उपमुख्यमंत्री ने शहरों की ट्रैफिक व्यवस्था सुधारने के लिए नगर निगम और पुलिस मिलकर प्रयास करने के निर्देश दिए
Source : DB News Update
By : DB News Update | Edited By: प्रिंस अवस्थी
MP News, रीवा. कलेक्ट्रेट सभागार में कानून व्यवस्था तथा यातायात व्यवस्था की समीक्षा के दौरान उप मुख्यमंत्री राजेन्द्र शुक्ला कोरेक्स और अन्य नशीले पदार्थ पर लगाम लगाने के लिए अधिकारियों को निर्देश देते नजर आए. उन्होंने पुलिस अधिकारियों को रात्रिकालीन गश्त बढ़ाने के भी आदेश दिए. उन्होंने चिंता जताते हुए कहा कि कोरेक्स, गांजा तथा अन्य नशीले पदार्थ पूरी युवा पीढ़ी को बर्बाद कर रहे हैं. इसका जिले में प्रवेश रोकने के लिए सीमाओं पर कड़ी जाँच करें. कोरेक्स के मूल स्रोतों पर चोट करें. एनडीपीएस एक्ट की तरह नशे के विरूद्ध कड़े वैधानिक प्रावधान बनाने के लिए पड़ोसी राज्यों से भी अनुरोध किया जाएगा. शराब की अवैध बिक्री कड़ी कार्रवाई करें जिससे दोबारा इस कार्य को करने की कोई हिम्मत न कर सके।
अपराधियों की कमर तोड़ने कठोर कदम उठाएं
उप मुख्यमंत्री ने कहा कि अपराधियों की कमर तोड़ने के लिए कठोर कदम उठाएं। रीवा शहर में यातायात व्यवस्था में सुधार की आवश्यकता है। यातायात को ठीक किए बिना शहर का सौन्दर्य नहीं बढ़ेगा। यातायात पुलिस तथा नगर निगम मिलकर यातायात व्यवस्था को सुधारने का प्रयास करें। आटो के लिए स्थान निर्धारित करें। पार्किंग तथा ठेले वालों के लिए स्थान तय करें। आटो यूनियन के साथ बैठक करके उनसे भी ट्रैफिक व्यवस्था में सुधार के संबंध में सुझाव लें। व्यवस्थाएं ठीक करने के साथ नियमों का उल्लंघन करने वालों पर कार्रवाई भी करें।
बैठक में आईजी श्री एमएस सिकरवार ने जिले की कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए की जा रही कार्रवाईयों की जानकारी दी। नगर निगम के अध्यक्ष श्री व्यंकटेश पाण्डेय, कमिश्नर श्री गोपालचन्द्र डाड, डीआईजी श्री साकेत प्रकाश पाण्डेय सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी और स्थानीय जन-प्रतिनिधि उपस्थित रहे।
डिप्टी सीएम के निर्देश पर पुलिस की कार्रवाई एक नजर में
रीवा पुलिस ने कोरेक्स (नशीली कफ सिरप) और अन्य नशीले पदार्थों पर लगाम लगाने के लिए पिछले कुछ समय में कई ठोस कदम उठाए हैं। इन्हें समझने के लिए प्रमुख कार्यों को व्यवस्थित तरीके से देखें:
1. विशेष अभियान चलाए गए
“ऑपरेशन प्रहार” और “प्रहार 2.0” जैसे अभियान चलाकर नशे के खिलाफ व्यापक कार्रवाई
पूरे संभाग में एक साथ छापेमारी अभियान
थाना स्तर पर विशेष टीमों का गठन
उद्देश्य: नशे के नेटवर्क को जड़ से खत्म करना
2. कोरेक्स और कफ सिरप पर सख्ती
Corex जैसी कफ सिरप की अवैध बिक्री पर रोक
मेडिकल स्टोर्स की जांच और बिना प्रिस्क्रिप्शन बिक्री पर कार्रवाई
बड़ी मात्रा में कोरेक्स की खेप जब्त
खास बात: कोडीन युक्त सिरप युवाओं में नशे के रूप में ज्यादा इस्तेमाल हो रहा था
3. तस्करों के खिलाफ कार्रवाई
अंतरराज्यीय गिरोहों पर शिकंजा (जैसे उत्तर प्रदेश से सप्लाई)
कार, बाइक और अन्य माध्यमों से ले जाए जा रहे नशे की बरामदगी
कई मामलों में आरोपियों की गिरफ्तारी और नेटवर्क का खुलासा
4. अन्य नशीले पदार्थों पर भी कार्रवाई
गांजा, स्मैक, टैबलेट आदि की जब्ती
NDPS एक्ट के तहत केस दर्ज
नियमित चेकिंग और नाकाबंदी
5. तकनीकी और खुफिया निगरानी
संदिग्ध गतिविधियों पर खुफिया इनपुट के आधार पर रेड
सप्लाई चैन (कहां से आ रहा, कहां जा रहा) पर नजर
हॉटस्पॉट इलाकों की पहचान
6. आंतरिक निगरानी और जवाबदेही
पुलिसकर्मियों पर भी नजर रखने के निर्देश
लापरवाही या मिलीभगत पर कार्रवाई की चेतावनी
7. जागरूकता और सामाजिक पहल
स्कूल–कॉलेज में नशा विरोधी जागरूकता अभियान
लोगों से अपील: नशे की जानकारी पुलिस को दें
परिवारों को भी सतर्क रहने की सलाह
रीवा पुलिस के ऐक्शन का असर
रीवा पुलिस ने अभियान चलाकर एक्शन-ओरिएंटेड रणनीति अपनाई है। कोरेक्स जैसे नशे पर विशेष फोकस किया जा रहा है।
- तस्करी नेटवर्क पर लगातार दबाव बनाया
- युवाओं में बढ़ती नशे की लत को गंभीर सामाजिक समस्या बताया
- Corex जैसी दवाओं के गलत इस्तेमाल पर चिंता जताई
- प्रशासन से ऐसे पदार्थों की बिक्री और वितरण पर सख्ती बढ़ाने की मांग
- समाज और परिवारों से भी जागरूकता बढ़ाने की अपील
सामाजिक मुद्दा बनाने की जरूरत
कोरेक्स जैसे कफ सिरप में कोडीन (Codeine) होता है, जो मेडिकल उपयोग में सीमित मात्रा में सुरक्षित है, लेकिन इसका दुरुपयोग नशे के रूप में किया जा रहा है। इससे लत लग सकती है, मानसिक और शारीरिक स्वास्थ्य पर बुरा असर पड़ता है, युवाओं का भविष्य प्रभावित होता है। इसके लिए मेडिकल स्टोर्स पर सख्त निगरानी, बिना प्रिस्क्रिप्शन बिक्री पर रोक, स्कूल-कॉलेज स्तर पर जागरूकता अभियान और नशा मुक्ति कार्यक्रमों को बढ़ावा देना उचित रहेगा।

