पश्चिम मध्य रेलवे के अंतर्गत गोसलपुर स्टेशन पर रेलवे एवं राष्ट्रीय आपदा मोचन बल टीम ने संयुक्त मॉक ड्रिल का अभ्यास किया. गोसलपुर में दुर्घटना होने की सूचना पर तीव्र गति से बचाव कार्य में रेलवे ने प्रस्तुत की मिसाल
Source : DB News Update
By : DB News Update | Edited By: प्रिंस अवस्थी
Mock Drill Explained: एमपी जबलपुर-कटनी रूट गोसलपुर स्टेशन पर ट्रेन के डिब्बे अचानक पटरी से उतर गए, जिसके कारण कई यात्री गंभीर रूप से घायल हो गए हैं और घायल यात्री मदद की गुहार लगा रहे हैं. गंभीर रूप से घायल यात्रियों को तत्काल अस्पताल पहुंचाया जा रहा है, जहां उनका उपचार अस्पताल में शुरू हो गया है. दरअसल आज 10 फरवरी को पश्चिम मध्य रेलवे के अंतर्गत जबलपुर रेल मंडल के गोसलपुर स्टेशन में कि. मी. 1017/30-33 के बीच गाड़ी क्रमांक 01089 डाउन कोचिंग स्पेशल के लोको पायलट ने 18.55 बजे सूचना दी कि उनकी ट्रेन के तीन कोच तीव्र झटके के साथ अचानक पटरी से उतर गए हैं, प्रेशर जीरो हो गया है. कई यात्री गंभीर रूप से घायल हैं घटनास्थल पर हाहाकार मची है तुरंत मेडिकल सहायता की आवश्यकता है यह सूचना मिलते ही जबलपुर के रेलवे कंट्रोल ऑफिस में खतरे के सायरन बजे जिससे तुरंत दुर्घटना रिलीफ मेडिकल वेन, रिलीफ ट्रेन भेजी गई.
फुल स्केल मॉक ड्रिल का हुआ अभ्यास
उक्त दुर्घटना रेलवे की वास्तविक दुर्घटना ना होकर रेल प्रशासन द्वारा अपने सभी विभागों की जागरूकता और तत्परता को परखने के लिए आयोजित एक मॉक ड्रिल का हिस्सा थी. जो कि रेलवे में जानमाल की क्षति की रोकथाम एवं आपातकालीन परिस्थितियों में रेलवे एवं राज्य सरकार की आपदा प्रबन्धन एजेसियों के प्रति जागरुकता व सजगता को परखने हेतु राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (NDRF) बटालियन एवं रेलवे विभाग की टीम द्वारा “संयुक्त फुल स्केल मॉक ड्रिल अभ्यास का आयोजन था. इसके अंतर्गत काल्पनिक दुर्घटना का घटनाक्रम दर्शाया गया एवं घटना से निपटने के लिए विभिन्न विभागों द्वारा अपने कर्मचारियों का कौशल दक्षता जांचने हेतु NDRF बटालियन की टीम के साथ रेलवे से होने वाली आपदाओं से किस तरह तीव्र गति से निपटा जाए इसका संयुक्त अभ्यास किया गया.
29 यात्री घायल और एक की मृत्यु की खबर
प्रमुख मुख्य संरक्षा अधिकारी प्रवीन खोराना एवं मंडल रेल प्रबंधक जबलपुर कमल कुमार तलरेजा के मार्गदर्शन में इस संयुक्त अभ्यास के अंतर्गत काल्पनिक गाड़ी से 01089 डाउन के 03 कोच अवपथित होकर एक दूसरे के ऊपर चढ़ना दर्शाया गया व 29 यात्रियों के घायल एवं 01 की मृत्यु की सम्भावना व्यक्त की गई. जिसकी सूचना प्राप्त होने पर सभी विभागों के अधिकारी दुर्घटना राहत गाड़ी से घटना स्थल पर पहुंचे. साथ-साथ एनडीआरएफ, एसडीआरएफ, सिविल डिफेंस एवं रेलवे कर्मियों द्वारा बोगियों में फँसे यात्रियों एवं शवों को निकालने व चिकित्सा मुहैया कराने आकस्मिक चिकित्सा कक्ष बनाकर अभ्यास किया गया, ऑपरेशन के पश्चात इस घटना को रात्रि 21:45 बजे मॉक ड्रिल घोषित किया गया.
घटना स्थल पर स्थानीय प्रशासनिक एवं पुलिस के अधिकारी एवं दल बल के साथ घटना स्थल पर पहुंचे एवं आवश्यक सुरक्षा कानून व्यवस्था प्रदान कर राहत कार्य में सहयोग किया.

यात्री सहायता डेस्क लगाए गए
घटनास्थल की जानकारी एवं राहत हेतु रेलवे कंट्रोल ऑफिस, जबलपुर, सिहोरा, गोसलपुर आदि स्टेशनों पर यात्री सहायता डेस्क भी लगाए गए थे. इसके साथ ही आपातकालीन आपदा प्रबन्धन से जुड़ी एजेन्सी जैसे एनडीआरएफ, नागरिक सुरक्षा, फायर ब्रिगेड, चिकित्सा एजेन्सी, सिविल पुलिस इत्यादि भी अभ्यास में सम्मिलित हुए. मॉक ड्रिल के इस अभ्यास में एनडीआरएफ की टीम का नेतृत्व जबलपुर कंपनी के डिप्टी कमांडेट श्री रवि सिंह द्वारा किया गया.
घटना स्थल पर तुरंत पहुंचे अधिकारी
मॉक ड्रिल अभ्यास में रेलवे के संरक्षा विभाग, यान्त्रिक विभाग, कर्षण विभाग विभाग, अभियांत्रिकी विभाग, वाणिज्य विभाग, रेलवे सुरक्षा बल, चिकित्सा विभाग, कार्मिक विभाग एवं स्काउट गाइड के सदस्यों एवं रेल अधिकारियों व कर्मचारियों ने भाग लिया एवं इस आयोजन पर मंडल रेल प्रबंधक कमल कुमार तलरेजा, अपर मंडल रेल प्रबंधक सुनील टेलर एवं कंट्रोल ऑफिस में एडीआरएम आनंद कुमार, वरिष्ठ मंडल वाणिज्य प्रबंधक डॉ. मधुर वर्मा, वरिष्ठ मंडल संरक्षा अधिकारी अमित कुमार साहनी के साथ ही अन्य शाखा अधिकारी सहित अनेक अधिकारी बड़ी संख्या में घटना स्थल पर एवं अन्य अधिकारियों द्वारा रेलवे कंट्रोल कक्ष जबलपुर में उपस्थित थे.
इस आयोजन का उद्देश्य रेलवे एवं राज्य सरकार की आपदा के समय आपदा प्रबंधन से जुड़ी टीमों की सजगता, सतर्कता एवं समय पालन को परखना एवं पाये गए दोषों एवं कर्मियों को सुधारना है.

