रतलाम शहर काजी का पत्र सुर्खियों में आया, पत्र में मुस्लिम युवक और युवतियों से अपील की गयी है. जबलपुर के मंदिरों व आसपास लगे पोस्टर देखकर भयभीत भक्त
By : DB News Update | Edited By: प्रिंस अवस्थी
MP News: शारदीय नवरात्रि में मंदिरों में भक्तों की भीड़ देखी जा रही है. वहीं जगह-जगह गरबे के आयोजन शुरू हो गये हैं. एक तरफ गरबा आयोजन को लेकर कहीं गौ मूत्र छिड़काव की बात कही गई तो कहीं तिलक लगाकर पंडाल में प्रवेश की बात कही जा रही है. इस बीच रतलाम शहर काजी ने मुस्लिम समाज के नाम पत्र लिखा है. वह पत्र सोशल मीडिया पर वायरल हो गया है. शहर काजी अहमद अली ने मुस्लिम युवकों से गरबा पंडालों और नवरात्रि मेले में नहीं जाने की अपील की है. वहीं जबलपुर में हिंदू सेवा परिषद को युवतियों व महिलाओं के पहनावे को लेकर आपत्ति है. परिषद ने जगह-जगह पोस्टर लगाकर गाइड लाइन जारी की है. पोस्टर पर साफ तौर पर चेतावनी लिखी हुई है. उन्होंने अपील की है कि मंदिरों में इस तरह के भद्दे कपड़े पहनकर कोई आता है तो उसके खिलाफ अपने स्तर पर कार्रवाई की जाएगी.
पत्र में ये लिखा है

पत्र में रतलाम शहर काजी ने लिखा, “रतलाम की मुस्लिम अवाम से पुरखुलूस गुजारिश है कि मुस्लिम नौजवान, मुस्लिम मां और उम्मत की बहन बेटियां नवरात्री पर्व पर न ही मेले में जाएं और न ही गरबे दखने जाएं. वक्त और हालत को मद्देनजर रखते हुए अपने घरों में रहे. बाजार और मेलों में घूमना दीन-ए-इस्लाम में जाइज नहीं है. लिहाजा ऐसे गैर दीनी मामलात से सख्ती से बचा जाये.”
गरबा आयोजकों ने जारी किया दिशा निर्देश
बता दें कि जबलपुर व भोपाल में गरबा आयोजकों ने दिशा निर्देश जारी किये हैं. गरबा पंडाल में जाने वालों को शर्तों का पालन करना होगा. दिशा निर्देश के मुताबिक गरबा स्थल पर सिर्फ सनातनी हिंदुओं को प्रवेश मिलेगा. तिलक लगाने के बाद गरबा पंडाल में एंट्री दी जायेगी. अश्लील गानों पर पूरी तरह से प्रतिबंध रहेगा.

