2025 दिसंबर माह में मात्र 4 दिन ही शादी के शुभ मूहूर्त है, इसके बाद सीधे फरवरी 2026 से शुरू होंगी शादियां.
By : ज्योतिषाचार्य पंडित प्रदीप मिश्रा | Edited By: प्रिंस अवस्थी
Vivah Muhurat 2026: मांगलिक कार्यक्रमों के लिए शुक्र और गुरु ग्रह सबसे ज्यादा प्रभावशाली ग्रह माने गए हैं. इन दोनों ग्रह के उदय होने पर ही मांगलिक कार्यक्रम प्रारंभ होते हैं. लेकिन शुक्र ग्रह 11 दिसंबर 2025 को अस्त हो रहा है और 1 फरवरी 2026 तक अस्त रहेगा. जिसके कारण विवाह आदि कार्यक्रम वर्जित हैं. अब दिसंबर 2025 में केवल 1,4,5,6 दिसंबर 2025 को ही विवाह के लिए शुभ मुहूर्त बचे हैं. इसके बाद विवाह के मुहूर्त सीधे 4 फरवरी 2026 के बाद शुरू होंगे. इसके पीछे प्रमुख वजह यह है कि 11 दिसंबर से शुक्र ग्रह अस्त हो जाएगा व 15 दिसंबर से 14 जनवरी तक मळमास रहेगा.
ऐसे में 1 फरवरी को शाम 6:27 बजे तक विवाह व शुभ कार्य वर्जित माने गए हैं. विवाह के शुभ मुहूर्त 2026 में 2 फरवरी से शुरू होंगे. हालांकि इन दो महीनों में बसंत पंचमी सहित अबूझ मुहूर्त में शादियां होंगी.
मकर संक्रांति के बाद शुभ कार्य होंगे शुरू
ज्योतिषाचार्य पंडित प्रदीप मिश्रा की मानें तो मकर संक्रांति के बाद शुभ कार्य शुरू हो जाते हैं, पर इस बार जनवरी 2026 में बसंत पंचमी पर भी शादी व शुभ कार्य वर्जित रहेंगे.
क्योंकि जनवरी में शुक्र ग्रह अस्त रहेंगे. शास्त्रों के अनुसार मांगलिक कार्यों में गुरु और शुक्र का तारा उदय होना जरूरी है. जून 2025 में भी गुरु और शुक्र अस्त होने से अक्षय तृतीया पर भी विवाह संयोग नहीं बन पाया था. मगर अबूझ मुहूर्त मानते हुए इस दिन कई लोग शादी समारोह का आयोजन करेंगे.
4 फरवरी 2026 के बाद शुरू होंगे विवाह
वर्ष 2026 की शुरुआत खरमास से हो रही है. खरमास के दौरान सगाई, विवाह, जनेऊ संस्कार, गृह प्रवेश जैसे कोई भी शुभ कार्य आरंभ करने का विधान नहीं हैं. खरमास 15 जनवरी 2026 को मकर संक्रांति के साथ समाप्त होगा, लेकिन शुक्र अस्त होने के कारण खरमास समाप्त होने के बाद भी विवाह वर्जित रहेंगे.
इसके बाद 4 फरवरी 2026 से विवाह पुनः प्रारंभ होंगे. फरवरी के अंत से 4 मार्च तक होलाष्टक काल के कारण विवाहों पर एक बार फिर से रोक लग जाएगी.
13 महीनो का होगा नया साल
साल 2026 अधिक मास वाला वर्ष होगा. जिसे पुरुषोत्तम मास भी कहा जाता है. इसमें 12 की जगह 13 महीने होंगे. क्योंकि नए वर्ष के पंचांग में दो ज्येष्ठ माह पड़ेंगे. यह अवधि दो मई से 29 जून तक लगभग 59 दिनों की रहेगी.
मास का अगला भाग 17 मई से 15 जून के बीच रहेगा. इससे पहले वर्ष 2018 में दो ज्येष्ठ और 2023 में दो सावन माह पड़े थे.
दिसंबर 2025
सर्वार्थ सिद्धि योग– 2, 3, 8, 9, 14, 17, 22, 23, 28, 31 दिसंबर
अमृत योग- 2 दिसंबर, 14 दिसंबर
द्वि पुष्कर योग– 6 दिसंबर
त्रि पुष्कर योग- 16, 21, 27, 30 दिसंबर
रवि योग- 3, 4, 9, 22, 26 दिसंबर
विवाह में 7 दिसंबर से रोक
भविष्यवक्ता और कुण्डली विश्ल़ेषक पंडित प्रदीप मिश्रा ने बताया कि दिसंबर में 1,4,5,6 तारीख ही विवाह के लिए शुभ मुहूर्त हैं.
इस बार 16 नवंबर को सूर्य के तुला राशि के गोचर करने के बाद शुद्ध वैवाहिक मुहूर्त शुरू होंगे, लेकिन खरमास और शुक्र के अस्त होने से जनवरी में शादियां नहीं होंगी. इस दौरान भी विवाह, गृह प्रवेश, नामकरण आदि मांगलिक कार्य पर विराम लगता है. इसके बाद विवाह के मुहूर्त 4 फरवरी के बाद से शुरू होंगे.
14 जनवरी 2026 तक रहेगा खरमास
भविष्यवक्ता ने बताया कि 16 दिसंबर को सूर्य देव धनु राशि में प्रवेश करने जा रहे हैं, जिससे खरमास की शुरुआत हो जाएगी. वहीं खरमास का समापन 14 जनवरी 2026 को हो जाएगा.
ऐसे माना जाता है कि इस दौरान किए गए शुभ कार्यों में देवगुरु बृहस्पति और सूर्य देव की कृपा प्राप्त नहीं होती, जिससे उस कार्य से शुभ परिणाम नहीं मिलते. ऐसे में इस दौरान विवाह, मुंडन और गृह प्रवेश आदि जैसे कार्य करने की मनाही होती है.
विवाह के लिए ग्रहों की शुभता आवश्यक माना गया है. शुक्र अस्त होने के कारण भी शादियां नहीं होती हैं.
साल 2026 में 59 शुभ मुहूर्त
वर्ष 2025 में शादियों के लिए विवाह के कुल 75 मुहूर्त थे. इनमें से 50 मुहूर्त से अधिक मुहूर्त जनवरी से जून के बीच थे. इसके बाद जुलाई से अक्टूबर से चातुर्मास के चलते कोई विवाह मुहूर्त नहीं थे. बात अगर 2026 की करें तो इसमें 59 विवाह के मुहूर्त हैं.
इस अनुसार यह वर्ष भी वैवाहिक आयोजन के लिए अनुकूल माना जा रहा है. जनवरी को छोड़ दिया जाए तो फरवरी में 12 दिन शुभ मुहूर्त पर विवाह होंगे. इसके बाद मार्च में 9, अप्रैल-मई में 8-8, जून में 7 और जुलाई में 4 दिन विवाह मुहू्र्त रहेंगे. इसके बाद नवंबर में 4 और दिसंबर में 7 दिन विवाह होंगे.
वर्ष 2026 के शुभ मुहूर्त
फरवरी 2026 – 5, 6, 8, 10, 12, 14, 19, 20, 21, 24, 25 और 26 फरवरी
मार्च 2026 -1, 3, 4, 7, 8, 9, 11 और 12 मार्च
अप्रैल 2026 – 15, 20, 21, 25, 26, 27, 28 और 29 अप्रैल
मई 2026 – 1, 3, 5, 6, 7, 8, 13, 14 मई
जून 2026 – 21, 22, 23, 24, 25, 26, 27, 29 जून
जुलाई 2026 – 1, 6, 7, 11 जुलाई
नवंबर 2026 – 21, 24, 25 और 26 नवंबर
दिसंबर 2026 –2, 3, 4, 5, 6, 11 और 12 दिसंबर
( कुछ पंचांग में भेद होने के कारण तिथि घट बढ़ सकती है और परिवर्तन हो सकता है. )
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