हंगामा के चलते लोक सभा स्थगित हुई, जिसका असर राज्यसभा पर भी पड़ा, संसद सत्र के पांचवें दिन शुक्रवार (28 जून) को NEET मुद्दे के चलते दोनों सदनों में जमकर हंगामा हुआ
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By : DB News Update | Edited By: प्रिंस अवस्थी
Lok Sabha News: संसद सत्र के पांचवें दिन शुक्रवार (28 जून) को NEET मुद्दे के चलते दोनों सदनों में जमकर हंगामा हुआ. लोकसभा में कार्यवाही हंगामे के चलते 1 जुलाई 2024 तक स्थगित कर दी गई. राज्यसभा में कार्यवाही रुक-रुककर चलती रही. इस बीच NEET मुद्दे पर प्रदर्शन कर रहीं कांग्रेस सांसद फूलाे देवी नेताम को चक्कर आ गया. उन्हें संसद से RML हॉस्पिटल ले जाया गया.
लोकसभा में जाने से पहले राहुल गांधी ने कहा, ‘मैं पीएम से रिक्वेस्ट करता हूं कि NEET मामले पर रिस्पेक्टफुली चर्चा करें. देश के युवा घबराए हुए हैं. उन्हें नहीं पता क्या होने वाला है. संसद से यह मैसेज जाना चाहिए कि सरकार और विपक्ष उनकी चिंताओं को लेकर एक साथ हैं.
3 जुलाई को चर्चा का जवाब दे सकते हैं मोदी
24 जून से शुरू हुआ संसद का यह सत्र 3 जुलाई तक चलेगा. राज्य सभा में पीएम मोदी 3 जुलाई को चर्चा का जवाब दे सकते हैं.
जब भी वे (कांग्रेस) सत्ता में आए संविधान खतरे में था-सुधांशु
राज्यसभा में धन्यवाद प्रस्ताव पर चर्चा करते हुए सांसद सुधांशु त्रिवेदी ने कहा- बात सिर्फ आपातकाल की नहीं है. मैं याद दिलाना चाहता हूं कि जब भी वे सत्ता में आए, संविधान खतरे में था. जब राजीव गांधी सत्ता में आए, तो सुप्रीम कोर्ट ने एक फैसला दिया और वो फैसला शरिया के खिलाफ लग रहा था, तब इस देश की संसद ने सुप्रीम कोर्ट के फैसले को रोक दिया और शरिया को संविधान से ऊपर रख दिया था”
राज्यसभा में धन्यवाद प्रस्ताव पर चर्चा के दौरान पूर्व पीएम एचडी देवेगौड़ा, सरकार का बचाव करने आए. उन्होंने कहा कि NEET पेपर लीक पर जांच चल रही है. इसलिए संसद में इस पर बहस नहीं करनी चाहिए.
2026 में भी हंगामें के साथ बजट सत्र को खत्म करने की तैयारी
संसद के बजट सत्र चल रहा है. लोकसभा में विपक्षी सांसद नारेबाजी कर रहे हैं. विपक्ष ने ‘देश को बचाना है, मोदी को हटाना है, ‘मोदी सरकार सेम-सेम’, ’वोट चोर गद्दी छोड़’ के नारे लगाए जा रहे हैं. चुनाव आयोग पर वोट की दलाली करने के आरोप लगाते हुए नारेबाजी की गई. लोकसभा में स्पीकर ओम बिड़ला के विरुद्ध विपक्ष के ‘नो कॉन्फिडेंस मोशन’ पर चर्चा हो रही है. विपक्ष मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के विरुद्ध भी ‘नो कॉन्फिडेंस मोशन’ लाने की तैयारी की जा रह है. ऐसे तमाम मुद्दों पर बहस के बाद संसद सत्र खत्म हो जाएगा और जनता के पक्ष पर क्या निर्णय आएगा? कुछ कहा नहीं जा सकताा है.
ओम बिरला को पद से हटाने का लाया गया प्रस्ताव
लोकसभा में मंगलवार को विपक्ष स्पीकर ओम बिरला को पद हटाने के लिए अविश्वास प्रस्ताव लाया गया है. 50 से ज्यादा सांसदों ने पक्ष में वोट किया है. इसके बाद पीठासीन ने प्रस्ताव पेश करने की परमिशन दे दी. अब इस प्रस्ताव पर 10 घंटे चर्चा चल रही है. विपक्ष ने ओम बिरला पर सदन की कार्यवाही में पक्षपात करने का आरोप लगाया है.
कार्यवाही के दौरान कांग्रेस ने स्पीकर की गैर-मौजूदगी में डिप्टी स्पीकर के नियुक्त ना करने पर सवाल उठाए. कहा कि चेयर पर बैठे पीठासीन जगदंबिका पाल कैसे इस दौरान कार्यवाही चला सकते हैं. कांग्रेस सांसद गौरव गोगोई ने कहा कि देश का नेतृत्व कमकोर और बुजदिल है.
डिप्टी स्पीकर का पद विपक्ष को देने की परंपरा
डिप्टी स्पीकर का पद विपक्ष को देने की परंपरा रही है. 16वीं लोकसभा में NDA में शामिल रहे अन्नाद्रमुक के थंबीदुरई को यह पद दिया गया था, जबकि, 17वीं और 18वीं लोकसभा में किसी को भी डिप्टी स्पीकर नहीं बनाया गया.
अविश्वास प्रस्ताव के बीच गर्माया डिप्टी स्पीकर नियुक्त न करने का मुद्दा
लोकसभा स्पीकर के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव पर बहस के दौरान एक बार फिर डिप्टी स्पीकर नियुक्त न किए जाने का मुद्दा गर्माया हुआ है. दो साल पहले भी यह मामला उठा था, जब ओम बिरला को लगातार दूसरी बार लोकसभा अध्यक्ष चुना गया था. सरकार डिप्टी स्पीकर चुनाव क्यों नहीं करा रही? इसको लेकर दावा किया जा रहा है कि 17वीं लोकसभा (2019-2024) में केंद्र की भाजपा सरकार के पास 303 सीटों के साथ स्पष्ट बहुमत था, जिसके कारण सरकार को विपक्ष के साथ समझौता करने की आवश्यकता महसूस नहीं हुई. विपक्षी नेताओं के मुताबिक सरकार ने जानबूझकर यह पद खाली रखा. क्योंकि इसे विपक्ष को देना पड़ता, विशेष रूप से कांग्रेस को जो सरकार की प्राथमिकता नहीं थी.

