सीएम मोहन यादव ने सीएम योगी को लिखा था पत्र, टीकमगढ़ की पेयजल व्यवस्था को लेकर चिंतित था मध्य प्रदेश
By : DB News Update | Edited By: प्रिंस अवस्थी
MP News: टीकमगढ़ शहर की पेयजल व्यवस्था के समाधान के लिए उत्तरप्रदेश सरकार जमरार बाँध (ललितपुर, उ.प्र.) से 1.00 एम.सी.एम. जल प्रदाय किए जाने पर सहमति बन गई है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने टीकमगढ़ में सुचारू पेयजल प्रदाय सुनिश्चित करने के प्रशासन को निर्देश दिए थे। इस क्रम में उन्होंने अपनी ओर से उत्तरप्रदेश के मुख्यमंत्री को पत्र लिखकर जानकारी दी थी। मुख्यमंत्री डॉ यादव ने टीकमगढ़ में पेयजल समस्या उत्पन्न होने की जानकारी मिलते ही त्वरित कदम उठाए और उत्तर प्रदेश सरकार से संपर्क किया।
एक एमसीएम पानी देने की बनी सहमति
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने उत्तरप्रदेश के मुख्यमंत्री को पत्र में लिखा था कि “टीकमगढ़ नगर में जलापूर्ति जामनी नदी से की जाती है। ग्रीष्म ऋतु में जामनी नदी में पानी का प्रवाह कम हो जाने से तथा जामनी नदी के अप स्ट्रीम में उत्तरप्रदेश में जामनी बाँध और भौराट बाँध के निर्माण के कारण टीकमगढ़ शहर में पेयजल संकट की स्थिति उत्पन्न हो रही है। टीकमगढ़ शहर के पेयजल संकट का जमरार बाँध से 1.00 एम.सी.एम. पानी प्रदाय किए जाने की स्थिति में समाधान संभव है। अनुरोध है कि टीकमगढ़ शहर के पेयजल के लिए उत्तरप्रदेश में ललितपुर जिले में स्थित जमरार बाँध से 1.00 एम.सी.एम. जल उपलब्ध कराने के निर्देश जारी कर टीकमगढ़ शहर एवं प्रदेश की जनता को अनुग्रहित करें”। उत्तरप्रदेश के मुख्यमंत्री श्री योगी आदित्यनाथ ने मुख्यमंत्री डॉ. यादव के पत्र पर संज्ञान लिया और इस तरह टीकमगढ़ के लगभग दो लाख निवासियों को अब पेयजल समस्या का सामना नहीं करना पड़ेगा।
1973 में निर्मित हुआ था जामनी बांध
उपचुनाव मुख्यमंत्री डॉ. यादव को भेजे पत्रोत्तर में उत्तरप्रदेश के मुख्यमंत्री श्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि व्यापक जनहित को देखते हुए टीकमगढ़ के निवासियों के लिए इस माह जमरार बांध से 0.72 एम.सी.एम. जल उपलब्ध करवाया जाएगा। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि जामनी बाँध वर्ष 1973 में निर्मित हुआ था और भौरट बाँध वर्तमान में निर्माणाधीन है। इन बाँधों के कारण जामनी नदी के माध्यम से जाने वाला पानी अवरूद्ध नहीं हुआ है। टीकमगढ़ के बरीघाट स्टापडेम की जल भंडारण क्षमता पेयजल आपूर्ति के मान से कम है, इसलिए उत्तरप्रदेश सरकार ने जमरार बाँध से टीकमगढ़ के नागरिकों के लिए पेयजल व्यवस्था का निर्णय लिया है।
शहर में नहीं था पेयजल सप्लाई के लिए पानी
शहर में पेयजल सप्लाई के लिए जामनी नदी में बरीघाट पर फिल्टर प्लांट स्थापित किया गया है, जहां जलस्तर घटने के बाद शहर में पेयजल सप्लाई के लिए पानी नहीं था। ऐसी स्थिति में 17 मई से नगर पालिका परिषद टीकमगढ़ के माध्यम से पत्राचार शुरू हुआ और उत्तर प्रदेश के ललितपुर जिले में स्थित जमरार बांध से पानी नदी में छोड़े जाने की मांग तेज हुई। इसी को देखते हुए सीएम मोहन यादव ने यूपी के सीएम को पत्र लिखकर पानी छोड़ने की मांग की थी। जिस पर सीएम योगी ने एक्शन लिया है और पानी छोड़ने की सहमति बनी है।
टेंकरों से हो रही थी पानी की सप्लाई
मानसून के आने तक के लिए टीकमगढ़ में पीने के लिए पानी नहीं था। ऐसे में, नगर पालिका परिषद दो टैंकरों के माध्यम से शहर में पानी सप्लाई कर रही थी, जो 27 वार्डों के लिए ऊंट के मुंह में जीरा समान साबित हो रहा था।
ऐसे में पानी के टैंकर के पहुंचने पर क्षेत्र में विवाद होता था। सीएमओ की मानें तो शाम करीब 7 बजे बरीघाट डैम के समीप पानी पहुंचा है। अब शहर में फिल्टर करने के बाद नियमित रूप से पानी की सप्लाई नलों के माध्यम से की जाएगी।
वर्षों पुरानी बनी हुई है समस्या
बुंदेलखंड क्षेत्र के अंतर्गत टीकमगढ़ आता है, जहां लंबे समय से पानी की समस्या लंबे समय से बनी हुई है। गर्मियों में यह समस्या और गंभीर हो जाती है और कई जगहों पर हफ्तों से लेकर महीनों तक बनी रहती है। यहां के लोग टैंकर या हैंडपंप पर निर्भर रहते हैं। बताया जा रहा है कि टीकमगढ़ में पानी की समस्या नई नहीं है, बल्कि हर साल दोहराने वाली और कई दिनों और महीनों तक चलने वाली समस्या है। जिसे खत्म करने के लिए यूपी सरकार की मदद लेना अनिवार्य है।

