पहलगाम आतंकी हमला 22 अप्रैल, 2025 को हुआ, जिसमें 26 लोगों की मौत हो गई थी, इनमें 25 टूरिस्ट थे.
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By : DB News Update | Edited By: प्रिंस अवस्थी
Omar Abdullah Meets PM Modi: पहलगाम आतंकी हमले के बाद पहली बार जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से शनिवार (03 अप्रैल, 2025) को मुलाकात की है. ये मुलाकात प्रधानमंत्री आवास पर हुई और करीब आधे घंटे तक चर्चा हुई. सूत्रों के मुताबिक, मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला प्रधानमंत्री मोदी के साथ सिंधु जल संधि को स्थगित किए जाने और इसके प्रभाव पर भी चर्चा की है, जिसका सबसे अधिक असर जम्मू-कश्मीर पर पड़ेगा. दोनों नेताओं के बीच हमले के बाद उभरती स्थिति पर भी चर्चा हुई.
मीडिया सूत्रों के अनुसार बताया जा रहा है कि जम्मू-कश्मीर के सीएम ने प्रधानमंत्री को पहलगाम हमलों के बाद जम्मू-कश्मीर की स्थिति और पर्यटकों तथा पर्यटन उद्योग के लिए स्थिति को स्थिर करने के लिए किए जा रहे प्रयासों के बारे में जानकारी दी. सीएम ने आतंकवाद के खिलाफ युद्ध और पाकिस्तान के आतंकी शिविरों/बुनियादी ढांचे पर किसी भी हमले के खिलाफ समर्थन की पुष्टि की.
पीएम आवास पर हुई अहम बैठक
सीएम उमर अब्दुल्ला और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की खास बैठक पीएम आवास पर हुई है. ये बैठक पांच-सात मिनट तक चली है. इसमें पहलगाम हमले को लेकर चर्चा हुई है. साथ ही वर्तमान स्थिति को शांतिपूर्ण बनाने पर भी बात हुई है.
26 पर्यटकों को मारी थी सरेआम गोली
जम्मू-कश्मीर के पहलगाम के पास बैसरन घाटी में 22 अप्रैल को अचानक आतंकवादी हमला हुआ था. इसमें 26 पर्यटकों को आतंकवादियों ने गोली मार दी थी और करीब 20 से अधिक लोग घायल हो गए थे. आतंकवादियों ने सभी पर्यटकों को धर्म पूछकर गोली मारी थी. इस मामले ने बहुत तूल पकड़ ली थी.
विधानसभा सत्र में भावुक नजर आए थे सीएम
पहलगाम हमले के बाद बुलाए गए जम्मू कश्मीर विधानसभा के विशेष सत्र में सीएम उमर अब्दुल्ला भावुक नजर आए थे. उन्होंने कहा कि उनके पास इस घटना पर माफी मांगने के लिए शब्द नहीं हैं. सूबे का मुख्यमंत्री और टूरिज्म मिनिस्टर होने के नाते मैंने उन टूरिस्टों को कश्मीर आने की दावत दी थी, लेकिन मैं उनको सही सलामत वापस नहीं भेज सका.
उमर ने कहा कि इस हमले ने हमें अंदर तक खोखला कर दिया है. विधानसभा में उमर ने हमले में मारे गए सभी 26 टूरिस्टों के नाम पढ़कर उन्हें श्रद्धांजलि दी. उमर ने कहा था कि उन लोगों के दुख दर्द को इस विधानसभा से ज्यादा कोई दूसरी विधानसभा या संसद नहीं समझ सकती.
केंद्र के फैसले का समर्थन
केंद्र सरकार के फैसले का समर्थन करते हए जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने सोमवार को कहा था कि उनकी सरकार आतंकवाद के खिलाफ लोगों के अभियान को मजबूत करेगी. क्योंकि आतंक को केवल जनता के सहयोग से ही हराया जा सकता है. अब्दुल्ला ने आगाह किया कि सरकार को ऐसा कोई कदम उठाने से बचना चाहिए, जिससे जनता अलग-थलग पड़ जाए. मुख्यमंत्री ने पहलगाम आतंकी हमले की निंदा करने के लिए सदन में प्रस्ताव पर हुई चर्चा को समाप्त करते हुए कहा कि आतंकवाद या उग्रवाद तभी खत्म होगा जब लोग हमारे साथ होंगे. आतंकवाद के खिलाफ लोगों के आक्रोश को देखते हुए, अगर हम उचित कदम उठाते हैं तो यह आतंक के खात्मे की शुरुआत है.
‘आतंक को जनता के सहयोग से हराया जा सकता’
उल्लेखनीय है कि आतंकी हमले के बाद केंद्र सरकार का समर्थन करते हए जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री ने कहा था कि उनकी सरकार आतंकवाद के खिलाफ जनअभियान को मजबूत करेगी, क्योंकि आतंक को केवल जनता के सहयोग से ही हराया जा सकता है. इतना ही नहीं उन्होंने विधानसभा के विशेष बैठक में यह भी कहा था कि ऐसे वक्त में जम्मू-कश्मीर के लिए पूर्ण राज्य का दर्जा मांगना अनुचित होगा.

