सूर्य के रोहिणी नक्षत्र में प्रवेश करते ही नौतपा की शुरुआत हो जाती है. इस साल 25 मई से 3 जून 2025 तक नौतपा रहेगा.
By : डीबी न्यूज अपडेट | Edited By : प्रिंस अवस्थी
Source : DB News Update
Nautapa 2025:नौ दिनों तक जाे तपाए वह नवतपा कहलाता है. इन दिनों सेहत का विशेष ख्याल रखने के लिए कहा जाता है. डॉक्टर तो स्पष्ट निर्देश देते हैं कि खाली पेट कोई भी व्यक्ति न रहे. लेकिन इसी दौरान कई तीज-त्योहार भी रहते हैं. उस दौरान व्रत रखे जाते हैं. पूजा-पाठ भी चलते रहते हैं. ऐसे में व्रती को खाली पेट रहना ही पड़ता है.
शास्त्रों के अनुसार नौतपा के समय कुछ कार्यों को न करने की सलाह दी गई है. नौतपा में ये काम स्वास्थ्य और धार्मिक दृष्टिकोण से शुभ नहीं माने जाते हैं. इसलिए यह जान लीजिए कि नौतपा के 9 दिनों में कौन से 9 काम करने से बचना चाहिए. ज्येष्ठ माह के 9 दिन ऐसे होते हैं, जब सूर्य की तपिश या गर्मी चरम पर होती है. इसे ही नौतपा या नवतपा कहा जाता है. इस साल नौतपा की शुरुआत 25 मई से हो रही है जो कि 3 जून 2025 तक रहेगी. इस समय सूर्य रोहिणी नक्षत्र में रहते हैं और सूर्य की किरणें सीधे धरती पर पड़ती है. जिससे तपन महसूस होती है. नवतपा में खाली पेट रहने वालों को विशेष ध्यान देने की जरूरत है.
इन कामों से बचना चाहिए
- नौतपा के दौरान अत्यधिक तेल-मसाले युक्त भोजन करने से बचना चाहिए.
- इस समय बैंगन खाने की भी मनाही होती है.
- इन दिनों में मांसहार भोजन से भी परहेज करें.
- नौतपा के दौरान शुभ कार्य भी नहीं करने चाहिए. इस समय शादी-विवाह, मुंडन, गृह प्रवेश जैसे मांगलिक कार्यों को टाल देना ही उचित रहता है.
- नौतपा में आंधी-तूफान की संभावना ज्यादा रहती है. इसलिए लंबी दूरी की यात्रा भी इस दौरान न करें.
- सूर्य की तेज किरणों का बच्चों की सेहत का बुरा असर पड़ता है. इसलिए दोपहर के समय बच्चों को घर से बाहर न भेंजे और खुद भी दोपहर के भोजन के बाद कुछ समय विश्राम करें.
- नौतपा के दौरान अगर घर पर कोई जरूरतमंद कुछ मांगने के लिए आ जाए तो इसे खाली हाथ वापिस न भेंजे.
- सामर्थ्यनुसार आप अपने हाथों से कुछ न कुछ चीजों का दान जरूर करें.
- नौतपा का संबंध सूर्य से होता है. इसलिए इस दौरान सूर्य से संबंधित चीजें जैसे- गेहूं, गुड़, सोना, माणिक्य, तांबा, लाल वस्त्र, घी, केसर आदि जैसी चीजों का अनादर न करें.
नौतपा में क्या न करें?
- इस समय विवाह जैसे मांगलिक कार्यों से बचना चाहिए और यात्राओं में सावधानी बरतनी चाहिए.
- अनावश्यक रूप से बाहर न निकलें, खासकर दोपहर में. इस समय सूर्य की किरणें सेहत पर बुरा असर डाल सकती हैं.
- नौतपा के 9 दिन मांसाहार, शराब और तीखे खाद्य पदार्थों से परहेज करें, ये शरीर में गर्मी बढ़ाते हैं.
- यह समय आत्मनियंत्रण और धैर्य का है. नकारात्मक भावनाएं मानसिक अशांति का कारण बन सकती हैं.
- इसके अलावा, नौतपा के दौरान अगर कोई व्यक्ति आपके दरवाजे पर कुछ मांगने आए, तो उसे खाली हाथ न लौटाएं. अपने सामर्थ्य अनुसार कुछ न कुछ दान अवश्य करें.
- ना जाता है कि इसका शुभ फल आपको जरूर मिलता है.
- नौतपा में सूर्य की कृपा कैसे प्राप्त करें?
- नौतपा के दिनों में सूर्य साधना, उपवास, सेवा और ध्यान के माध्यम से सूर्य देव की विशेष कृपा प्राप्त की जा सकती है. यह समय आत्मशुद्धि और तप का होता है.
- नौ दिनों में संयम, सेवा और साधना के मार्ग पर चलकर जीवन में ऊर्जा, तेज और सफलता प्राप्त की जा सकती है.
कब से कब तक है नौतपा?
इस वर्ष नौतपा की शुरुआत 25 मई 2025 की दोपहर 3 बजकर 15 मिनट से हो रही है. यह 2 जून तक चलेगा. माना जाता है कि जैसे ही सूर्य रोहिणी नक्षत्र में प्रवेश करते हैं, धरती पर भीषण गर्मी का प्रभाव बढ़ जाता है. सूर्य 8 जून तक रोहिणी नक्षत्र में रहेंगे, फिर मृगशिरा नक्षत्र और उसके बाद 15 जून को मिथुन राशि में प्रवेश करेंगे.
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