जिला प्रशासन, पुलिस और नगर निगम के संयुक्त अभियान से शहर की यातायात व्यवस्था सुधारने की दिशा में उठाया गया कदम, लंबे समय से अतिक्रमण की चपेट में हैं लेफ्ट टर्न
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By : DB News Update | Edited By: प्रिंस अवस्थी
Jabalpur Left Turn Free News: जिला प्रशासन, पुलिस और नगर निगम के संयुक्त रूप से कार्रवाई शुरू की गई है. इस अभियान से शहर की यातायात व्यवस्था सुगम होती दिख रही है. ‘अतिक्रमण मुक्त सड़क और लेफ्ट टर्न फ्री’ मुहिम को न केवल प्रशासनिक मजबूती मिल रही है, बल्कि व्यापारियों और नागरिकों का भरपूर समर्थन भी प्राप्त हो रहा है. निगमायुक्त रामप्रकाश अहिरवार ने बताया कि यह अभियान शहर को जाम मुक्त और व्यवस्थित बनाने की दिशा में एक निर्णायक पहल है. इससे पहले शहर में जितने लेफ्ट टर्न बनाए गए थे, उनमें फुटपाथी दुकानदार, ठेले-टपरे वालों का कब्जा हो गया था. जिससे लेफ्ट मुड़कर जाने वाले वाहनों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा था. इस अराजक व्यवस्था को सुधारने की दिशा में बहुत दिनों बाद अभियान शुरू किया गया है.
इन क्षेत्रों में हुई कार्रवाई
शास्त्री ब्रिज – अवैध कब्जे हटाए गए
गुलौआ – सड़क किनारे जमे अतिक्रमण हटाए गए
कटंगा – व्यापारिक क्षेत्रों के फुटपाथ साफ कराए गए
गढ़ा – बाजार क्षेत्र व्यवस्थित किया गया
बंदरिया तिराहा – ‘लेफ्ट टर्न फ्री’ के लिए विशेष अभियान
जनसमर्थन और व्यापारियों में उत्साह
आम नागरिकों का मानना है कि ‘लेफ्ट टर्न फ्री’ होने से रेड सिग्नल पर वाहनों का दबाव कम होगा. समय और ईंधन दोनों की बचत होगी. व्यापारियों का कहना है कि चौड़ी और व्यवस्थित सड़कें बाजार में ग्राहकों की आवाजाही बढ़ाएंगी. इस कार्रवाई से निगमायुक्त ने स्पष्ट संदेश देने की कोशिश की है कि शहरवासियों को सुरक्षित, सुगम और जाम मुक्त जबलपुर शहर को बनाना है. प्रशासन की यह पहल शहर को नई यातायात संस्कृति की ओर ले जा रही है.
किन चौराहों पर क्या हैं हालात?
ब्लूम चौक
इस व्यस्त चौराहे पर होमसाइंस कॉलेज छोर के लेफ्ट टर्न पर क्षेत्रीय दुकान में आने वाले ग्राहकों के वाहन हर रोज पार्क कर दिए जाते हैं. उन वाहनों के कारण कई बार यहां से एबुलेंस का निकलना भी मुश्किल हो जाता है. एक लेफ्ट टर्न से सटकर ट्रांसफार्मर लगा दिया गया है, जिसके कारण वाहनों की आवाजाही परेशानी हो रही है.
तहसीली चौक
इस चौराहे से मॉडल स्कूल परिसर से लगे लेट टर्न व न्यायालय छोर के लेट टर्न दोनों ओर वाहन पार्क किए जा रहे हैं. स्कूल छोर पर तो स्ट्रीट वेंडर ठेले-टपरे जमे रहते हैं. इस कारण कार्यालयीन दिनों में इस चौराहे से होकर गुजरने वाले राहगीरों को जाम से जूझना पड़ रहा है.
तीनपत्ती चौक
नगर निगम मुख्यालय के करीब बने इस तीनपत्ती चौक के लेफ्ट टर्न पर नगर निगम की दुकानें आज तक खाली नहीं हो पाई हैं. जितनी दुकानें बनी हैं, उन दुकानों में आने वाले ग्राहक लेफ्ट टर्न पर अपने वाहन पार्क कर रहे हैं. जिसके कारण जाम के हालात निर्मित हो रहे हैं. जबकि इस चौराहा से जिला प्रशासन से लेकर नगर निगम के अधिकारियों, कर्मचारियों का प्रतिदिन आनाजाना रहता है.
आदिशंकराचार्य (छोटीलाइन) चौराहा
छोटी रेल लाइन बंद होने के बाद बने इस चौराहे को वाहन चालक जंक्शन प्वाइंट के रूप में उपयोग कर रहे हैं. यहां वाहनों की पार्किंग की जा रही है. गोरखपुर बाजार छोर पर लेट टर्न में ठेले-टपरे, गुमटियों का जमावड़ा है. इसके कारण लेट टर्न से वाहनों से आवाजाही मुश्किल होती है. जबकि इस चौराहे पर आवाजाही सुगम बनाने के लिए नगर निगम ने जमीन अधिग्रहण करने के एवज में 55 लाख रुपए खर्च किए थे.
10 चौराहों पर खोले गए लेफ्ट टर्न
जबलपुर शहर की यातायात व्यवस्था को सुगम बनाने के लिए नगर निगम के द्वारा 10 चौराहों पर लेफ्ट टर्न खोले गए थे. नगर निगम प्रशासन ने किसी जंक्शन को अतिक्रमण मुक्त करने के लिए बुलडोजर चलाया, तो कहीं जमीन अधिग्रहण करने के लिए बड़ी मुआवजा राशि वितरित की थी. लेकिन, प्रमुख चौराहों में निगम प्रशासन अपने ही खोले लेफ्ट टर्न भूल गया था और ज्यादातर चौराहों के लेफ्ट टर्न पर वाहनों की पार्किंग और दुकानें सज गईं थीं, जिन्हें खाली कराने का अभियान शुरू किया गया है.
बनाए गए थे 16 लेफ्ट टर्न
नगर निगम ने लेफ्ट टर्न तैयार करने के लिए 16 चौराहों-तिराहों के आसपास की दुकानों को तोड़कर लेफ्ट टर्न खुलवाए गए थे. इस दौरान लेफ्ट टर्न पर अवरोधक बने मकानों-दुकानों को तोड़ा गया था. इस दौरान काफी विवाद भी हुआ था. पत्थरबाजी से लेकर लाठीचार्ज तक की नौबत आ गई थी. इतनी मशक्कत के बाद जैसे-तैसे बनाए गए इन लेफ्ट टर्न में से अधिकांश लेफ्ट टर्न में फिर अवैध कब्जे हो गए हैं.
इंडियन रोड कांग्रेस के मापदंड का खुला उल्लंघन
लेफ्ट टर्न इंडियन रोड कांग्रेस के मानकों पर भी खरे नहीं उतर रहे हैं. नियम के मुताबिक किसी भी चौराहे पर लेफ्ट टर्न इस तरह बनाया जाना चाहिए कि मोड़ पर 200 मीटर से फासला साफ नजर आए. यानी वाहन जब मुड़े तो उन्हें 200 मीटर तक साफ दिखना चाहिए. बीच में कोई अवरोधक नहीं दिखना चाहिए. शहर में बनाए गए अधिकांश लेफ्ट टर्न ऐसे हैं जहां मोड़ पर 200 मीटर तो दूर 10 से 50 मीटर तक की दूरी भी साफ नजर नहीं आती है.

