महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री अजित पवार के निधन से दिल्ली तक शोक, पीएम मोदी-अमित शाह ने CM से ली जानकारी.
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By : DB News Update | Edited By: प्रिंस अवस्थी
Baramati Plane Crash: महाराष्ट्र के बारामती में डिप्टी सीएम का प्लेन क्रैश हो गया. जिससे उनकी और 5 अन्य लोगों की मौत हो गई है. मीडिया में चल रही खबरों के अनुसार यह विमान सुबह 8:10 बजे मुंबई से रवाना हुआ था और इसे 8:50 बजे बारामती एयरपोर्ट पर उतरना था, लेकिन लैंडिंग से ठीक पहले, सुबह 8:48 बजे प्लेन क्रैश हो गया. बताया जा रहा है कि लियर जेट 45 विमान (VT-SSK) जब बारामती एयरपोर्ट पर उतरने की कोशिश कर रहा था, तभी वह रनवे से फिसल गया और हादसे के बाद उसमें आग लग गई. नागरिक उड्डयन महानिदेशालय (DGCA) ने भी इसकी पुष्टि की है कि विमान में कुल 6 लोग सवार थे और सभी की मौत हो गई है.
सभाओं को संबोधित करने वाले थे डिप्टी सीएम
महाराष्ट के डिप्टी सीएम अजित पवार जिले में चुनाव प्रचार के कार्यक्रमों में हिस्सा लेने वाले थे. बताया जा रहा है कि उपमुख्यमंत्री अजित पवार बुधवार, 28 जनवरी 2026 को बारामती तालुका में जिला परिषद और पंचायत समिति के चुनाव प्रचार के तहत कई सभाओं को संबोधित करने वाले थे.
मीडिया को बारामती एयरपोर्ट के मैनेजर शिवाजी तावड़े ने बताया कि ‘विमान VT-SSK लैंडिंग की कोशिश कर रहा था, लेकिन वह रनवे से किनारे चला गया और टकराते ही उसमें विस्फोट हो गया. यह विमान मुंबई से चार्टर किया गया लियर जेट 45 था.’
अजित पवार की महाराष्ट्र की राजनीति में पॉवर
डिप्टी सीएम अजित पवार राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (एनसीपी) के नेता थे. जिनका पॉवर महाराष्ट्र की राजनीति में था और वे इस समय महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री का पद भी संभाल रहे थे. वह एनसीपी (शरद पवार गुट) के अध्यक्ष शरद पवार के भतीजे थे. पिछले साल अजित पवार अपने चाचा शरद पवार से अलग होकर भाजपा-शिवसेना गठबंधन सरकार में शामिल हुए थे, जिसके बाद उन्हें डिप्टी सीएम बनाया गया था.
कैसे राजनीति में रखा कदम?
अहमदनगर जिले के राहुरी तालुका के देवलाली प्रवारा में अजित पवार का जन्म 22 जुलाई 1959 को हुआ था. उन्होंने हाई-स्कूल और कॉलेज स्तर पर पढ़ाई महाराष्ट्र में की थी. मीडिया रिपोर्ट से पता चल रहा है कि, उन्होंने अपनी प्राथमिक और आगे की पढ़ाई देवलाली देओलाली प्रवारा और बारामती में पूरी की थी. उन्होंने बीकॉम (B.Com) की डिग्री शिवाजी यूनिवर्सिटी से हासिल की और इसके बाद उन्होंने राजनीति में कदम रखा.
अगर अजित पवार अपने पिता के रास्ते पर चलते, तो वह बॉलीवुड में भी पहचान बना सकते थे. उनके पिता अनंतराव पवार मशहूर फिल्म निर्देशक वी. शांताराम के साथ ‘राजकमल स्टूडियो’ में काम करते थे, लेकिन अजित ने अपने चाचा शरद पवार की तरह राजनीति को अपना रास्ता चुना.
सीएम बनने की ख्वाहिश रह गई अधूरी
अजित पवार की ख्वाहिश एक बार महाराष्ट्र का सीएम बनने की थी, अजीत पवार को लोग ‘दादा’ के नाम से पुकारते थे. वे साफ-साफ बोलने वाले नेता माने जाते थे. माना जाता है कि उनकी नजर हमेशा महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री पद पर रही. 2009 के विधानसभा चुनाव के बाद उन्हें डिप्टी सीएम नहीं बनाए जाने से वह नाराज हो गए थे, लेकिन दिसंबर 2010 में उन्होंने छगन भुजबल की जगह यह पद हासिल कर लिया. उन्होंने कई बार तत्कालीन मुख्यमंत्री पृथ्वीराज चव्हाण की खुलकर आलोचना भी की थी.
कैसा रहा अजीत पवार का राजनीति सफर
अजित पवार ने राजनीति की शुरुआत गन्ना सहकारी समितियों के जरिए की. 1991 में वह बारामती से सांसद चुने गए, लेकिन छह महीने बाद ही उन्होंने सांसद पद छोड़ दिया, क्योंकि शरद पवार उस समय रक्षा मंत्री बने थे. इसके बाद अजित ने विधानसभा चुनाव जीता और राज्य की राजनीति में सक्रिय हो गए. जब शरद पवार मुख्यमंत्री बने, तब अजित पवार को अलग-अलग विभागों में राज्य मंत्री बनाया गया.
डकैतों से मुठभेड़ में भाई की मौत
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, शरद पवार के बड़े भाई वसंतराव पवार की मौत गन्ने की फसल लूटने आए डकैतों से मुठभेड़ में हुई थी. काटेवाडी के पादरे इलाके में आज भी उनका स्मारक मौजूद है.
पीएम और अमित शाह ने सीएम फणवीश से जानकारी ली
मीडिया रिपोर्ट से पता चला है कि महाराष्ट्र के डिप्टी सीएम अजीत पवार के प्लेन क्रैश की जानकारी पीएम नरेन्द्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह ने महाराष्ट्र के सीएम देवेन्द्र फणवीश से जानकारी ली है और अजीत पवार के निधन पर गहरा दु:ख व्यक्त किया है. इसके अलावा महाराष्ट्र के अन्य नेताओं ने भी अजीत पवार के निधन पर दु:ख व्यक्त किया है और शोक संवेदना जाहिर की है.

