नक्शलियों को देखती रह गई भीड़, जान से मारने की मिल चुकी थी धमकी, भंडारी मारुड़बाका गांव के रहने वाले थे तथा वर्तमान में बीजापुर में रह रहे थे.
Source : DB News Update
By : DB News Update| Edited By : प्रिंस अवस्थी
CG. Bijapur News: छत्तीसगढ़ की नक्शल समस्या खत्म होने का नाम नहीं ले रही है. आए दिन नक्सलियों द्वारा किसी न किसी को मौत के घाट उतारा जा रहा है. अभी हाल ही में नक्सल प्रभावित बीजापुर जिले में नक्सलियों ने बड़ी वारदात को अंजाम दिया है. नक्सलियों ने शनिवार को कांग्रेस के एक स्थानीय नेता की धारदार हथियार से हत्या कर दी. कांग्रेस के एक स्थानीय नेता और पूर्व उपसरपंच तिरुपति भंडारी की हत्या के बाद इलाके में दहशत का माहौल है. हत्या की जानकारी मिलते ही स्थानीय पुलिस मौके पर पहुंची और मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी.
गांव में घुसकर की हत्या
मामले की जानकारी देते हुए पुलिस अधिकारियों ने बताया कि तिरुपति भंडारी की हत्या धारदार हथियार से की गई है. अधिकारियों ने बताया कि उसूर गांव में नक्सलियों ने तिरुपति भंडारी की हत्या की है. अधिकारियों ने बताया कि शनिवार दोपहर लगभग चार बजे कुछ हथियारबंद लोग उसूर गांव पहुंचे और वहां सार्वजनिक वितरण प्रणाली की दुकान में चावल बांटने के दौरान तिरुपति भंडारी की हत्या कर दी. इस प्रकार की वारदात से पूरे क्षेत्र में दहशत का माहौल है. लोग डरे सहमे हैं. इन पर किसी का जोर भी नहीं चल रहा है.
स्थानीय लोगों से हो रही है पूछताछ
अधिकारियों ने बताया कि घटना को अंजाम देने के बाद हमलावर वहां से फरार हो गए. उन्होंने बताया कि भंडारी मारुड़बाका गांव के रहने वाले थे तथा वर्तमान में बीजापुर में रह रहे थे. अधिकारियों ने बताया कि घटना की सूचना मिलने के बाद पुलिस दल को घटनास्थल के लिए रवाना किया गया और शव को बरामद कर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया. इसके बाद उनका शव परिजनों को सौंपा जाएगा. लेकिन उनकी यह मौत कई सवालों को जन्म देकर जा रही है.
स्थानीय लोगों से पुलिस कर रही है पूछताछ
अधिकारियों ने बताया कि नक्सलियों ने घटना को अंजाम देने के बाद मौके से फरार हो गए. उन्होंने बताया कि भंडारी मारुड़बाका गांव के रहने वाले थे, लेकिन कई दिनों से बीजापुर में रह रहे थे. जहां उनकी हत्या हुई है. अधिकारियों ने बताया कि घटना की सूचना मिलने के बाद पुलिस दल को घटनास्थल के लिए रवाना किया गया और शव को बरामद कर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया. उन्होंने बताया कि पुलिस घटना के संबंध में आसपास के लोगों से पूछताछ कर रही है.
पहले भी नक्सलियों ने दी थी धमकी
स्थानीय लोगों ने बताया कि नक्सलियों ने तिरुपति भंडारी को पहले भी धमकी दी थी. बीजापुर समेत सात जिलों वाले नक्सल प्रभावित बस्तर संभाग में जनवरी 2023 से अप्रैल 2024 के बीच अलग-अलग घटनाओं में नौ भाजपा नेताओं की हत्या कर दी गई थी. इन हत्याओं का जिम्मेदार कौन है? और नक्सली क्यों हत्या कर रहे हैं? सरकार इस पर कड़ा एक्शन क्यों नहीं ले रही है? ऐसे कई सवाल इस घटना के बाद से किए जा रहे हैं.
नक्सल विरोधी अभियान
छत्तीसगढ़ में नक्सल विरोधी अभियान चल रहा है. नक्सल विरोधी अभियान के तहत छत्तीसगढ़ में सुरक्षाबल के जवान लगातार कार्रवाई कर रहे हैं. शनिवार को नारायणपुर में नक्सलियों के बारूंदी सुरंग की चपेट में आने से आईटीबीपी के दो जवान शहीद हो गए थे. इसके बाद भी नक्शलबाद को खत्म नहीं हो पा रहे हैं. इन पर कड़े एक्शन के साथ आधुनिक हथियारों से लैस होकर कार्रवाई करने की जरूरत है. तभी ऐसी वारदात पर लगाम लग सकती है.
छत्तीसगढ़ में नक्सलियों का एनकाउंटर
छत्तीसगढ़ पुलिस का कहना है कि 4 अक्तूबर को राज्य के नक्सल प्रभावित दंतेवाड़ा-नारायणपुर जिले की सीमा पर हुई मुठभेड़ में 38 नक्सली मारे गए थे. अधिकारियों ने बताया कि शुक्रवार को सुरक्षाबलों और नक्सलियों के बीच हुए मुठभेड़ में 31 नक्सलियों के शवों को बरामद किया गया था. वहीं दूसरी तरफ नक्सलियों ने ये स्वीकार किया है कि उनके केवल 7 नक्सली ही मारे गए हैं. जबकि अधिकारियों का कहना है कि इस हमले में 38 नक्सली मारे गए थे. साथ ही मारे गए सभी 38 नक्सलियों की पहचान कर ली गई है. इन्हें भी अंजाम तक पहुंचाया जा सकता है.

