वेद शास्त्री छात्र NEET-PA प्रवेश परीक्षा पास करके साढ़े 7 साल के इंटीग्रेटेड BAMS कोर्स में दाखिला ले सकेंगे. केंद्रीय संस्कृत विश्वविद्यालय ने सस्कृत विषय से 10वीं पास करने के बाद आयुर्वेदिक डॉक्टर बनने के नए रास्ते खोले हैं.
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Written By : DB News Update | Edited By: प्रिंस अवस्थी
BAMS Admission 2026: वेदपाठी संस्कृत विद्वानों के लिए एक अच्छी खबर निकलकर सामने आई है. केन्द्रीय संस्कृत विश्वविद्यालय अब संस्कृत पढ़ने वाले विद्यार्थियों को अब डॉक्टर बनाने जा रहा है. यदि कोई संस्कृत विषय से पढ़ाई करने वाला विद्यार्थी डॉक्टर बनने की इच्छा रखता है तो उसके लिए यह अच्छा मौका है. क्योंकि केंद्रीय संस्कृत विश्वविद्यालय (CSU) ने शैक्षणिक सत्र 2026-27 के लिए प्री-आयुर्वेद (NEET-PA) प्रवेश परीक्षा की घोषणा की है. इस परीक्षा के जरिए छात्र आयुर्वेदिक डॉक्टर बनने की पढ़ाई शुरू कर सकते हैं. इससे न केवल संस्कृत विषय को बढ़ावा मिलेगा. बल्कि संस्कृत विषय से पढ़ाई करने वाले छात्र भी अपने नाम के सामने डॉ. लिख सकेंगे और मरीजों का आयुर्वेद पद्धति से इलाज कर सकेंगे.
एमपी के आयुर्वेद महाविद्यालयों में मिल सकता प्रवेश
आयुर्वेद महाविद्यालय जबलपुर सहित मध्य प्रदेश के सभी महाविद्यालयों में बीएएमएस की सीट में इजाफा किया गया है. यदि संस्कृप पढ़ने वाले विद्यार्थी NEET-PA क्वालिफाइड कर लेते हैं तो उन्हें इन महाविद्यालय की खाली सीटों पर प्रवेश मिल सकता है. मध्य प्रदेश के विद्यार्थियों के लिए यह सुनहरा मौका साबित हो सकता है.
10वीं के बाद सीधे BAMS में प्रवेश का मौका
यहां बतादें कि केंद्रीय संस्कृत विश्वविद्यालय संस्कृत के विद्यार्थियों को एक नया मौका देने जा रहा है, जिसके अंतर्गत नया इंटीग्रेटेड प्री-आयुर्वेद कार्यक्रम शुरू किया है. इस कोर्स में प्रवेश लेने के लिए छात्रों को NEET-PA नाम की प्रवेश परीक्षा देनी होगी. परीक्षा में सफल होने के बाद छात्र आयुर्वेद गुरुकुल में पढ़ाई कर सकेंगे और आगे चलकर BAMS की डिग्री हासिल कर लेंगे, जिससे वे आयुर्वेद पद्धति से इलाज कर सकेंगे.
साढ़े 7 साल में पूरा होगा डॉक्टर का कोर्स
संस्कृत के विद्यार्थी यदि बीएएमएस का पूरा कोर्स करना चाहते हैं तो उनकी कुल अवधि 7.5 साल रहेगी. इसमें पहले 2 साल प्री-आयुर्वेद गुरुकुलम की पढ़ाई होगी. इसके बाद 4.5 साल का BAMS कोर्स कराया जाएगा. आखिर में 1 साल की अनिवार्य इंटर्नशिप करनी होगी. इसके बाद छात्र आयुर्वेदिक डॉक्टर के रूप में अपना करियर शुरू कर सकते हैं.
किसे मिलेगा बीएमएमएस में आवेदन का मौका
इस प्रवेश परीक्षा के लिए वही छात्र आवेदन कर सकेंगे जिन्होंने किसी मान्यता प्राप्त बोर्ड, राज्य संस्कृत बोर्ड या उसके समकक्ष बोर्ड से 10वीं पास की हो. सामान्य वर्ग के छात्रों के कम से कम 50 प्रतिशत अंक होने चाहिए. वहीं SC, ST, OBC और दिव्यांग वर्ग के उम्मीदवारों के लिए न्यूनतम 40 प्रतिशत अंक निर्धारित किए गए हैं.
आयु सीमा के लिए ये हैं मापदण्ड
बीएएमएस के लिए आवेदन करने वाले उम्मीदवारों के लिए 31 दिसंबर 2026 तक कम से कम 15 वर्ष और अधिकतम 25 वर्ष की आयु निर्धारित की गई है. विश्वविद्यालय ने साफ किया है कि किसी भी वर्ग के उम्मीदवार को आयु सीमा में छूट नहीं दी जाएगी.
कब से शुरू होंगे आवेदन?
विश्वविद्यालय द्वारा जारी आदेश के अनुसार ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया जुलाई 2026 के तीसरे सप्ताह से शुरू होगी. प्रवेश परीक्षा अगस्त के अंतिम सप्ताह या सितंबर के पहले सप्ताह में देशभर के तय परीक्षा केंद्रों पर आयोजित की जाएगी.
NEET-PA के लिए कैसे होगी प्रवेश परीक्षा?
NEET-PA परीक्षा ऑफलाइन OMR शीट पर होगी. परीक्षा का समय ढाई घंटे यानी 150 मिनट निर्धारित किया गया है. इसमें कुल 120 बहुविकल्पीय प्रश्न पूछे जाएंगे. हर सही उत्तर के लिए 1 अंक मिलेगा. हलांकि किसी भी गलत उत्तर पर नेगेटिव मार्किंग नहीं होगी. परीक्षा संस्कृत, हिंदी और अंग्रेजी तीन भाषाओं में आयोजित की जाएगी.
NEET-PA का कैसा रहेगा सिलेबस
विश्वविद्यालय द्वारा परीक्षा के लिए सिलेबस भी जारी किया गया है. इसमें संस्कृत साहित्य, व्याकरण, दर्शन, पुराण, इतिहास और भारतीय ज्ञान परंपरा (IKS) से जुड़े विषय शामिल किए गए हैं. इन विषयों के आधार पर ही प्रश्न पूछे जाएंगे.
NCISM से मिली मंजूरी
यह पूरा कार्यक्रम राष्ट्रीय भारतीय चिकित्सा पद्धति आयोग (NCISM) से मान्यता प्राप्त है. इसी साल केंद्रीय संस्कृत विश्वविद्यालय और NCISM ने आयुर्वेद गुरुकुलों को जोड़ने के लिए एक विशेष पोर्टल भी शुरू किया था. अब प्रवेश परीक्षा की घोषणा के साथ इस नई व्यवस्था को लागू किया जा रहा है.

