दक्षिण यूपी प्रयागराज से विदर्भ नागपुर की दूरी कम करने के उद्देश्य से बनाई जाएगी हाई स्पीड चलने वालों के लिए नई सड़क, रीवा-लखनादौन सड़क से दूसरे छोर पर बनाने का प्लॉन
By : DB News अपडेट | Edited By : प्रिंस अवस्थी
NATIONAL HIGH SPEED corridor : दक्षिण यूपी प्रयागराज से जबलपुर होते हुए विदर्भ नागपुर तक स्पीड कॉरीडोर बनाने की तैयारी नेशनल हाइवे अथॉरिटी ने प्रारंभ कर दी है. करीब 3500 करोड़ रुपये की लागत से प्रयागराज से नागपुर तक बनने वाले हाई स्पीड कॉरिडोर की डीपीआर पर काम एनएचएआई के द्वारा किया जा रहा है, प्रारंभिक रूप से सैटेलाइट इमेज से बनी डिटेल प्रोजेक्ट रिपोर्ट की कॉपी एनएचएआई (नेशनल हाईवे अथॉरिटी) के पास पहुंच चुकी है, क्योंकि इस प्रोजेक्ट को बनाने में सैटेलाइट इमेज का इस्तेमाल ज्यादा करने की चर्चा है. सैटेलाइट इमेज के आधार पर नया हाई स्पीड हाइवे एनएच-30 से बिल्कुल हटकर बनाया जाएगा, जिसकी न केवल एनएच-30 से काफी दूरी रहेगी, बल्कि प्रयागराज से नागपुर तक का यह हाई स्पीड कॉरिडोर बिल्कुल सीधा भी हो जाएगा.
NH -30 से वाहनों का दबाव हो जाएगा कम
प्रयागराज से नागपुर की दूरी तो कम होगी. इसके साथ ही NH -30 पर वाहनों का दबाव भी कम हो जाएगा. लिहाजा प्रयागराज से रीवा की ओर आने वाले हाई स्पीड कॉरिडोर का अलाइनमेंट शुरुआत से ही बदले जाने की संभावना जताई जा रही है, जिससे कटनी शहर इस कॉरिडोर से कट सकता है.
समय और ईंधन बचत के उद्देश्य से बनेगा हाईवे
हाई स्पीड कॉरिडोर से कई नए मार्ग जुड़ें होंगे, लेकिन वर्तमान फोरलेन से बिल्कुल अलग एलाइनमेंट में इनका निर्माण होगा. इस हाई स्पीड कॉरिडोर के बनने से लोगों के समय और ईंधन की बचत होगी साथ ही हाइवे पर दुर्घटना कम होने की संभावना जताई जा रही है. इस हाईवे के निर्माण को लेकर मंथन शुरू है, लेकिन जमीनी हकीकत प्रोजेक्ट लॉन्च होने के बाद ही पता चल सकेगी.
जबलपुर रिंग रोड से जुड़ेगा हाई स्पीड कॉरिडोर
एनएचएआई के सूत्रों से पता चला है कि हाई स्पीड कॉरिडोर का निर्माण एनएच-30 से बिल्कुल अलग होगा और यह कॉरिडोर कटनी की ओर से आते हुए बरेला छोर की रिंग रोड से जुड़ जाएगा और मानेगांव होते हुए सिवनी-नागपुर की ओर निकल जाएगा. हालांकि डीपीआर का खुलासा एनएचएआई के अिधकारी नहीं कर रहे हैं, लेकिन प्रयागराज से नागपुर तक का मैप देखने के बाद नए हाईवे का अलाइनमेंट कुछ इसी प्रकार से फिट बैठ रहा है.
हाई स्पीड कॉरिडोर के यहां से गुजरने की संभावना
नागपुर से प्रयागराज सड़क मार्ग दूरी 635 किमी है, इस दूरी को तय करने में वाहन चालकों को 12 घंटे का समय लगता है. इसी दूरी को कम करने के लिए एलाइनमेंट में फेरबदल किया जा रहा है. लिहाज प्रयागराज से रीवा होते हुए कैमोर कटनी की ओर से गुजर सकता है. कटनी के दूसरे छोर से होते हुए जबलपुर रिंग रोड बरेला छोर की ओर जोड़े जाने की संभावना है. हालांकि राजनीति से जुड़े लोग स्पीड कॉरिडोर के अलाइनमेंट में फेरबदल करा देते हैं, लेकिन मैप के आधार पर हाई स्पीड कारिडोर का अलाइनमेंट कुछ इसी प्रकार से बनता दिख रहा है.
किस उद्देश्य से बनाया जा रहा है
- > हाई स्पीड कॉरिडोर ट्रैफिक को सुगम बनाने के उद्देश्य से तैयार हो रहा है.
- > उद्योग, व्यापार और पर्यटन स्थलों को जोड़ने का भी मकसद है.
- > धार्मिक स्थलों को विकसित करने के उद्देश्य से इन्हें एक मुख्य सड़क से जोड़ा जाना है.
- > सड़क हादसों में कमी लाने का भी उद्देश्य छिपा है.
- > एनएच-30 के वाहनों का दबाव भी कम करने के उद्देश्य से इस नए हाईवे का निर्माण किया जाना है.

