फाल्गुन माह में गृह प्रवेश के साथ मांगलिक कार्यक्रम भी हो जाते हैं प्रारंभ, क्योंकि शुक्र ग्रह उदय हो चुके हैं ऐसे में अब समस्त मांगलिक कार्य का आरंभ हो गए हैं.
Source : DB News Update
By : ज्योतिषाचार्य पंडित प्रदीप मिश्रा | Edited By: प्रिंस अवस्थी
Griha Pravesh Muhurat 2026: हिंदू धर्म की मान्यता के अनुसार गृह प्रवेश, विवाह, व्रतबंध सहित सभी मांगलिक कार्यक्रम शुक्र ग्रह के उदय होने के पश्चात ही प्रारंभ होते हैं. जिससे जीवन में खुशहाली और एनर्जी बनी रहे. हिंदू संस्कृति के अनुसार नया घर बनाने के बाद गृह प्रवेश का कार्यक्रम भी घर में एनर्जी बनाने के उद्देश्य से किया जाता है, जिससे परिवार और रिश्तों में खुशियां अपार बनी रहें. क्योंकि किसी भी मकान का स्ट्रक्चर, इंटीरियर डिजाइन और पेंट करने से घर में रौनक नहीं आती है. उस मकान में प्रवेश करने से पहले पूजन और अनुष्ठान करने के बाद ही घर के अंदर एक प्रकार की पॉजिटिव एनर्जी समाहित होती है. घर के अंदर प्रवेश करने से पहले हवन-पूजन करने से आध्यात्मिक एनर्जी का आभाष होता है. यदि आप भी नया मकान बनाया है और गृह प्रवेश करना चाहता हैं तो आइए 2026 में गृह प्रवेश कब और कैसें करें?
परिवार की खुशियों से जुड़ा होता है गृह प्रवेश कार्यक्रम
यहां बताना जरूरी है कि गृह प्रवेश का कार्यक्रम परिवार की खुशियों से जुड़ा होता है. इसलिए जब भी गृह प्रवेश का मन बनाएं तो सबसे पहले अपने पुरोहित से शुभ मुहूर्त और समय निश्चत कर लें और उसके बाद भी गृह प्रवेश का कार्यक्रम आयोजित करें. जिससे जीवन में किसी प्रकार की कठिनाइयों का सामना न करना पड़े.
जानें गृह प्रवेश के लिए मुहूर्त
दिनांक दिन समय
6 फरवरी 2026 शुक्रवार रात 12:23 से रात 01:18 (7 फरवरी)
11 फरवरी 2026 बुधवार सुबह 09:58 से सुबह 10:53
19 फरवरी 2026 गुरुवार रात 08:52 से सुबह 06:55 (20 फरवरी)
20 फरवरी 2026 शुक्रवार सुबह 06:55 से दोपहर 02:38
21 फरवरी 2026 शनिवार दोपहर 01:00 से शाम 07:07
25 फरवरी 2026 बुधवार रात 02:40 से सुबह 06:49 (26 फरवरी)
26 फरवरी 2026 गुरुवार सुबह 06:49 से दोपहर 12:11
होलाष्टक मानने वाले विशेष ध्यान रखें
ज्योतिष शस्त्र के अनुसार फरवरी माह के इन 7 गृह प्रवेश मुहूर्त बताए गए हैं. लेकिन 26 फरवरी के गृह प्रवेश में होलाष्टक की छाया पड़ रही है. गृह प्रवेश के मुहूर्त में किसी प्रकार का दोष नहीं है. लेकिन जो लोग होलाष्टम मानते हैं या फिर गृह प्रवेश के तुरंत बाद होली का त्योहार नहीं मनाते हैं. उनके लिए फरवरी माह का अंतिम 26 फरवरी को पड़ने वाला गृह प्रवेश मुहूर्त वर्जित है. हलांकि गृह प्रवेश में होली के त्योहार को लेकर किसी प्रकार की भ्रांति नहीं है. फिर भी कई बार विद्वान लोग टोका-टिप्पणी कर देते हैं. जिससे गृह प्रवेश करने वाले व्यक्ति के मन में शंका-कुशंका घर कर जाती है और जब भी किसी बुरे दौर से गुजर रहे होते हैं तो गृह प्रवेश मुहूर्त पर दोष मढ़ने लगते हैं.
गृह प्रवेश के क्या हैं नियम
- गृह प्रवेश से पहले पेंट, लकड़ी का काम, फिटिंग्स और फर्नीचर तैयार होने के बाद ही घर की पूजा कराना चाहिए.
- गृह प्रवेश की पूजा से पहले घर को साफ़-सुथरा रखें. पुराना फर्नीचर या कचरा हटा दें.
- घर के आसपास स्वच्छता बनाए रखें, जिससे पॉजिटिव एनर्जी बढ़ती है.
- गृह प्रवेश प्रक्रिया करने से पहले घर के हर कोने में कपूर और धूप जला देना चाहिए. इससे घर में सकारात्मक ऊर्जा बनी रहती है.
- गृह प्रवेश के दिन शंख –घड़ियाल जरूर बजाएं और घर में वेद मंत्रों का उच्चारण विद्वान ब्राह्मणों द्वारा कराएं.
- वास्तु शास्त्र के अनुसार ही मुख्य द्वार और पूजा घर बनवाना चाहिए. इसे पहले से सुनिश्चित कर लें.
- गृह प्रवेश की पूजा के पहले भारी फर्नीचर शिफ्ट नहीं करना चाहिए.
- गृह प्रवेश से 3 दिन पहले तक घर को खाली हीं छोड़ना चाहिए.
- परिवार में किसी की मृत्यु हो गई हो या फिर गर्भावस्था की स्थिति में पूजा नहीं करना चाहिए.
- वास्तु शास्त्र का पालन करने वालों के घर में सुख-समृद्धि और शांति बनी रहती है. साथ ही, धन और वंश में वृद्धि होती है.
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