांग्रेस को साथ लाने की कोशिशें जारी हैं.
कांग्रेस महासचिव और महाराष्ट्र प्रभारी रमेश चेन्निथला ने शनिवार (20 दिसंबर) को कहा था कि पार्टी कार्यकर्ता बीएमसी चुनाव स्वतंत्र रूप से लड़ने पर जोर दे रहे हैं.
उन्होंने कहा, “हम प्रदूषण, स्वास्थ्य सेवा और भ्रष्टाचार जैसे मुद्दों पर चुनाव लड़ेंगे. मुंबईवासियों को हमें उनकी सेवा करने का मौका देना चाहिए. महानगर के धर्मनिरपेक्ष ताने-बाने की रक्षा के लिए कांग्रेस स्वतंत्र रूप से चुनाव लड़ने को दृढ़ संकल्पित है.”

