व्हाइट हाउस में गोरे किसानों के नरसंहार का वीडियो दिखाया, ट्रंप ने इस मीटिंग के दौरान अचानक ही रामफोसा को नस्लवाद के मुद्दे पर घेरना शुरू कर दिया.
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By : DB News Update | Edited By: प्रिंस अवस्थी
Donald Trump-Cyril Ramaphosa Argumet: दक्षिण अफ्रीका के राष्ट्रपति रामफोसा 19 मई को वॉशिंगटन पहुंचे थे. उनकी इस यात्रा का मकसद अफ्रीका और अमेरिका के संबंधों में नई जान फूंकना है. लेकिन व्हाइट हाउस में इस मीटिंग के दौरान ट्रंप ने अचानक ही रामफोसा को नस्लवाद के मुद्दे पर घेरना शुरू कर दिया.
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प और साउथ अफ्रीका के राष्ट्रपति सिरिल रामफोसा के बीच व्हाइट हाउस में तीखी बहस हुई. ट्रम्प ने आरोप लगाया कि साउथ अफ्रीका में गोरे किसानों का नरसंहार किया जा रहा है. रामफोसा ने इन दावों को झूठा बताया. उन्होंने ट्रम्प को कतर सरकार से गिफ्ट में मिले प्लेन पर तंज भी कसा. कहा कि मेरे पास आपको देने के लिए प्लेन नहीं है. इस पर ट्रम्प ने कहा, ‘काश आपके पास ये होता, तो मैं ले लेता.’
भूमि अधिग्रहण कानून को लेकर नाराज हैं ट्रम्प
साउथ अफ्रीका में 9 अक्टूबर 2024 को सिरिल रामफोसा के दस्तखत के बाद जमीन अधिग्रहण कानून लागू हुआ था. इस कानून के तहत सरकार सार्वजनिक हित जैसे कि सड़क, हॉस्पिटल या फिर स्कूल बनाने के लिए बिना मुआवजे के निजी जमीन का अधिग्रहण कर सकती है. ट्रम्प ने दावा किया कि साउथ अफ्रीका की सरकार इस कानून के जरिए लोगों की जमीन जबरदस्ती छीन रही है और गोरे लोगों के साथ बुरा बर्ताव कर रही है.
अचानक गरमा गया व्हाइट हाउस का माहौल
शुरुआत में तो दोनों नेताओं के बीच व्यापार और खनिज संसाधनों पर चर्चा हुई, लेकिन ट्रंप ने अचानक एक वीडियो चलवाया जिसमें दावा किया गया था कि दक्षिण अफ्रीका में हजारों श्वेत किसानों की हत्या कर दी गई है. बस फिर क्या था व्हाइट हाउस का माहौल अचानक गरमा गया.
जब जोर-जोर चिल्लाने लगे ट्रंप
राष्ट्रपति रामफोसा हालांकि शांत रहे और वीडियो को देखते रहे. हालांकि उन्होंने वीडियो में किए गए दावे को नकार दिया. उन्होंने कहा कि वह इस वीडियो की प्रामाणिकता की जांच करेंगे. लेकिन राष्ट्रपति ट्रंप शांत नहीं रहे. उन्होंने आक्रामक रुख अपनाते हुए उनको लेखों की प्रतियां दिखा डालीं, जिनमें दक्षिण अफ्रीका में मारे गए गोरे लोगों का जिक्र था. ट्रंप ने जोर-जोर से “मृत्यु, मृत्यु…” कहते हुए पन्ने पलटे, जिससे माहौल और भी तनावपूर्ण हो गया.
श्वेत नरसंहार का मुद्दा उठा और फिर…
ट्रंप ने कहा कि दक्षिण अफ्रीका में श्वेत लोगों को सबसे ज्यादा निशाना बनाया जाता है.वीडियो में हजारों श्वेत किसानों की कब्रें दिखाई गई हैं. हालांकि रामफोसा ने उनके इस आरोप को सिरे से खारिज करते हुए कहा कि ऐसा उन्होंने पहले नहीं देखा, वह इसकी जांच करवाएंगे. लेकिन ट्रंप यहीं शांत नहीं हुए उन्होंने कई लेख भी दक्षिण अफ्रीकी राष्ट्रपति को दिखाए. जिसके बाद ट्रंप का दिमाग गरमा गया और व्हाइट हाउस का माहौल भी गरम हो गया.
रामफोसा बोले- साउथ अफ्रीका में गोरे ज्यादा खुशहाल
इसके खत्म होने के बाद रामफोसा ने कहा कि वीडियो में उनके देश की पूरी तस्वीर नहीं दिखाई गई है. उन्होंने कहा कि साउथ अफ्रीका में कई राजनीतिक दल हैं. लोकतंत्र ने उन्हें अपनी बात कहने की अनुमति दी है। वीडियो में वो जो कह रहे हैं हमारी सरकार की नीति उससे अलग है.
रामफोसा ने माना कि उनके देश में बहुत ज्यादा अपराध है, लेकिन उन्होंने यह नहीं माना कि वहां पर सिर्फ गोरे लोगों को सताया जा रहा है. उन्होंने इस दौरान नेल्सन मंडेला का भी जिक्र किया और कहा कि उन्होंने सीख दी थी कि जब भी कोई समस्या हो, तो लोगों को एक साथ बैठकर बातचीत करनी चाहिए.
रामफोसा ने आगे कहा कि गोरे लोगों की हत्याएं हुई हैं, लेकिन पुलिस आंकड़े यह नहीं कहते कि वे अश्वेत लोगों की तुलना में ज्यादा खतरे में हैं. अफ्रीकी राष्ट्रपति ने कहा कि उनके देश में आर्थिक से लेकर लगभग हर पैमाने पर गोरे लोग, अश्वेतों की तुलना में कहीं बेहतर स्थिति में हैं.
ट्रम्प ने साउथ अफ्रीका की फंडिंग रोक दी थी
इसके बाद रामफोसा ने ट्रम्प के दावे को गलत बताया था. उन्होंने कहा था कि साउथ अफ्रीका में संविधान के मुताबिक काम होता है. सरकार ने कोई जमीन जब्त नहीं की है. रामाफोसा ने यह भी कहा कि कुछ लोग ट्रम्प को गलत जानकारी दे रहे हैं.

