बंगाल की 294 सीटों में से भाजपा ने 207 सीटें में जीत दर्ज, टीएमसी ने 80 सीटों पर सिमटी, कांग्रेस को सिर्फ दो सीट पर जीत मिली है. एक सीट फालता पर 21 मई को होगी वोटिंग.
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By : DB News Update | Edited By: प्रिंस अवस्थी
West Bengal Election Result 2026: बंगाल में बीजेपी ने परचम लहरा दिया है. अब मुख्यमंत्री बनाए जाने की चर्चा शुरु हो गई है. संभवत: 9 अप्रैल 2026 को बंगाल में नया मुख्यमंत्री शपथ लेगा. यहां बतादें कि भवानीपुर से सुवेंदु अधिकारी ने ममता बैनर्जी को 15,114 वोटों से हराया है. सुवेंदु के खिलाफ यह उनकी लगातार दूसरी हार है. 2021 विधानसभा चुनाव में सुवेंदु नंदीग्राम से ममता के खिलाफ जीत दर्ज की थी. ममता ने अपनी हार के बाद आरोप लगाया कि, मुझे अंदर धक्का दिया और पीटा गया. यहां दोबारा काउंटिंग होनी चाहिए.
किसी भी प्रदेश में सीएम फेस नहीं
अभी तक जितने भी चुनाव हुए हैं, उन चुनावों में बीजेपी ने किसी भी राज्य के चुनाव के वक्त कभी भी सीएम फेस की घोषणा नहीं करती है. हमेशा पीएम मोदी और अमित शाह की छवि के सहारे राज्य में चुनाव लड़े गए हैं. खुद प्रधानमंत्री ने राज्य में ताबड़तोड़ रैलियां की. पिछले एक महीने पीएम मोदी ने एक समर्पित कार्यकर्ता के तरह चुनावी प्रचार किया. हालांकि, पार्टी की तरफ से रैलियों में साफ कर दिया गया है, कि इस बार राज्य में मुख्यमंत्री बंगाली ही बनेगा. खुद गृहमंत्री अमित शाह ने इसकी घोषणा कर चुके हैं.
शुभेंदु अधिकारी प्रबल दावेदार
शुभेंदु अधिकारी का नाम मुख्यमंत्री बनने की लिस्ट में सबसे आगे है. इसकी वजह शुभेंदु अधिकारी के पास जमीनी समझ और नेटवर्क है. उन्होंने पिछले दो विधानसभा चुनावों में ममता बनर्जी को सीधी टक्कर दी है, साथ ही उन्हें दो बार हराया भी है. हालांकि, नारदा स्टिंग में उनका नाम का आना, उनकी राह में एक बड़ी मुसीबत बन सकता है. इस बार भी भवानीपुर विधानसभा में शुभेंदु अधिकारी ने ममता बनर्जी को बड़े अंतर से हराया है. इसके अलावा दिलीप घोष बीजेपी के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष हैं. दिलीप घोषकी पकड़ पार्टी में मजबूत बनी हुई है. समीक भट्टाचार्य बंगाल में बीजेपी के प्रदेश अध्यक्ष हैं. इनका नाम भी सीएम की रेस में शामिल है. पेशे से फैशन डिजाइनर अग्निमित्रा पॉल और पूर्व राज्यसभा सांसद के अलावा सोनारपुर दक्षिण से विधायक रूप गांगुली को भी सीएम का पद पार्टी सौंप सकती है.
16वें राउंड की काउंटिंग में शुभेंदु हुए आगे
सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि पश्चिम बंगाल में 15 सालों तक सत्ता संभालने वाली मुख्यमंत्री और भवानीपुर से तृणमूल कांग्रेस (TMC) की उम्मीदवार ममता बनर्जी अपनी ही सीट बचाने में नाकाम हो गईं. बंगाल विधानसभा में नेता विपक्ष और भवानीपुर विधानसभा सीट से भाजपा के उम्मीदवार शुभेंदु अधिकारी ने ममता बनर्जी को कुल 15,105 वोटों के अंतर से पछाड़ दिया है. अधिकारी ने भवानीपुर से ममता बनर्जी के खिलाफ 554 वोटों से बढ़त बनाई. उसके बाद मुड़कर नहीं देखा और 20वें राउंड में यह फासला कुल 15,105 वोटों का हो गया.
सबसे चर्चित रही भवानीपुर सीट
पश्चिम बंगाल के भवानीपुर विधानसभा सीट सबसे चर्चित रही. यहां से मुख्यमंत्री ममता बनर्जी तृणमूल कांग्रेस (TMC) की उम्मीदवार थीं, जिनके सामने चुनावी मुकाबले में विधानसभा में नेता विपक्ष शुभेंदु अधिकारी भारतीय जनता पार्टी (BJP) के प्रत्याशी थे. भाजपा प्रत्याशी शुभेंदु अधिकारी को कुल 73,390 वोट मिले और 20वें राउंड की काउंटिंग के बाद यह आंकड़ा बढ़कर 73,917 हो गया. जबकि सीएम ममता बनर्जी को 58,812 वोट मिले. ऐसे में दोनों प्रत्याशियों के बीच वोटों का अंतर कुल 15,105 वोटों का रहा.
तमिल-केरल में नहीं बन पाई बात
देश के पांच प्रमुख राज्य पश्चिम बंगाल, असम, तमिलनाडु, केरल और केंद्र शासित प्रदेश पुडुचेरी के विधानसभा चुनाव के नतीजे आए. इन नतीजों में भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) का विस्तार तो हुआ है. असम में बीजेपी ने लगातार तीसरी बार सत्ता पर काबिज होकर इतिहास रच दिया है तो वहीं पुडुचेरी में लगातार दूसरी बार जीत दर्ज करके अपनी पकड़ मजबूत बनाई है. पश्चिम बंगाल में पार्टी ने धमाकेदार अंदाज में अपना सियासी खाता खोला, लेकिन दक्षिण के तमिलनाडु और केरल में कमल का फूल खिलने में एक बार फिर नाकाम साबित हुआ है.
चुनाव चोरी, संस्था चोरी अब और चारा ही क्या-राहुल
राहुल गांधी ने सोशल मीडिया X पर लिखा है कि- असम और बंगाल में BJP ने चुनाव आयोग की मदद से चुनाव चुराया है. हम ममता जी से सहमत हैं. बंगाल में 100 से ज्यादा सीटें चुराई गईं. हमने यह तरीका पहले भी देखा है- मध्य प्रदेश, हरियाणा, महाराष्ट्र और लोकसभा 2024 में ऐसा ही हुआ है. चुनाव चोरी, संस्था चोरी अब और चारा ही क्या है.
कांग्रेस नेता अधीर रंजन बोले- बंगाल में भगवा लहर है
बहरामपुर से हारने के बाद कांग्रेस नेता अधीर रंजन चौधरी ने कहा- बंगाल में भगवा लहर है. हम कांग्रेस पार्टी की ओर से चुनाव लड़े थे. हमने पहले ही कहा था कि कांग्रेस को फिर से खड़ा करने और उसे बचाने के लिए मुर्शिदाबाद, मालदा, दिनाजपुर और पुरुलिया में हम कांग्रेस को बचाने की कोशिश करेंगे.
विजय की पार्टी 2 साल में परचम लहराया
तमिलनाडु में सबसे ज्यादा उलटफेर देखने को मिला. यहां के CM स्टालिन अपने ही बागी से हार गए. यहां के हीरो विजय रहे. जिन्होंने 2 साल के अंतराल में पार्टी को मजबूत कर लिया और जीत का परचम लहरा दिया. विजय की पार्टी टीवीके 10 सीटों पर जीत दर्ज की है. वहीं केरल में इंडियन नेशनल कांग्रेस ने 63 सीटों पर जीत दर्ज की है. जबकि पांडुचेरी में एनडीए गठबंधन को जीत मिली है.

