‘INDIA’ के लिए आई राहत की खबर, लोकसभा स्पीकर का आज 11 बजे चुनाव होना है.
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By : DB News Update | Edited By: प्रिंस अवस्थी
Om Birla VS K Suresh: स्पीकर चुनाव से पहले पश्चिम बंगाल की सत्ताधारी पार्टी टीएमसी की ओर से INDIA गठबंधन के लिए राहत की खबर आई है. टीएमसी ने साफ कर दिया है कि वह विपक्ष के स्पीकर पद के उम्मीदवार के सुरेश का समर्थन करेगी. दरअसल, इससे पहले टीएमसी नेता अभिषेक बनर्जी ने कहा था कि उनकी पार्टी से सलाह लिए बिना ही कांग्रेस के कोडिकुनिल सुरेश को उम्मीदवार बना दिया गया.
दरअसल, केंद्र सरकार ने स्पीकर पोस्ट के लिए विपक्ष का समर्थन मांगा था. लेकिन विपक्ष डिप्टी स्पीकर पोस्ट की मांग कर रहा था. ऐसे में दोनों पक्षों के बीच सहमति नहीं बन पाई और ‘INDIA’ गठबंधन ने स्पीकर पोस्ट के लिए ओम बिरला के खिलाफ के सुरेश को उतारने का फैसला किया है. कांग्रेस और अन्य विपक्षी दलों का कहना था कि परंपरा के अनुसार लोकसभा डिप्टी स्पीकर का पद विपक्ष को मिलना चाहिए और यदि सरकार पर इस सहमति देती है तो वह अध्यक्ष पद के लिए सरकार का समर्थन करेंगे.
अभिषेक बनर्जी बोले- हमसे संपर्क नहीं किया गया
के सुरेश की उम्मीदवारी पर ममता बनर्जी के भतीजे और टीएमसी सांसद अभिषेक बनर्जी ने चौंकाने वाला बयान दिया था. उन्होंने कहा था, किसी ने हमसे संपर्क नहीं किया। कोई बातचीत नहीं हुई, दुर्भाग्य से यह एकतरफा फैसला है. हालांकि, बाद में मंगलवार शाम कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे के घर हुई बैठक में टीएमसी ने हिस्सा लिया था. इस बैठक में राहुल गांधी, समाजवादी पार्टी के नेता रामगोपाल यादव, तृणमूल कांग्रेस के नेता डेरेक ओब्रायन, शिवसेना (यूबीटी) के नेता अरविंद सावंत, राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (शरदचंद्र पवार) की नेता सुप्रिया सुले, द्रमुक नेता टीआर बालू और कई अन्य विपक्षी दलों के नेता शामिल थे.
सूत्रों के मुताबिक, अभिषेक बनर्जी के इस बयान के बाद राहुल गांधी ने खुद ममता बनर्जी से बात की और स्पीकर पोस्ट के लिए विपक्ष के उम्मीदवार के सुरेश का समर्थन करने की अपील की थी. इस पर ममता बनर्जी तैयार हो गईं.
बंगाल में कांग्रेस ‘एकला चलो रे’
पश्चिम बंगाल में कांग्रेस के पास खोने के लिए कुछ नहीं है, वहां पार्टी के पास एक भी विधायक नहीं है. इसलिए कांग्रेस, बंगाल में अकेले चुनाव लड़ रही है. विपक्षी दलों में दूसरा बड़ा दल तृणमूल कांग्रेस है और ममता बनर्जी चौथी बार मुख्यमंत्री बनने के लिए चुनाव लड़ रहीं है. ममता का बंगाल में बीजेपी से सीधा मुकाबला है. 2019 लोकसभा चुनाव में बीजेपी 18 सीटों पर जीती थी, जो 2024 में घट कर 12 रह गई. 2021 के विधानसभा चुनाव में ममता बनर्जी ने 294 में से 215 सीटें जीतीं थी और बीजेपी के पास आई थी 77 सीटें. बंगाल में एसआईआर के बाद जो परिस्थिति बनी है, उससे निपटने के लिए ममता बनर्जी ने खजाना खोल दिया है. महिला और अल्पसंख्यक वोटों के जरिए चौथी बार मुख्यमंत्री बनने के लिए तैयारी कर रही हैं.
केरल में कांग्रेस के पास अच्छा मौका
पांचों राज्य जहां चुनाव हो रहे हैं, वहां कांग्रेस के पास केरल में सबसे अच्छा मौका है. लोकसभा चुनाव में कांग्रेस ने यहां बहुत अच्छा प्रदर्शन किया. कांग्रेस गठबंधन वाली यूडीएफ ने केरल में 20 में से 19 सीटें जीती, फिर हाल में ही हुए स्थानीय निकाय के चुनाव में भी कांग्रेस ने बहुत अच्छा प्रदर्शन किया. कांग्रेस को लगता है कि वह केरल में इस बार वाममोर्चा को तीसरी बार सरकार नहीं बनाने देगी.
तमिलनाडु का कद बढ़ा
तमिलनाडु में कांग्रेस, डीएमके की जूनियर पार्टनर है और इस बार पिछले विधानसभा से 3 सीटें ज्यादा 28 पर चुनाव लड़ रही है. तमिलनाडु में कांग्रेस के कुछ स्थानीय नेता टीवीके के नेता और एक्टर विजय के साथ चुनाव लड़ने की बात कर रहे थे. मगर कांग्रेस आलाकमान ने इससे मना कर दिया खासकर मल्लिकार्जुन खरगे डीएमके के पक्ष में मजबूती से खड़े रहे और 28 सीटें ले कर कांग्रेस संतुष्ट हो गई साथ में उसे दो राज्यसभा सीट देने का वायदा डीएमके ने किया है.
असम में बीजेपी को गढ़ को भेदना मुश्किल
असम चुनाव में भी कांग्रेस जोर-शोर से मैदान में उतरी है, गौरव गोगोई को प्रदेश की कमान सौंपी गई है. कांग्रेस ने इस बार एआईयूडीएफ के बदरुद्दीन अजमल के साथ कोई गठबंधन ना करने का फैसला लिया है. कांग्रेस ने चुनाव की तारीख की घोषणा से पहले ही 60 सीटों पर अपने उम्मीदवार घोषित कर दिया है और सांसद गौरव गोगोई भी विधानसभा का चुनाव लड़ रहे हैं. मगर असम में बीजेपी और हेमंत बिस्वा सरमा के गढ़ को भेदना कांग्रेस के लिए मुश्किल लग रहा है.

