मध्य प्रदेश जबलपुर में पुस्तक मेला 2026 का हुआ भव्य शुभारंभ, उद्घाटन के अवसर पर महापौर ने कहा स्कूली बच्चों एवं अभिभावकों के हित में अभिनव पहल, विधायक ने कहा किताबें बच्चों की सबसे अच्छी मित्र
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By : DB News Update | Edited By: प्रिंस अवस्थी
Book Fair 2026: स्कूली बच्चों एवं उनके अभिभावकों को एक ही स्थान पर न्यूनतम और प्रतिस्पर्धी दरों पर निजी स्कूलों की किताबें, कापियां और गणवेश उपलब्ध कराने 25 मार्च से 5 अप्रैल तक लगाये जा रहे पुस्तक मेला में 81 स्टॉल लगाये गये हैं. इनमें 76 स्टॉल पाठ्यपुस्तक विक्रेताओं एवं शैक्षिक सामग्री के तथा पांच स्टॉल व्यंजनों के हैं. पुस्तक मेला 5 अप्रैल तक प्रतिदिन शाम 4 बजे से रात 10 बजे तक तथा शनिवार और रविवार को दोपहर 12 बजे से रात 10 बजे तक खुला रहेगा.
पिछले दो वर्ष में मिली अभूतपूर्व सफलता के बाद शहर के हृदय स्थल गोलबाजार स्थित शहीद स्मारक परिसर में 25 मार्च 2026 बुधवार को तीसरे पुस्तक मेला का भव्य शुभारंभ हुआ. निजी स्कूलों की महंगी कॉपी किताबों से अभिभावकों को राहत दिलाने जिला प्रशासन द्वारा आयोजित किये जा रहे बारह दिनों के पुस्तक मेला का शुभारंभ महापौर जगत बहादुर सिंह अन्नू ने किया. उन्होंने पुस्तक मेला के शुभारंभ की औपचारिक घोषणा भी की. इस अवसर पर विधानसभा क्षेत्र जबलपुर उत्तर के विधायक डॉ अभिलाष पांडे, माध्यमिक शिक्षा मंडल के उपाध्यक्ष श्रीनिवास राव, जिला पंचायत के सीईओ अभिषेक गहलोत तथा जिला शिक्षा अधिकारी घनश्याम सोनी एवं जिला परियोजना समन्वयक योगेश शर्मा भी मंचासीन थे.
पुस्तक मेले की निरंतरता बनाए रखने की पहल
पुस्तक मेला के शुभारंभ पर महापौर श्री जगत बहादुर सिंह अन्नू ने इसकी निरंतरता बनाये रखने के लिये जिला प्रशासन को साधुवाद दिया. उन्होंने कहा कि स्कूली बच्चों और अभिभावकों को निजी स्कूलों, प्रकाशकों और पुस्तक विक्रेताओं की मनमानी से राहत दिलाने पुस्तक मेला का आयोजन करने वाला जबलपुर प्रदेश का पहला जिला था. इसे मिली सफलता को देखते हुये राज्य शासन द्वारा जबलपुर के इस नवाचार को पूरे प्रदेश में लागू करने का निर्णय लिया गया और हर जिले में पुस्तक मेला के आयोजन के निर्देश दिये.
महापौर ने अपने संबोधन में पुस्तक मेला के आयोजन को अभिनव पहल बताया. उन्होंने कहा कि मेला में कॉपी-किताबों और स्कूली बच्चों के लिये आवश्यक अन्य शैक्षिक सामग्री सस्ती दर पर दी जा रही हैं. अभिभावकों को 20 से 50 प्रतिशत तक की छूट मिल रही है, जो अभिभावकों पर आर्थिक बोझ कम करने की दिशा में काफी मददगार साबित होगी.
नगर निगम के स्कूल के नवाचारों का उल्लेख
महापौर ने इस अवसर पर नगर निगम द्वारा शिक्षा के क्षेत्र में किये जा रहे नवाचारों का उल्लेख भी किया. उन्होंने बताया कि शहर में नगर निगम द्वारा संचालित स्कूलों के बच्चों को निजी स्कूलों के समकक्ष लाने के लिये ‘‘महापौर गुरुकुल’’ के माध्यम से निःशुल्क कोचिंग दी जा रही है. नगर निगम द्वारा संचालित स्कूलों के जो बच्चे बोर्ड परीक्षाओं में 85 फीसदी अंक ला रहे हैं उन्हें हवाई यात्रा भी कराई जा रही है. श्री अन्नू ने बताया कि इसका अब विस्तार किया जा रहा है और शासकीय स्कूलों के मेधावी बच्चों को भी हवाई यात्रा कराई जायेगी.
महापौर ने मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव के नेतृत्व में शिक्षा के क्षेत्र में हो रहे सुधार का जिक्र करते हुये कहा कि बड़े बदलाव लाने के लिये सरकार के प्रयासों में समाज के हर वर्ग की सहभागिता भी आवश्यक है. उन्होंने लगातार तीसरे वर्ष पुस्तक मेला के आयोजन के लिये जिला प्रशासन को साधुवाद दिया तथा इसकी सफलता की कामना की.
सीमित संसाधनों वाले अभिभावकों के लिये राहत दिलाने का अच्छा प्रयास- डॉ. पाण्डे
विधायक डॉ अभिलाष पांडे ने समारोह को संबोधित करते हुये माता-पिता के बाद किताबों को बच्चों का सबसे अच्छा मित्र बताया. उन्होंने कहा कि पुस्तक मेला का आयोजन सीमित संसाधनों वाले अभिभावकों के लिये राहत दिलाने का अच्छा प्रयास है. डॉ पांडे ने कहा कि विद्या विनम्र बनाती है और अच्छा नागरिक बनने का मार्ग दिखाती है. उन्होंने बच्चों को अच्छी शिक्षा हासिल कर परिवार, शहर और प्रदेश का नाम रोशन करने का आग्रह किया.
विधायक डॉ पांडेय ने गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के लिये मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव के नेतृत्व में किये जा रहे सकारात्मक प्रयासों का जिक्र करते हुए अपने विधानसभा क्षेत्र में शिक्षा के क्षेत्र में किये जा रहे नवाचारों की जानकारी दी. उन्होंने कहा कि जबलपुर उत्तर विधानसभा में ग्यारह शासकीय स्कूलों में स्मार्ट क्लासेस की शुरुआत हो चुकी है तथा सभी स्कूलों में स्मार्ट बोर्ड लगाये जा रहे हैं. ताकि, बच्चों को आधुनिक तरीके से शिक्षा दी जा सके.
बुक बैंक स्टॉल की सराहना
पुस्तक मेला के औपचारिक शुभारंभ के बाद महापौर जगत बहादुर सिंह अन्नू एवं विधायक डॉ अभिलाष पांडे ने मेला में लगे स्टॉलों का अवलोकन किया. महापौर और विधायक ने मेला स्थल पर पुरानी पुस्तकों के आदान-प्रदान के लिये लगाये गये बुक बैंक स्टॉल की सराहना की. उन्होंने कहा कि बुक बैंक स्टाल से नाम मात्र की कीमत पर बच्चों को पाठ्य पुस्तकें उपलब्ध कराना अभिनव प्रयास है. इससे आर्थिक रूप से कमजोर परिवार के बच्चे लाभान्वित होंगे. महापौर एवं विधायक ने विद्या को सबसे बड़ा दान बताते हुये विद्यार्थियों से अपनी पूर्व वर्ष की पाठ्यपुस्तकें बुक बैंक को दान करने की अपील की ताकि कमजोर परिवार के बच्चे इनका उपयोग कर सकें. शिक्षा विभाग के अधिकारियों ने बताया कि बुक बैंक के स्टॉल से दान में प्राप्त हुई किताबें रेडक्रॉस सोसायटी के माध्यम से बच्चों को उपलब्ध कराई जाएंगी. पांचवी से आठवीं तक प्रत्येक कक्षा की किताबों के सेट की कीमत मात्र 50 रुपये तथा कक्षा नवमीं से बारहवीं तक प्रत्येक कक्षा की किताबों के सेट की कीमत मात्र 100 रुपये निर्धारित की गई है.
पुस्तक मेला का शुभारंभ महापौर जगत बहादुर सिंह ‘अन्नू’ एवं विधायक डॉ.अभिलाष पाण्डे द्वारा दीप प्रज्ज्वलन और मां सरस्वती का पूजन कर किया. मेला के उद्घाटन समारोह में सांस्कृतिक छटा भी बिखरी. संभागीय बालभवन, स्वरांजलि एकेडमी और माउंट लिट्रा जी स्कूल के प्रतिभावान कलाकारों ने सरस्वती वंदना, कथक नृत्य और श्री कृष्ण रास जैसी मनमोहक प्रस्तुतियां दीं. इन प्रस्तुतियों ने उपस्थित जनसमूह को मंत्रमुग्ध कर दिया.

