शनि देव न्याय और कर्मप्रधान देवता होते हैं. जब शनि लगातार बुरे फल प्रदान कर रहे हो और किसी भी तरह का उपाय काम न आए, तो क्या करना चाहिए?
By : ज्योतिषाचार्य पंडित प्रदीप मिश्रा | Edited By : प्रिंस अवस्थी
Malefic effects of Saturn: शनि देव को न्याय और कर्म का देवता माने गए हैं. मान्यता है कि शनि देव लोगों को उनके कर्मों के अनुसार फल प्रदान करते हैं. जिन लोगों की कुंडली में शनि की स्थिति खराब होती है या शनि की साढ़ेसाती और ढैय्या चल रही होती है तो जीवन में बार-बार परेशानियां आती है.
शारीरिक-मानसिक रूप से रहती है परेशानी
शनि की ग्रह दशा खराब होने पर मानसिक तनाव, शारीरिक श्रम, आर्थिक हानि और अपमान जैसी स्थितियों का सामना करना पड़ता है. ऐसे में एक सवाल ये उठता है कि जब शनि लगातार बुरे फल प्रदान कर रहे हो और किसी भी तरह का उपाय काम न आए, तो क्या करना चाहिए? आज हम बताने जा रहे हैं. शास्त्रों में बताए गए सटीक और लाभकारी उपायों के बारे में, जिससे जातक को लाभ मिलेगा.
शनि ग्रह के अशुभ प्रभाव के लक्षण
- जीवन में बार-बार समस्याओं का आना.
- कोर्ट-कचहरी के मामलों मे देरी होना.
- पारिवारिक कलह-क्लेश का बढ़ाना और रिश्तों में कड़वाहट आना.
- लगातार आर्थिक हानि होना और नौकरी में बाधा आना.
- शनि प्रभावित होने पर आत्मविश्वास की कमी और मानसिक तनाव का सामना करना पड़ सकता है.
शास्त्र सम्मत उपाय
जिन जातकों की कुंडली में शनि ग्रह ज्यादा प्रभाव डालता है, उन्हें हनुमान जी की पूजा करनी चाहिए. हनुमान चालीसा का नियमित पाठ करने से शनि की महादशा से छुटकारा मिल सकता है.
नियमित रूप से शनि आराधना करें
शनि की ग्रह दशा खराब होने पर शनि देव की पूजा करना अत्यंत लाभकारी माना जाता है. इसके साथ ही प्रतिदिन ॐ शं शनैश्चराय नमः मंत्र का जाप करने से भी ग्रह दशा से छुटकारा मिलता है.
काले तिल और लोहे का दान करें
शनिवार के दिन काले तिल, काले कपड़े या लोहे के बर्तन दान करने से भी शनि दशा से छुटकारा मिलता है. शनि देव को सरसों का तेल काफी प्रिय होता है, इसलिए प्रत्येक शनिवार को सरसों का तेल चढ़ाने से सभी तरह के दोष खत्म होते हैं.
रत्न पहनने से पहले कुंडली दिखाएं
शनि साढ़ेसाती, ढैय्या और महादशा से छुटकारा पाने के लिए नीलम रत्न पहनना शुभ होता है. लेकिन इसे बिना किसी जानकार ज्योतिषीय से सलाह के बिना हाथ में पहनना अशुभ होता है. ज्योतिषाचार्य से सलाह लेने के बाद ही इसे धारण करना चाहिए.
शनि मंदिर में दीपक जलाएं
प्रत्येक शनिवार के दिन पीपल वृक्ष के नीचे सरसों तेल का दीपक जलाने से सभी तरह की समस्याओं से छुटकारा मिलता है.
कई लोग शनि ग्रह को क्रूर ग्रह मानते हैं, जबकि शनि कर्मफल दाता होते हैं. अच्छे कर्म करने वालो को अच्छा फल प्रदान करते हैं और बुरे कर्म करने वालो को बुरा फल प्रदान करते हैं. इन उपायों को करने से शनि महादशा से छुटकारा मिलता है.
Disclaimer: यह सूचना सिर्फ मान्यताओं और जानकारियों पर आधारित है. यहां यह बताना जरूरी है कि DBNewsupdate.com किसी भी तरह की मान्यता, जानकारी की पुष्टि नहीं करता है. किसी भी जानकारी या मान्यता को अमल में लाने से पहले संबंधित विशेषज्ञ से सलाह लें.

