एमपपी जबलपुर सहित देश भर में प्रशासनिक व्यवस्था बनाए रखने के दिए गए निर्देश, 14 जनवरी को मकर संक्रांति क्यों मनाई जाएगी? इस दिन सूर्य मकर राशि में गोचर करते हैं व दक्षिणायन से उत्तरायण होते हैं.
Source : DB News Update
By : ज्योतिषाचार्य पंडित प्रदीप मिश्रा | Edited By: प्रिंस अवस्थी
Makar Sankranti 2026: मकर संक्रांति पर इस वर्ष षटतिला एकादशी का संयोग बन रहा है. ऐसी मान्यता है कि इस दिन तिल का उबटन, तिल जल में डालकर स्नान करने से मनोवांछित फलों की प्राप्ति होती है. शास्त्र के अनुसार तिल को पीसकर शरीर के अलग-अलग तीन भागों में उबटन (उद्वर्तन) लगाने की प्रथा है. पहला भाग माथे से सीने तक, दूसरा भाग सीने से जंघा तक और तीसरा भाग जंघा से पैर तक तिल का लेप लगाकर स्नान करने की प्रथा है. मकर संक्रांति का पर्व कल बुधवार, 14 जनवरी 2026 को मनाया जाएगा. इस दिन से सूर्य दक्षिणायण से उत्तरायण होते हैं और मकर राशि में प्रवेश करते हैं.
खरमास की होगी समाप्ति
मकर संक्रांति से ही खरमास की समाप्ति हो जाएगी, इस दिन माघ मेला प्रयागराज में पवित्र स्नान करने की मान्यता है. देश के विभिन्न हिस्सों में इस दिन को खिचड़ी पर्व और पोंगल के रूप में भी मनाने की प्रथा है. मकर संक्रांति के दिन स्नान, दान, सूर्य उपासना और खिचड़ी खाने-पकाने का विशेष महत्व है.
एकादशी का बन रहा संयोग
2026 मकर संक्रांति के दिन ही षटतिला एकादशी का संयोग भी बन रहा है. ऐसी स्थिति में सूर्य देव और भगवान विष्णु जी की विशेष कृपा प्राप्त होती है. साथ ही 14 जनवरी को ही पुण्यकाल तिथि भी प्रारंभ हो रही है, इस अवसर पर पूजा, व्रत, दान आदि करने से मनोवांच्छित फल प्राप्ति होती है. मकर संक्रांति पर अमृत सिद्धि और सर्वार्थ सिद्धि योग भी बन रहा है.
मकर संक्रांति पर पुण्यकाल
मकर संक्रांति 14 जनवरी को दोपहर 03.13 पर सूर्य का गोचर मकर राशि में होगा. इसलिए ज्योतिषीय गणना के अनुसार इसी तिथि पर मकर संक्रांति का पर्व मानना श्रेष्ठकर होगा. पुण्यकाल दोपहर 03.13 से शाम 05.45 तक रहेगा. वहीं महापुण्य काल दोपहर 03.13 से शाम 04.58 तक है.
मकर संक्रांति 14 जनवरी को मनाया क्यों श्रेष्ठ
शास्त्रों में कहा गया है – “यत् पिण्डे तत् ब्रह्माण्डे” अर्थात् ब्रह्माण्ड में होने वाले परिवर्तन का प्रभाव मानव शरीर पर भी पड़ता है. इस साल पंचांग अनुसार मकर संक्रान्ति 14 जनवरी बुधवार को है, क्योंकि सूर्यदेव दोपहर 3 बजकर 07 मिनट पर राशि परिवर्तन करेंगे. इस दिन अनुराधा नक्षत्र में सूर्यदेव का मकर राशि में प्रवेश हो रहा है, जिससे ‘मन्दाकिनी’ नामक संज्ञा बनती है, जो शुभकारक मानी जाती है. इस दिन स्नान दान ब्रह्म मुहूर्त से शुरू हो जाएगा.
मकर संक्रांति पर क्या करें
स्नान- मकर संक्रांति पर सुबह जल्दी उठकर नदी या घर में स्वच्छ पानी से स्नान जरूर करना चाहिए. इस दिन बिना स्नान किए भोजन ग्रहण न करें.
सूर्य उपासना- स्नान के बाद सबसे पहले सूर्य देव को जल अर्पित करें और ओम सूर्याय नमः मंत्र का जप करें. सूर्य देव की कृपा पाने के लिए मकर संक्रांति का दिन सबसे शुभ होता है.
दान- दान-पुण्य के लिए मकर संक्रांति को बहुत ही पुण्य तिथि माना जाता है. इस दिन तिल, गुड़, अनाज, वस्त्र और गर्म कपड़ों का दान करने से पुण्यफल प्राप्त होता है.
खिचड़ी का महत्व- मकर संक्रांति को विभिन्न क्षेत्रों में खिचड़ी पर्व के नाम से भी जाना जाता है. इस दिन भोजन में खिचड़ी पकाने और साथ ही खिचड़ी दान करने का भी महत्व है. लेकिन इस वर्ष मकर संक्रांति पर एकादशी तिथि रहेगी, इसलिए चावल या खिचड़ी का दान न करें. यदि एकादशी व्रत रख रहे हैं तो खिचड़ी का सेवन भी न करें.
मकर संक्रांति पर यह ध्यान रखें
- – सुबह ब्रह्म मुहूर्त में नहाने के पानी में गंगाजल डालकर स्नान करें.
- – सूर्य देव को जल चढ़ाएं. जल में लाल चंदन, कुमकुम, चावल, फूल डालें.
- – सूर्य चालीसा य सूर्य रक्षा कवच का पाठ करें.
- – तिल-गुड़ का दान करें. तिल से बनीं मिठाई का भोग लगाएं.
- – शाम को तुलसी और घर के मुख्य द्वार पर दीपक लगाएं.
मकर सक्रांति पर व्यवस्था बनाये रखने के लिए अधिकारी तैनात
मकर सक्रांति पर सभी नर्मदा तटों पर शांति, सुरक्षा एवं कानून व्यवस्था रखने की जिम्मेदारी अनुविभागीय दंडाधिकारी गोरखपुर अनुराग सिंह को सौंपी गई है. उनके सहयोग के लिये प्रभारी नायब तहसीलदार पाटन जयसिंह धुर्वे की गौरीघाट में, प्रभारी नायब तहसीलदार पनागर सरफराज अली की दरोगाघाट में, प्रभारी नायब तहसीलदार सिहोरा जगभान शाह उइके की खारीघाट में, नायब तहसीलदार राँझी मौसमी केवट की जिलहरीघाट में, प्रभारी तहसीलदार नीलिमा राजलवाल की सिद्धघाट उमाघाट में, प्रभारी नायब तहसीलदार आधारताल रमेश कोष्टी की सरस्वती घाट भेडाघाट में, प्रभारी नायब तहसीलदार गोरखपुर चेतराम पंधा की लम्हेटाघाट एवं प्रभारी नायब तहसीलदार शहपुरा कल्याण सिंह क्षत्री की तिलवाराघाट में ड्यूटी लगाई गई है.
सभी कार्यपालिक दण्डाधिकारियों को मकर सक्रांति पर 14 और 15 जनवरी को नियत समय एवं स्थान पर उपस्थित रहने के तथा किसी भी प्रकार की घटना की जानकारी तत्काल अपर जिला दंडाधिकारी एवं पुलिस कंट्रोल रूम को देने के निर्देश दिये गये हैं.

नर्मदा के घाटों पर नौका संचालन प्रतिबंधित.
जिला प्रशासन ने मकर संक्रांति पर 14 और 15 जनवरी को ग्वारीघाट, जिलहरीघाट, तिलवाराघाट, लम्हेटाघाट, भेड़ाघाट एवं सरस्वती घाट में नौका संचालन को पूर्णतः प्रतिबन्धित कर दिया है.
अपर जिला दण्डाधिकारी जारी आदेश के अनुसार मकर संक्रांति पर स्नान और पूजा-अर्चना के लिये माँ नर्मदा के घाटों पर बड़ी संख्या में पहुँचने वाले श्रद्धालुओं की सुरक्षा के मद्देनजर नौका संचालन पर लगाये गये इस प्रतिबंध से केवल नर्मदा तट पर बसे गांवों के निवासियों के परिवहन के लिये नियमित रूप से संचालित की जा रही नौकाओं को छूट रहेगी. शेष सभी नौकाओं के 14 और 15 जनवरी को संचालन पर पूर्णतः प्रतिबंध रहेगा.
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