पांचवें टी20 मैच में इंग्लैंड ने भारत को 56 रनों से हरा दिया है. साथ ही इंग्लैंड ने 5 मैचों की सीरीज भी 4-0 से अपने नाम कर ली.
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Written By : DB News Update | Edited By: प्रिंस अवस्थी
IND vs ENG 5th T20: पांचवीं टी20 सीरीज जीतने के साथ ही इंग्लैंड ICC टी20 रैंकिंग में नंबर-1 का ताज हासिल कर लिया है. टीम इंडिया का अब दबदबा खत्म हो गया है. इग्लैंड ने भारत को पांचवें टी20 मैच में 56 रनों से हराया है. इसी के साथ इंग्लैंड 5 मैचों की इस सीरीज पर 4-0 से कब्जा कर लिया है. अब इंग्लैंड टी20 में दुनिया की नंबर-1 टीम बन गई है. साउथैम्पटन में खेले गए इस मुकाबले में इंग्लैंड ने 257 रन बनाए थे. जवाब में भारत की पूरी टीम 201 रन पर ढेर हो गई.
सीरीज के अंतिम मुकाबले में वैभव सूर्यवंशी को बाहर बिठाने के बावजूद भारतीय टीम कुछ खास नहीं कर पाई और प्लेइंग इलेवन में शामिल किए गए संजू सैमसन ने भी निराश किया. भारतीय टीम की गेंदबाजों ने अपना हुनर दिखाने में कामयाब नहीं रहे, जिसकी बदौलत इंग्लैंड 257 रन ठोक डाले. निर्धारित लक्ष्य का पीछा करने उतरे सैमसन 14 गेंद में 27 रन ही बना सके. वहीं सलामी बल्लेबाज अभिषेक शर्मा लगातार तीसरे मैच में फ्लॉप साबित हुए.
ईशान-तिलक की पारी भी नहीं आई काम
ईशान किशन ताबड़तोड़ बल्लेबाजी करते हुए 56 रन और तिलक वर्मा की 53 रनों की अर्धशतकीय पारी जरूर खेली. लेकिन टीम इंडिया के लिए यह पारी काम नहीं आई. क्योंकि सामने टारगेट बहुत बड़ा था इंग्लैंड के लिए जोस बटलर ने 64 गेंद में 131 रनों की शानदार शतकीय पारी खेली थी, वहीं कप्तान हैरी ब्रूक 95 रन बनाकर नाबाद लौटे. भारतीय गेंदबाज प्रिंस यादव, अक्षर पटेल, शिवम दुबे और सूर्यांश शेडगे की गेंदों को इन बल्लेबाजों ने जमकर पिटाई की. बता दें कि इस सीरीज में भारत को 4 हार झेलनी पड़ीं, जो एक टी20 सीरीज या टूर्नामेंट में टीम इंडिया को मिली सबसे ज्यादा हार हैं.
शर्मनाक प्रदर्शन के प्रमुख कारण
- इंग्लैंड के खिलाफ टी20 सीरीज के पहले मैच में संजू सैमसन खेले, लेकिन अगले में उन्हें ड्राप कर दिया गया और वैभव सूर्यवंशी का डेब्यू करवाया गया. जबकि जानकारों का कहना था कि इंग्लैंड के सामने उतारने से पहले आयरलैंड में वैभव का डेब्यू करवा देना चाहिए था. इससे टॉप बल्लेबाजों में इनसिक्योरिटी भी आई कि जो तेज नहीं खेलेगा, वैभव उसकी जगह खेलेगा. तेज खेलने की कोशिश में संजू सैमसन, अभिषेक शर्मा, ईशान किशन, सभी पहली गेंद से हावी होने की कोशिश की. ये उन्हीं पिच पर फ्लॉप हुए, जिस पर इंग्लैंड के बल्लेबाज खूब रन बना रहे थे. भारतीय बल्लेबाजों ने मौसम को ध्यान में रखा ही नहीं, बस एक ही अप्रोच से खेले कि हर गेंद पर प्रहार करना है. जबकि कंडीशन के हिसाब से साझेदारी करना महत्वपूर्ण था. भारतीय बल्लेबाज तेजी से रन बनाने के कारण ज्यादातर कैच आउट हुए.
- बल्लेबाजों के क्रम में लगातार बदलाव होता रहा. पहले मैच में संजू-अभिषेक ने ओपनिंग बल्लेबाजी के लिए मैदान में आए. फिर 3 मैचों में वैभव-अभिषेक ने और अंतिम में वैभव को ड्राप कर दिया गया. चलो यहां तो फिर भी समझ आता है, लेकिन मिडिल ओवरों में बेवजह बदलाव करना भारी पड़ गया. तिलक वर्मा ने इस फॉर्मेट में तीसरे नंबर पर खेलते हुए 2 शतक लगाए, लेकिन उन्हें निचले क्रम में भेज दिया गया. तब भी उनका स्थान पक्का नहीं रहा, कभी वह पांचवें तो कभी छठे नंबर पर बल्लेबाजी करने आए. वहीं शिवम दुबे को कभी ऊपर भेजा गया, तो कभी नीचे. मध्य क्रम के बल्लेबाज भी इंग्लैंड के गेंदबाजों के जाल में फंसते हुए नजर आए. हमारे ऑलराउंडर इस सीरीज में पूरी तरह फ्लॉप रहे, वह न गेंद और न ही बल्ले से कमाल कर पाए.
- जब एक टीम प्लेइंग 11 में हर मैच के बाद बदलाव करती है तो दिखता है कि उस पर कितना दबाव है. लगभग हर मैच के बाद गेंदबाजी इकाई में बदलाव होते रहे. प्रिंस यादव, जिन्होंने आयरलैंड में डेब्यू मैच में 3 विकेट लिए उन्हें इंग्लैंड में पहले मैच में बेवजह ड्राप कर दिया गया. वाशिंगटन सुंदर ड्राप हुए, फिर आए और फिर ड्राप कर दिए गए. ऐसा लगा कि कोच, कप्तान और मैनेजमेंट पूरी तरह से कन्फ्यूज है. जबकि कई दिग्गजों का मानना है कि हमें 5 प्रॉपर गेंदबाजों के साथ उतरना चाहिए था, उन पर भरोसा करना चाहिए था.
- इंग्लैंड में खेली गई इस सीरीज में स्पिनर्स के लिए यहां की पिच मददगार रही. इंग्लैंड के स्पिनर्स ने जहां इस सीरीज में कुल 10 विकेट लिए, वहां भारत के स्पिनर्स सिर्फ 3 ही विकेट ले पाए. अक्षर पटेल ने पांचवें टी20 में 4 ओवरों में 63 रन लुटाए, कोई विकेट नहीं ले सके. वाशिंगटन सुंदर भी फ्लॉप रहे.
- दुनिया की नंबर-1 टीम फील्डिंग के मामले में फ्लॉप साबित हुई. इंग्लैंड के खिलाफ हुई इस सीरीज में देखा गया कि कई मिसफील्ड, कैच ड्राप हुए, जिससे मैच में निराशा का माहौल निर्मित हुआ. मैदान के अंदर वो चुस्ती-फुर्ती भी नजर नहीं आई. बॉडी लैंग्वेज भी ऐसी नजर आई कि हमने पहले ही हार मान ली थी.
पांचवें टी20 में टूटे 5 बड़े रिकॉर्ड
- जोस बटलर ने कप्तान हैरी ब्रूक के साथ मिलकर दूसरे विकेट के लिए 233 रनों की साझेदारी की. ये टी20 इंटरनेशनल क्रिकेट में किसी भी विकेट के लिए तीसरी सबसे बड़ी साझेदारी है.
- बटलर-ब्रूक की शानदार पारी की मदद से इंग्लैंड ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 20 ओवरों में 3 विकेट खोकर 257 रन बनाए. ये टी20 इंटरनेशनल में भारत के खिलाफ सबसे बड़ी पारी है, इससे पहले भी ये रिकॉर्ड इंग्लैंड के नाम था.
- जोस बटलर ने 64 गेंदों में 131 रन बनाए, जो भारत के खिलाफ टी20 इंटरनेशनल में किसी भी बल्लेबाज की सबसे बड़ी पारी है. इससे पहले ये रिकॉर्ड वेस्टइंडीज के एविन लुईस के नाम था, जिन्होंने 2017 में 125 रन बनाए थे. बटलर ने ये रिकॉर्ड अपने नाम किया.
- जोस बटलर ने 131 रनों की इस पारी में 12 चौके और 8 छक्के जड़े. वह इंटरनेशनल क्रिकेट में सबसे ज्यादा छक्के लगाने वाले विकेटकीपर बल्लेबाज बन गए हैं, उन्होंने एमएस धोनी को पीछे छोड़ दिया है. बटलर के 360 इंटरनेशनल छक्के हो गए हैं, धोनी ने अपने इंटरनेशनल करियर में 359 छक्के लगाए थे.
- एक रिकॉर्ड श्रेयस अय्यर ने भी बनाया. वह लगातार सबसे ज्यादा टॉस जीतने वाले भारतीय कप्तान बन गए हैं, उन्होंने एमएस धोनी की बराबरी की. धोनी ने 2010 से 2012 के बीच लगातार 7 बार टॉस जीते थे. आयरलैंड दौरे पर खेले गए दोनों मैचों के बाद इंग्लैंड के खिलाफ पांचों मैचों में टॉस श्रेयस अय्यर ने ही जीता था, लेकिन कोई भी मैच जीत नहीं पाए.
ICC रैंकिंग में बादशाहत खत्म
भारतीय क्रिकेट टीम 2022 में आईसीसी रैंकिंग में नंबर-1 टी20 टीम बनी थी. इसके बाद भारत का इस फॉर्मेट में दबदबा कायम रहा, 2024 और 2026 में टी20 वर्ल्ड कप जीता. लेकिन अब लगातार 6 मैचों में मिली हार के बाद भारत की बादशाहत खत्म हो गई. टीम इंडिया पहले से दूसरे स्थान पर पहुंच गई है, इंग्लैंड नई नंबर-1 टीम बन गई है.
सीरीज हारने के बाद क्या बोले कप्तान?
सीरीज हारने के बाद श्रेयस अय्यर ने कहा, “इंग्लैंड के खिलाफ इस सीरीज से बहुत कुछ सीखने को मिला. जैसे हालात, समझ और उनके हिसाब से खुद को ढालना. यह सबसे अच्छी पिच थी जिस पर हमने खेला. बल्लेबाजी में हमारा अप्रोच अलग था. पहले मैच से ही हालात बदलते रहे. एक प्रोफेशनल के तौर पर हमें हालात को समझना होगा और उनके हिसाब से ढलना होगा.”

