संकष्टी चतुर्थी के दिन भगवान गणेश की विधि-विधान से पूजा करने से जीवन के सभी कष्ट दूर होते हैं, मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं.
By : DB न्यूज अपडेट | Edited By : प्रिंस अवस्थी
Sankashti Chaturthi 2025: आज 14 जुलाई 2025 को सावन का पहला सोमवार और संकष्टी चतुर्थी का दुर्लभ संयोग बन रहा है. ऐसे में इस दिन शिव जी और गणेश जी की पूजा का फल प्राप्त होगा. पहला सावन सोमवार और संकष्टी चतुर्थी का त्योहार किन राशियों के लिए नए अवसर और नई संभावनाएं लेकर आ रहा है. क्या बदलाव हो सकते हैं.
संकष्टी चतुर्थी का महत्व
भगवान गणेश को विघ्नहर्ता और बुद्धि के दाता के रूप में पूजा जाता है. संकष्टी चतुर्थी के दिन भगवान गणेश की विधि-विधान से पूजा करने से जीवन के सभी कष्ट दूर होते हैं, मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं. सुख-समृद्धि की प्राप्ति होती है. मान्यता है कि इस दिन व्रत रखने और सच्चे मन से गणपति बप्पा की आराधना करने से नकारात्मक ऊर्जा का नाश होता है और सकारात्मकता का संचार होता है.
कई शुभ योग का हो रहा निर्माण
साल 2025 की जुलाई में संकष्टी चतुर्थी के दिन 4 शुभ संयोग बन रहे हैं. जुलाई संकष्टी चतुर्थी के दिन पहला सावन सोमवार भी है, जो भगवान शिव की पूजा का सुंदर दिन है. जुलाई संकष्टी चतुर्थी पर आयुष्मान् योग़, सौभाग्य योग, धनिष्ठा और शतभिषा नक्षत्र है. यह शुभ योग्य का निर्माण हो रहा है. जो इस दिन को और खास बनाता है.
कैसे करें भगवान को प्रसन्न
- – गणेश की पूजा करते समय 21 दूर्वा अर्पित करना चाहिए. ऐसा करने से भगवान गणेश की विशेष कृपा बनी रहती है.
- – इस दिन श्री गणेशाय नमः मंत्र का जाप करें. इस मंत्र का जाप करने से विघ्नहर्ता की कृपा बनी रहती है. जीवन में सभी तरह की बाधाएं भी खत्म होती हैं.
- – संकष्टी चतुर्थी के दिन पूजा करते वक्त भगवान गणेश को उनके प्रिय मोदक अथवा बेसन के लड्डू का भोग लगाना चाहिए.
- – इस दिन भगवान के मंदिर जाकर सिंदूर, लाल फूल, नारियल, सुपारी, कलावा और जनेऊ अर्पित करना भी शुभ माना जाता है.
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