टीएमसी सांसद अभिषेक बनर्जी ने कहा कि अगर किसी को लगता है कि ईवीएम में गड़बड़ी हो सकती है तो चुनाव आयोग को बताओ, सिर्फ बयानबाजी से काम नहीं चलेगा.
By : DB News Update | Edited By : प्रिंस अवस्थी
INDIA Alliance On EVM: ईवीएम के मुद्दे पर इंडिया गठबंधन दो खेमों में बंटता नजर आ रहा है. जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला के बाद गठबंधन के दूसरे नेता ने ईवीएम पर भरोसा जताया है और सहयोगी दलों को सीख भी दी है. तृणमूल कांग्रेस ने सोमवार (16 दिसंबर) को ‘ईवीएम से छेड़छाड़’ पर जारी बहस के बीच सहयोगी कांग्रेस से खुद को अलग कर लिया. पार्टी के वरिष्ठ नेता अभिषेक बनर्जी ने पार्टी से ‘कुछ बयान देने’ के बजाय ‘चुनाव आयोग को सबूत दिखाने’ के लिए कहा.
टीएमसी महासचिव अभिषेक बनर्जी ने कहा की मुझे नहीं लगता कि ईवीएम में किसी तरह कोई गड़बड़ी हो सकती है क्योंकि मैंने जितना चुनाव लड़ा है और देखा है उसमें ऐसी कोई गड़बड़ी सामने नहीं, अगर फिर भी किसी को लगता है कि किसी तरह गड़बड़ी हो सकती है तो चुनाव आयोग के सामने बताना चाहिए सिर्फ बयान दे देने से सही नहीं है. उन्होंने ये भी कहा कि अगर आप बूथ पर ढंग से कम करेंगे तो मुझे नहीं लगता किसी तरह की गड़बड़ी हो सकती है.
और क्या बोले अभिषेक बनर्जी?
वरिष्ठ टीएमसी नेता ने कहा, “यह मेरी निजी राय है कि जो लोग ईवीएम पर सवाल उठा रहे हैं, उन्हें चुनाव आयोग को इसकी विसंगतियों का डेमो दिखाना चाहिए. उन्हें (सबूत के तौर पर) कोई भी वीडियो चुनाव आयोग को दिखाना चाहिए. चुनाव आयोग ने सभी को बुलाया भी है.” बनर्जी ने कहा कि यदि कोई ईवीएम रैंडमाइजेशन के दौरान अच्छा काम करता है, तो ईवीएम में हेरफेर के आरोप सत्य नहीं हैं, यहां तककि बूथ कार्यकर्ता भी मॉक पोल के दौरान इन ईसीएम का सत्यापन करते हैं.
उमर अब्दुल्ला ने भी नकारे थे आपोप
इससे पहले जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने ईवीएम के इस्तेमाल पर अपनी सहयोगी कांग्रेस के आपत्ति जताने के आरोप को नकारते हुए कहा, “अगर आपको ईवीएम से समस्या है तो आपको उन समस्याओं पर लगातार काम करना चाहिए.” उन्होंने कहा, “आप जीतते समय चुनाव परिणाम स्वीकार नहीं कर सकते और हारते समय ईवीएम को दोष नहीं दे सकते.”

