खाद्य सुरक्षा सुनिश्चित करने रेस्टारेंट संचालकों के लिये कलेक्टर द्वारा निर्देशिका जारी, अनिवार्य रूप से पालन करने के निर्देश दिये हैं.
Source : DB News Update
By : DB News Update | Edited By: प्रिंस अवस्थी
Civil Supplies & Protection MP: रेस्टारेंट संचालकों से किचिन में खाद्य सुरक्षा और मानक अधिनियम, 2006 के अन्तर्गत अनुसूची-4 के अनुरूप स्वच्छता पर विशेष ध्यान देने कहा गया है. रेस्टारेंट संचालकों से कहा गया है उन्हें कर्मचारियों की स्वच्छता और हाईजीन प्रेक्टिस पर भी ध्यान देना होगा. कर्मचारियों द्वारा ग्लब्स, हेड कवर, एप्रिन का निरंतर प्रयोग किया जाये यह सुनिश्चित करने कहा गया है.
कलेक्टर राघवेंद्र सिंह के निर्देशानुसार खाद्य सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिये अपनाये जाने वाले उपायों तथा सावधानियों को लेकर खाद्य सुरक्षा प्रशासन के अभिहित अधिकारी और मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ संजय मिश्रा ने जिले में स्थित सभी रेस्टारेंट संचालकों के लिये निर्देशिका जारी की है तथा इसका अनिवार्य रूप से पालन करने के निर्देश दिये हैं.
इन पर ध्यान देने के निर्देश
- निर्देशिका में स्पष्ट किया गया है कि रेस्टारेंट की फर्श, दीवारें तथा छत साफ, चिकने तथा आसानी से साफ होने की स्थिति में हों.
- बर्तन तथा उपकरणों की नियमित सफाई सुनिश्चित करने हेतु क्लीनिंग शेड्यूल बनाकर उसका अनिवार्यतः पालन किया जाए.
- रेस्टारेंट के किचिन का ड्रेनेज सिस्टम साफ तथा पानी को अबाध रूप से बहाने वाला हो.
- खाद्य पदार्थो के निर्माण में गुणवत्तापूर्ण अवयवी पदार्थ यथा खाद्य तेल, अनाज, सब्जियां, मसाले, पनीर आदि का ही उपयोग करने की हिदायत निर्देशिका में दी गई है.
- अवयवी खाद्य पदार्थों का उपयोग करने से पूर्व लेबल पर अंकित पैकेजिंग की तारीख और अवसान तिथि का भली भांति अवलोकन.
- अवसान तिथि व्यतीत हो चुके पैकेट्स का तत्काल निस्तारण करने के निर्देश भी दिये गये हैं, ताकि किसी भी परिस्थिति में उनका उपयोग भोजन निर्माण में न हो.
2006 अधिनियम के प्रावधानों के तहत होगी कार्रवाई
निर्देशिका में रेस्टारेंट संचालकों को चेतावनी भी दी गई है कि खाद्य सुरक्षा अधिकारियों के निरीक्षण के दौरान परिसर में अवसान तिथि व्यतीत हो चुके पैकेटस् की उपस्थिति को उपयोग होने की श्रेणी में माना जाकर खाद्य सुरक्षा और मानक अधिनियम, 2006 के प्रावधानों के अन्तर्गत विधिक कार्रवाई की जायेगी.
न्यूज पेपर आदि का उपयोग न किया जाये
निर्देशिका में कहा गया है कि भोजन निर्माण के दौरान प्रिंटिड पेपर्स का उपयोग सर्वथा वर्जित है. इसे ध्यान में रखते हुये रेस्टारेंट में भोजन पकाने अथवा संग्रहित करने की प्रक्रिया में न्यूज पेपर आदि का उपयोग न किया जाये. वेज एवं नॉन-वेज का संग्रहण पृथक-पृथक पात्रों अथवा फ्रीजर में करने, वेज एवं नॉन-वेज को पकाने हेतु पृथक-पृथक बर्तनों का उपयोग करने के निर्देश भी रेस्टारेंट संचालकों को दिये गये हैं.
नॉन-वेज आदि का संग्रहण निर्दिष्ट तापमान पर भण्डारण किया जाए
नॉन-वेज, पनीर, दही, दूध, प्री-कुक्ड फूड आदि का संग्रहण निर्दिष्ट तापमान में करने तथा स्वच्छ परिवेश में खाद्य पदार्थों का भंडारण करने और इनका उपयोग फर्स्ट इन फर्स्ट आउट का पालन करते हुये किये जाने के निर्देश भी दिए गये हैं. इसी के साथ ही स्टोर एवं किचिन को कीट आदि से मुक्त रखने हेतु नियमित पेस्ट कंट्रोल कराया जाने, कर्मचारियों का नियमित स्वास्थ्य परीक्षण कराने तथा संक्रामक बीमारी से ग्रस्त कर्मचारियों को भोजन निर्माण के कार्यों में संयोजित नहीं करने के निर्देश भी दिये गये हैं. रेस्टारेंट संचालकों से कहा गया उनके प्रतिष्ठान में संयोजित कर्मचारियों में से कम से कम एक प्रशिक्षित कर्मचारी को अनिवार्य रूप से संयोजित किया जाये.
हानिकारक प्रभावों को प्रदर्शित करने वाले पोस्टर लगाएं
रेस्टारेंट संचालकों एवं खाद्य पदार्थों के विक्रेताओं को अधिक मात्रा में तेल तथा मैदा से होने वाले हानिकारक प्रभावों को प्रदर्शित करने वाले पोस्टर अपने प्रतिष्ठान में लगाने के निर्देश भी दिये गये हैं.
जबलपुर की किसी भी रेस्टॉरेंट पर नहीं हो रहा पालन
शासन के दिशा-निर्देशों का पालन किसी भी रेस्टॉरेंट, होटल में खाद्य सुरक्षा और मानक अधिनियम का पालन नहीं किया जा रहा है. कहीं भी कर्मचारियों की स्वच्छता और हाईजीन प्रेक्टिस पर ध्यान नहीं दिया जा रहा है. उपभोक्ताओं से सुरक्षित खाद्य सामग्री के नाम से मोटी रकम जरूर वसूली जा रही है. रेस्टॉरेंट संचालकों के लिए शासन स्तर पर अब दिशा-निर्देश तो जारी किए गए हैं. लेकिन इन निर्देशों का जमीनी स्तर पर अमल भी होना बहुत जरूरी है. क्योंकि कभी स्टॉफ की कमी तो कभी लंबे समय तक लैब परीक्षण के नाम पर रेस्टॉरेंट संचालकों को छूट मिल जाती है.

