अहमदाबाद में हुए एअर इंडिया विमान हादसे की पहली रिपोर्ट सामने आई है. पायलट की बातचीत का भी खुलासा हुआ है.
Source : DB News Update
By : DB न्यूज अपडेट | Edited By : प्रिंस अवस्थी
Air India plane crash report: अहमदाबाद में हुए एअर इंडिया के विमान हादसे की शुरुआती रिपोर्ट आई है. विमान दुर्घटना जांच ब्यूरो (AAIB) की रिपोर्ट में कई चौंकाने वाले खुलासे हुए हैं. प्लेन टेकऑफ के कुछ ही सेकेंड बाद क्रैश हो गया. इसका एक प्रमुख कारण दोनों इंजन का बंद होना बताया जा रहा था. हैरान करने वाली बात ये भी है कि प्लेन जरूरी ऊंचाई हासिल कर चुका था, लेकिन इसके बाद दोनों इंजन ‘रन’ से ‘कटऑफ’ मोड में चले गए.
बताया जा रहा है कि AAIB की रिपोर्ट में पायलट की बातचीत का भी जिक्र है. एअर इंडिया की फ्लाइट बोइंग ड्रीमलाइनर 787-8 के पायलट सुमित सभरवाल और को-पायलट क्लाइव कुंदर ने इंजन बंद होने को लेकर सवाल जवाब किया था.
हादसे की रिपोर्ट से क्या-क्या पता चला
एअर इंडिया का एक बोइंग 787-8 विमान (VT-ANB), जो अहमदाबाद से लंदन (गैटविक) जा रहा था, टेकऑफ के कुछ मिनट बाद ही क्रैश हो गया. हादसा 12 जून 2025 को दोपहर 1:39 बजे (IST) हुआ.
जांच में कौन-कौन शामिल?
भारत की एयरक्राफ्ट एक्सीडेंट इन्वेस्टिगेशन ब्यूरो (AAIB) ने जांच शुरू की. कई देशों के एक्सपर्ट भी मदद कर रहे हैं – जैसे अमेरिका (NTSB), ब्रिटेन (AAIB-UK), पुर्तगाल और कनाडा.
कितने लोग मारे गए?
कुल 260 लोग मारे गए – 229 यात्री, 12 क्रू और 19 जमीन पर मौजूद लोग. 1 यात्री गंभीर रूप से घायल हुआ.
विमान के बारे में जानकारी
विमान 2012 में बना था, GE GENx-1B इंजन लगे थे. इसके रख-रखाव में कोई बड़ी गड़बड़ी नहीं पाई गई थी. उड़ान से पहले कुछ छोटे-मोटे टेक्निकल पॉइंट्स सक्रिय थे, लेकिन सब नियंत्रण में थे.
कितना नुकसान हुआ?
विमान पूरी तरह जलकर नष्ट हो गया. जमीन पर पांच इमारतों को भी आग और टक्कर से भारी नुकसान हुआ. सिर्फ एक सेकेंड में RUN की जगह कैसे CUTOFF हो गए दोनों इंजन? यह जांच का विषय है.
विमान कहां गिरा?
रनवे से सिर्फ 1 किलोमीटर दूर, BJ मेडिकल कॉलेज हॉस्टल से टकराया. मलबा लगभग 1000 फीट x 4000 फीट तक फैला हुआ मिला. इस हादसे में कई छात्रों के मरने की भी खबर है.
फ्लाइट रिकॉर्डर (ब्लैक बॉक्स)
एक रिकॉर्डर से 46 घंटे का डेटा और 2 घंटे की ऑडियो रिकॉर्डिंग मिली, जिसमें हादसे का समय शामिल था. दूसरा रिकॉर्डर बुरी तरह टूटा हुआ था, उससे डेटा नहीं निकाला जा सका. सिर्फ एक सेकेंड में RUN की जगह कैसे CUTOFF हो गए दोनों इंजन? इस दिशा में जाचं हाे रही है कि नहीं, कोई इस पर गौर ही नहीं कर रहा है.
पायलट और एटीसी बात
टेकऑफ की अनुमति 08:07 UTC पर मिली थी. दो मिनट बाद 08:09 UTC पर पायलट ने “MAYDAY” कॉल किया यानी आपात स्थिति बताई. उसकी इन बातों से क्या मतलब था? और विमान की जांच में इंजन की हकीकत का पता क्यों नहीं चल पाया?
फ्लाइट का विवरण
विमान में कुल 230 यात्री और 12 क्रू मेंबर थे. वजन सीमा के अंदर था और कोई खतरनाक सामान नहीं था. दोनों पायलट उड़ान से पहले पूरी तरह फिट थे. इसके बावजूद इतना बड़ा हादसा हो गया और कई लोगों को जान गवांनी पड़ी.
हादसे की वजह क्या थी?
टेकऑफ के तुरंत बाद दोनों इंजनों के फ्यूल कटऑफ स्विच बंद हो गए, जिससे इंजन रुक गए। कॉकपिट की बातचीत में एक पायलट ने पूछा कि स्विच किसने बंद किया, दूसरे ने कहा “नहीं किया”. पायलटों ने इंजन दोबारा चालू करने की कोशिश की, लेकिन एक इंजन ठीक से शुरू नहीं हुआ. आपातकालीन पावर सिस्टम (RAT) खुद ही चालू हो गया.
पायलट्स और सिस्टम
पायलट्स, जो बहुत अनुभवी थे को दोष नहीं दिया जा सकता. कमांडिंग पायलट सुमीत सभरवाल के पास 15,638 घंटे की उड़ान का अनुभव था. उनके को-पायलट क्लाइव कंडर के पास 3,403 घंटे का अनुभव था. विशेषज्ञों का मानना है कि समस्या बोइंग द्वारा प्रदान की गई सिस्टम में थी, जो फ्यूल टैंक्स को स्विचऑफ कर सकती थी.
पूर्व AAIB अधिकारी कप्तान किशोर चिंता ने सवाल किया कि क्या स्विचेस विमान के इलेक्ट्रॉनिक कंट्रोल यूनिट की समस्या के कारण ट्रिगर हो हो सकते हैं. अगर ऐसा हुआ, तो यह चिंता का विषय है.

