मां नर्मदा की महाआरती में शामिल हुए मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव एवं केंद्रीय मंत्री जगत प्रकाश नड्डा, नर्मदा जयंती पर होने वाले आयोजनों की भी शुरुआत हुई.
Source : DB News Update
By : DB News Update | Edited By: प्रिंस अवस्थी
Madhya Pradesh News: नर्मदा जन्मोत्सव के पूर्व बसंत पंचमी आज 23 जनवरी को शाम मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव और केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री जगत प्रकाश नड्डा मध्य प्रदेश जबलपुर नर्मदा तट गौरीघाट पहुंचे और वहां मां नर्मदा जी की महाआरती में शामिल हुये. नर्मदा महाआरती प्रतिदिन के अपने निर्धारित समय ठीक शाम 7 बजे ओंकार ध्वनि से प्रारंभ हुई. मुख्यमंत्री डॉ यादव ने नर्मदा महाआरती करने के साथ ही प्रदेश में नर्मदा जयंती पर होने वाले आयोजनों की शुरुआत भी कर दी. इसके पूर्व मुख्यमंत्री कन्यादान योजना और रानी दुर्गावती कालीन बाबड़ी का भी अवलोकन किया था.
स्वस्तिवाचन से गूंज उठे नर्मदा घाट
नर्मदा महाआरती के पहले मुख्यमंत्री डॉ यादव एवं केंद्रीय मंत्री नड्डा ने स्वस्ति-वाचन और श्लोकों की गूंज के बीच पूरे विधि-विधान से पुरोहितों की मौजूदगी में मॉं नर्मदा की पूजा-अर्चना की. उन्होंने माँ नर्मदा का दुग्धाभिषेक कर दीपदान भी किया. मुख्यमंत्री डॉ यादव ने इस अवसर पर प्रदेश वासियों को नर्मदा जयंती और गणतंत्र दिवस की अग्रिम बधाई दी और माँ नर्मदा से प्रदेश की खुशहाली और समृद्धि की कामना की.
नर्मदा महाआरती में इनकी रही उपस्थिति
नर्मदा महाआरती में केंद्रीय मंत्री श्री नड्डा की धर्मपत्नी श्रीमती मल्लिका नड्डा, लोक निर्माण मंत्री राकेश सिंह, सांसद आशीष दुबे, महापौर जगत बहादुर सिंह अन्नू, विधायक अशोक रोहाणी एवं डॉ अभिलाष पांडे, भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश महामंत्री राहुल कोठारी, प्रदेश भाजपा के कोषाध्यक्ष अखिलेश जैन, भाजपा के नगर अध्यक्ष रत्नेश सोनकर, ग्रामीण अध्यक्ष राजकुमार पटेल, मध्यप्रदेश पर्यटन विकास निगम के पूर्व अध्यक्ष विनोद गोंटिया, पूर्व निःशक्तजन आयुक्त दीपांकर बैनर्जी, संदीप जैन मौजूद थे
रोड शो में शामिल हुए सीएम और केंद्रीय मंत्री
माँ नर्मदा की महाआरती में शामिल होने के पहले मुख्यमंत्री डॉ यादव एवं केंद्रीय मंत्री श्री नड्डा गौरीघाट झंडाचौक से घाट तक रोड शो भी किया. रोड शो में सड़क के दोनों ओर खड़े जनसमूह ने पुष्प वर्षा कर उनका स्वागत किया. मुख्यमंत्री एवं केंद्रीय मंत्री ने प्रत्युत्तर में हाथ हिलाकर सभी का अभिवादन किया.

जल मंदिर के रूप में स्थापित बाबड़ी का अवलोकन
शहर प्रवास के दौरान केंद्रीय मंत्री जगतप्रकाश नड्डा एवं मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव उजार पुरवा स्थित जल मंदिर (बाबड़ी) पहुंचे, जहाँ उन्होंने इस नये रूप को देखकर प्रशंसा की. इस अवसर पर केंद्रीय मंत्री श्री नड्डा एवं मुख्यमंत्री डॉ मोहन को लोक निर्माण मंत्री राकेश सिंह ने बाबड़ी के इतिहास के साथ उसके जीर्णोद्वार के विषय में बताया. मंत्री श्री सिंह ने बताया कि माँ रानी दुर्गावती के शासनकाल से ही जबलपुर को विरासत के रूप कई जल संरचनाएँ मिली है जिनमे ताल, तलैया, बाबड़ी का निर्माण रानी दुर्गावती ने कराया था, जल की इन समृद्ध विरासत को बचाने के लिए गढ़ा एवं उजारपुरवा स्थित प्राचीन दो बाबड़ी को स्वच्छ एवं सुंदर बनाने का कार्य किया, इसकी सफाई में कार्यकर्ताओ ने श्रमदान किया और इसके बाद इन्हे प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की प्रेरणा से जल मंदिर के रूप में स्थापित किया गया, आज इनका जल स्वच्छ और निर्मल है और अब इनमे कचरा नहीं फेंका जाता. केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा एवं मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ने जल संरक्षण के इन प्रयासों की सरहाना की.

121 नवदम्पत्तियों को दिया आशीर्वाद
संस्कारधानी जबलपुर का गैरिसन ग्राउंड शुक्रवार को एक ऐतिहासिक और भावुक पल का साक्षी बना, जहां मुख्यमंत्री कन्यादान योजना (Mukhyamantri Kanyadan Vivah Yojana) के अंतर्गत 121 जोड़ों का सामूहिक विवाह संपन्न हुआ. बसंत पंचमी के पावन मुहूर्त पर आयोजित इस भव्य समारोह में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव विशेष रूप से शामिल हुए. मुख्यमंत्री ने न केवल नवविवाहित जोड़ों और उनके परिजनों पर पुष्पवर्षा कर उन्हें आशीर्वाद दिया, बल्कि जोड़े को योजना अंतर्गत सांकेतिक चेक भेंट कर उनके सुखद भविष्य की नींव भी रखी. इस अवसर पर केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा ने भी नवदम्पत्तियों को आशीर्वाद दिया और सभी नवयुगलों को मंगलमय दांपत्य जीवन की शुभकामनाएं प्रेषित करते हुए कहा कि आपका वैवाहिक जीवन मंगलमय हो, समाज के काम आये और देश के हित में काम करें.
इस आयोजन की सबसे बड़ी विशेषता यहाँ देखने को मिला सांप्रदायिक सौहार्द रहा, जहाँ एक ही मंडप के नीचे 118 हिंदू जोड़ों का वैदिक रीति-रिवाज से विवाह और 3 मुस्लिम जोड़ों का निकाह संपन्न कराया गया. मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने इस एकता की सराहना करते हुए कहा कि आज का यह दिन समाज के लिए एक मिसाल है, जहाँ विभिन्न धर्मों के लोग एक साथ नए जीवन की शुरुआत कर रहे हैं. उन्होंने सभी जोड़ों से देश और समाज के विकास में अपनी भागीदारी सुनिश्चित करने की अपेक्षा की.
कार्यक्रम का शुभारंभ विप्र मंडली द्वारा किए गए वैदिक स्वस्तिवाचन और पारंपरिक दीप प्रज्वलन के साथ हुआ. जैसे ही वर-वधुओं ने एक-दूसरे को वरमाला पहनाई, मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने उन पर फूलों की वर्षा कर पूरे माहौल को उत्सवमय बना दिया. इस दौरान विवाह की खुशी में झूमते परिजनों के नृत्य ने समारोह की रौनक और बढ़ा दी. मुख्यमंत्री ने स्वयं जोड़ों के पास जाकर उनसे संवाद किया और आयोजन की व्यवस्थाओं के बारे में जानकारी ली.

