सावन महीना में शिवभक्त शिवालय या शिवधाम में महादेव की पूजा-अर्चना कर रहे हैं. लेकिन वास्तविकता से होंगे अनजान तो आप जानिए क्या है कारण

By : DB न्यूज अपडेट | Edited By : प्रिंस अवस्थी
Sawan Shiv Puja: सावन के पवित्र महीने में चारों ओर माहौल भी शिवमय हो चुका है. सावन में भक्त शिव मंदिर जाकर भगवान शिव की पूजा-अर्चना कर रहे हैं. लेकिन क्या आप जानते हैं कि, शिव मंदिर में पूजा के बाद शिवजी के सामने तीन बार ताली बजाने का विधान है. आइये जानते हैं इसके पीछे का धार्मिक महत्व.
लंकापति रावण ने बजाई थी ताली
जबलपुर मध्य प्रदेश के ज्योतिषाचार्य पंडित प्रदीप मिश्रा बताते हैं कि, शिवजी के सामने तीन बार ताली बजाने के पीछे तीन भाव जुड़े होते हैं. धार्मिक मान्यता के अनुसार, लंकाधिपति रावण और प्रभु श्रीराम ने भी शिव पूजन के बाद शिवजी के सामने तीन बार ताली बजाई थी. कहा जाता है कि लंकाधिपती रावण ने भी शिवजी की पूजा करने के बाद उनके सामने तीन बार ताली बजाई थी और शिवजी की कृपा से ही रावण को लंका का राजपाट मिला.
उपस्थिति दर्ज कराने का प्रयास
शिवजी के सामने पहली बार ताली बजाकर भक्त अपनी उपस्थिति जताते हैं. दूसरी ताली में यह भाव होता है कि, हमारा घर का भंडार सदा भरा रहे. वहीं तीसरी ताली के भाव में भक्त शिवजी से क्षमा प्रार्थना करते हुए यह प्रार्थना करता है कि, वह उन्हें अपने चरणों में स्थान दें.
कार्य सफलता का संकेत
यह भी कहा जाता है कि. लंका जाने के लिए जब रामजी समुद्र पर सेतु का निर्माण कर रहे थे तब उन्होंने शिवलिंग बनाकर पूजन की थी और पूजा के बाद तीन बार ताली बजाई थी, जिसके बाद उनका कार्य सफल हुआ.
हर समय शिव के सामने न बजाएं ताली
लेकिन इस बात का विशेष ध्यान रखें कि, हर समय भगवान शिव के सामने ताली नहीं बजानी चाहिए, क्योंकि शिव ध्यान मग्न रहते हैं. शिवलिंग के सामने केवल संध्यावंदन के समय ही ताली या घंटी आदि बजानी चाहिए.
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