निजी स्कूल प्रबंधन की मुनाफाखोरी पर लगाम लगाने की कोशिश की गई है यानि स्कूल यूनिफार्म, स्कूल बैग, जूते आदि के मार्फत जो खाईबाजी की जा रही थी, उसी रीढ़ की हड्डी पर सीधे हमला किया गया है।
Source : DB News Update
By : DB News Update | Edited By: प्रिंस अवस्थी
MP News: जबलपुर. शहर में स्कूल माफिया पर लगाम लगाने की दिशा में कलेक्टर जबलपुर द्वारा एक बार फिर चाबुक चलाया गया है. निजी स्कूल संचालकों द्वारा की जा रही मनमानी पर लगाम लगाने की दिशा में स्कूल प्रबंधकों के खिलाफ एक नया आदेश निकाला है. कलेक्टर द्वारा निकाले गए आदेश में निजी स्कूल प्रबंधन की मुनाफाखोरी पर लगाम लगाने की कोशिश की गई है यानि स्कूल यूनिफार्म, स्कूल बैग, जूते आदि के मार्फत जो खाईबाजी की जा रही थी, उसी रीढ़ की हड्डी पर सीधे हमला किया गया है। इसके लिए अभिभावकों को गारमेंट क्लस्टर में बुलाकर वाजिब दाम पर खरीदी करने के लिए प्रोत्साहित किया गया है।
अभिभावक को प्रदर्शिनी में आने का दिया न्योता
– जबलपुर में स्कूल यूनिफ़ॉर्म मेला (यूनिफ़ॉर्म, जूते, स्कूल बैग आदि) दिनांक 27 जुलाई से 31 जुलाई 2024 तक गारमेन्ट्स क्लस्टर में लगाया जायेगा.
– पारदर्शिता के उद्देश्य से, स्कूल यूनिफ़ॉर्म व्यवसाय में संलग्न व्यापारियों और SHGs के लिये सभी स्कूलों की यूनिफ़ॉर्म, जूते, स्कूल बैग आदि के सैम्पल का प्रदर्शन दिनांक 15-16 जुलाई को गारमेन्ट्स क्लस्टर स्थित हाल में किया जायेगा. यूनिफ़ॉर्म की संभावित आवश्यकता भी प्रदर्शित की जायेगी.
स्कूल प्रबंधन को दिए गए निर्देश
– सभी स्कूल प्रबंधन से अपेक्षित कि वह स्कूल यूनिफ़ॉर्म का सैम्पल तत्काल ज़िला शिक्षा अधिकारी जबलपुर को उपलब्ध करायें. सैम्पल के साथ कक्षावार यूनिफ़ॉर्म की अनुमानित आवश्यकता की जानकारी भी अपेक्षित है.
– स्कूल प्रबंधन से अनुरोध है कि यदि किसी छात्र-छात्रा के पास यूनिफ़ॉर्म नहीं है तो मेला लगने की अवधि तक उसे स्कूल में यूनिफ़ॉर्म में आने के लिये बाध्य नहीं किया जाये, क्योंकि प्रबंधन द्वारा बाध्य किये जाने की स्थिति में पालकगण मनमाने दामों पर यूनिफ़ॉर्म ख़रीदने के लिये विवश होगें. अतः इस बिन्दु पर व्यापक जनहित में सहयोग की अपेक्षा है.
स्कूल संचालक ने बुक वापसी के लिए कॉल किया
प्राइवेट स्कूल संचालक ने रविवार को अविभावकों को फोन कर किताबें वापस जमा करने के लिए बुलाया। पेरेंट्स ने तुरंत कलेक्टर को इसकी सूचना दी। जानकारी मिलते ही जिला कलेक्टर ने एक टीम को स्कूल की जांच के लिए भेज दिया। जिला प्रशासन की टीम जब पहुंची तो देखा स्कूल प्रबंधन के लोग अविभावकों से किताबे वापस जमा करा रहे हैं। जिला प्रशासन की टीम ने तुरंत स्टेम फिल्ड स्कूल पर कार्यवाही करते हुए स्कूल पर अपराध दर्ज किया।
जिला प्रशासन की टीम ने बताया कि जब स्कूलों और पुस्तकों विक्रेताओं के खिलाफ जांच और कार्यवाही चल रही है। तब स्कूल प्रबंधन किस आधार पर अविभावकों को किताबें जमा करने के लिए बुला रहे हैं। जिला प्रशासन का ये भी कहना है कि स्कूल प्रबंधन कही न कही जांच को प्रभावित और सबूत को मिटाने का प्रयास कर रहा है। जिला प्रशासन ऐसे स्कूलों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करेगा।
जबलपुर के 240 से ज्यादा निजी स्कूलों ने अनाप-शनाप फीस वृद्धि कर दी
फीस की जो रकम वापस दी जाएगी उसमें साल 2018 से लेकर 2024 तक की राशि शामिल है. बता दें, जबलपुर के 240 से ज्यादा निजी स्कूलों में से अधिकांश ने प्रशासन और राज्य सरकार को बिना जानकारी दिए अनाप-शनाप फीस वृद्धि कर दी थी. इनमें पहले चरण की जांच में 11 स्कूलों को लिया गया. फीस वृद्धि नियम के मुताबिक स्कूलों को 10 फीसदी तक फीस बढ़ाने की जानकारी सभी पैरेंट्स को और प्रशासन को देनी होती है. अगर फीस 15 फीसदी से ज्यादा बढ़ाई जाती है तो उसकी जानकारी राज्य सरकार को देनी जरूरी है. लेकिन, निजी स्कूलों ने इसका पालन नहीं किया.
शिक्षा विभाग वापस कराएगा फीस
लिहाजा अब शिक्षा विभाग इन स्कूलों पर फीस वापस करने के लिए दबाव डाल रहा है. शिक्षा विभाग ने शहर के जिन स्कूलों को आदेश जारी किया है उनमें उसमें लिटिल वर्ल्ड स्कूल, कटंगा और तिलवारा, क्राइस्ट चर्च फॉर बॉयज एंड गर्ल्स, चैतन्य टेक्नो विद्यालय, ज्ञान गंगा आर्किटेक्ट इंटरनेशनल स्कूल और स्टेम फील्ड इंटरनेशनल स्कूल शामिल हैं.
इन सभी को मिली जमानत
दूसरी ओर, 50 दिनों से जेल में बंद निजी स्कूलों के प्रिंसिपल और अन्य कर्मचारियों की हाईकोर्ट में जमानत मंजूर हो गई है. याचिकाकर्ताओं की ओर से अधिवक्ता हर्षित बारी ने पक्ष रखा. गौरतलब है कि निजी स्कूलों द्वारा नियम विरुद्ध तरीके से फीस बढ़ाई गई और पुस्तक विक्रेताओं के साथ सांठगांठ की गई. इसके बाद पैरेंट्स को तय दुकान से किताब कॉपियां खरीदने के लिए बाध्य किया गया. जिला प्रशासन की जांच में भी यह सारे तथ्य उजागर हुए थे. उसके बाद निजी स्कूलों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर 11 स्कूलों के संचालक, प्रिंसिपल एवं अन्य स्टाफ को गिरफ्तार किया गया था.

