नगरीय निकायों की मतदाता सूची का वार्षिक पुनरीक्षण, निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण एवं सहायक निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी नियुक्त.
Source : DB News Update
By : DB News Update | Edited By: प्रिंस अवस्थी
Chief Electoral Officer MP News: नगरीय निकाय और नगर परिषद के अंतर्गत बनाई गई मतदाता सूची की गड़बड़ी जांचने के लिए अधिकारी नियुक्त किए गए हैं. यदि किसी मतदाता का नाम काटा जाता है या फिर कहीं कोई समस्या आती है तो उसकी अपील भी की जा सकेगी. इसके लिए भी अधिकारी नियुक्त किए गए हैं. बतादें कि राज्य निर्वाचन आयोग के निर्देशानुसार 1 जनवरी 2026 की संदर्भ तिथि के आधार पर जबलपुर जिले के सभी नगरीय निकायों की फोटो मतादाता सूची के वार्षिक पुनरीक्षण के लिये कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी राघवेंद्र सिंह ने निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण एवं सहायक निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारियों की नियुक्ति की है.
किस अधिकारी को कहां की मिली जिम्मेदारी
जिला निर्वाचन कार्यालय (स्थानीय निर्वाचन) से प्राप्त जानकारी के अनुसार जिला निर्वाचन अधिकारी एवं कलेक्टर राघवेंद्र सिंह ने नगर पालिका निगम जबलपुर के वार्ड क्रमांक 1 से 18 तथा वार्ड क्रमांक 71 की फोटो मतदाता सूची के पुनरीक्षण कार्य के लिये एसडीएम गोरखपुर को निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण एवं तहसीलदार गोरखपुर को सहायक निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी नियुक्त किया है. वार्ड क्रमांक 19 से 37 तथा वार्ड क्रमांक 59, 72 और 73 के लिये प्रभारी डिप्टी कलेक्टर रघुवीर सिंह मरावी को निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण एवं प्रभारी तहसीलदार नीलिमा राजलबाल को सहायक रजिस्ट्रिकरण अधिकारी बनाया गया है.
नगर निगम जबलपुर के वार्ड क्रमांक 60 से 70 तथा वार्ड क्रमांक 75 से 79 तक का निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी एसडीएम रांझी को एवं सहायक निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी तहसीलदार रांझी को नियुक्त किया गया है. इसी प्रकार वार्ड क्रमांक 38 से 58 तथा वार्ड क्रमांक 74 की फोटो मतादाता सूची के पुनरीक्षण के लिये एसडीएम आधारताल को निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी एवं तहसीलदार आधारताल को सहायक निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी बनाया गया है.
जिले की अन्य नगरीय निकायों की फोटो मतदाता सूची के पुनरीक्षण हेतु नगर पालिका पनागर के लिये एसडीएम जबलपुर को निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी एवं तहसीलदार पनागर को सहायक निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी, नगर पालिका सिहोरा का सहायक निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी एसडीएम सिहोरा को एवं सहायक निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी तहसीलदार सिहोरा को नियुक्त किया गया है.
नगर परिषद के लिए भी निर्वाचन अधिकारी नियुक्त
नगर परिषद बरेला का निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी तहसीलदार जबलपुर को एवं सहायक निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी नायब तहसीलदार बरेला को, नगर परिषद भेड़ाघाट का निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी अतिरिक्त तहसीलदार गोरखपुर एवं सहायक निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी नायब तहसीलदार गोरखपुर को, नगर परिषद कटंगी का निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी तहसीलदार पाटन को एवं सहायक निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी नायब तहसीलदार कटंगी को, नगर परिषद पाटन का निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी तहसीलदार पाटन को और सहायक निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी नायब तहसीलदार पाटन को, नगर परिषद शहपुरा का निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी तहसीलदार शहपुरा को एवं सहायक निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी नायब तहसीलदार शहपुरा को तथा नगर परिषद मझौली की फोटो मतदाता सूची के पुनरीक्षण के लिये तहसीलदार मझौली को निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी एवं नायब तहसीलदार मझौली को सहायक निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी नियुक्त किया गया है.
अपीलीय अधिकारी भी नियुक्त
जिला निर्वाचन अधिकारी एवं कलेक्टर राघवेंद्र सिंह ने नगरीय निकायों की मतदाता सूची के वार्षिक पुनरीक्षण के लिये अपीलीय अधिकारियों को भी नियुक्त किया है. नगर निगम जबलपुर की मतदाता सूची के पुनरीक्षण हेतु अपर कलेक्टर शहर-एक जबलपुर को अपीलीय अधिकारी बनाया गया है. अपर कलेक्टर शहर-एक जबलपुर नगर पालिका पनागर एवं नगर पालिका सिहोरा के भी अपीलीय अधिकारी होंगे. जिले के शेष सभी नगरीय निकायों के अपीलीय अधिकारी संबंधित अनुविभागीय राजस्व अधिकारी को नियुक्त किया गया है.
रिकॉर्ड डिजिटलीकरण में लापरवाही पर दो पटवारी निलंबित
राजस्व विभाग की महत्वाकांक्षी योजना ‘लिगेसी रिकॉर्ड का डिजिटलीकरण’ के क्रियान्वयन में गंभीर लापरवाही बरतने पर जबलपुर जिले में बड़ी प्रशासनिक कार्रवाई की गई है. विभाग द्वारा वर्तमान में जबलपुर और नर्मदापुरम संभाग में पायलट प्रोजेक्ट के तौर पर छह प्रकार के पुराने राजस्व अभिलेखों को डिजिटल स्वरूप में परिवर्तित किया जा रहा है. योजना के नियमों के अनुसार पोर्टल पर डाटा सार्वजनिक करने से पूर्व संबंधित पटवारियों को कुल रिकॉर्ड का पांच प्रतिशत अनिवार्य रूप से सत्यापित करना होता है. इस प्रक्रिया में यह प्रावधान भी है कि यदि निर्धारित समय-सीमा में रिकॉर्ड की जांच नहीं की जाती, तो डाटा दस दिनों के भीतर स्वतः अपडेट होकर पोर्टल पर प्रदर्शित होने लगता है, जिससे त्रुटियों की संभावना बनी रहती है.
इसी महत्वपूर्ण कार्य में उदासीनता दिखाने और रिकॉर्ड की जांच न करने के कारण पाटन तहसील के पटवारी देवेंद्र पटेल और रांझी तहसील के पटवारी चंद्रशेखर चौधरी को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है. इन दोनों कर्मचारियों द्वारा डाटा चेक न किए जाने के फलस्वरूप रिकॉर्ड ऑटो अपडेट मोड पर चला गया, जिसे शासकीय कार्यों में घोर लापरवाही और वरिष्ठ कार्यालयों के आदेशों की अवहेलना माना गया है. निलंबन की अवधि के दौरान दोनों पटवारियों का मुख्यालय संबंधित तहसील कार्यालय नियत किया गया है. प्रशासन ने स्पष्ट संकेत दिए हैं कि डिजिटल इंडिया के तहत चलाए जा रहे इस महत्वपूर्ण प्रोजेक्ट में किसी भी प्रकार की शिथिलता स्वीकार नहीं की जाएगी.

