भारत सरकार की वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने बजट पेश कर दिया है. कई सेक्टर्स को मिला है भरपूर पैसा
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By : DB News Update | Edited By: प्रिंस अवस्थी
Union Budget 2026-27: भारत सरकार की वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने रविवार (1 फरवरी 2026) को बजट पेश कर दिया है. 7 नए स्पीड रेल कॉरिडोर, एमएसएमई के लिए फंड, बायोफार्मा शक्ति मिशन और कंटेंट क्रिएटर्स लैब्स, एआई टूल सेक्टर्स को भरपूर पैसा दिया है. बजट में अब बस इम्पोर्ट ड्यूटी के घटने-बढ़ने से सामानों के दाम थोड़े बहुत ऊपर-नीचे होते हैं. ज्यादातर चीजों के दाम GST काउंसिल तय करती है. GST के चार स्लैब घटाकर दो कर दिए गए हैं. अब केवल 5% और 18% के स्लैब में GST लगता है. GST काउंसिल की 56वीं मीटिंग में इस पर फैसला लिया गया था. इससे घी, पनीर खरीदने से लेकर कार और AC खरीदना भी सस्ता हो गया है.
डीजल-पेट्रोल पर किसी प्रकार की राहत नहीं
भारत सरकार के इस बजट में डीजल-पेट्रोल में किसी प्रकार की रिआयत नहीं दी गई है. जिसके कारण ट्रांसपोर्ट्स सेक्टर से जुड़े व्यवसायियों में निराशा झलक रही है. क्योंकि डीजल-पेट्रोल की बचत से ही उनका कारोबार जुड़ा रहता है. इस मायूसी को सरकार कैसे खत्म करेगी? यह चिंतनीय है. वहीं कुछ लोगों का मानना है कि बजट संतुलित है. भविष्य को ध्यान में रखकर बजट बनाया गया है. हलांकि अमेरिका के टैरिफ को लेकर कई लोगों ने चिंता जाहिर की है.
इस बजट से क्या सस्ता हुआ और क्या महंगा?
कैंसर की दवाइयां सस्ती:
सरकार ने कैंसर के इलाज में इस्तेमाल होने वाली 17 दवाओं पर बेसिक कस्टम ड्यूटी हटा दी है. इसके अलावा, 7 दुर्लभ बीमारियों के इलाज के लिए बाहर से मंगवाई जाने वाली दवाओं और स्पेशल फूड पर भी अब कोई टैक्स नहीं लगेगा.
माइक्रोवेव ओवन सस्ते:
इलेक्ट्रॉनिक्स सेक्टर में माइक्रोवेव ओवन बनाने में इस्तेमाल होने वाले खास पार्ट्स पर कस्टम ड्यूटी कम कर दी गई है. इससे आने वाले दिनों में माइक्रोवेव की कीमतों में कमी आ सकती है.
EV बैटरी और सोलर पैनल सस्ते:
सरकार ने लिथियम-आयन बैटरी बनाने वाली मशीनों पर मिलने वाली टैक्स छूट का दायरा बढ़ा दिया है. अब बैटरी एनर्जी स्टोरेज सिस्टम के लिए इस्तेमाल होने वाले सामान पर भी ड्यूटी नहीं लगेगी. वहीं, सोलर ग्लास बनाने में इस्तेमाल होने वाले ‘सोडियम एंटीमोनेट’ पर भी ड्यूटी हटा दी गई है, जिससे देश में सोलर पैनल बनाना सस्ता होगा.
जूते, कपड़े सस्ते हो सकते हैं
सी-फूड एक्सपोर्ट के लिए ड्यूटी फ्री इम्पोर्ट की लिमिट 1% से बढ़ाकर 3% हो गई है. लेदर और सिंथेटिक जूतों के साथ अब ‘शू अपर्स’ के एक्सपोर्ट पर टैक्स छूट मिलेगी. कच्चा माल सस्ता मिलेगा, तो प्रॉडक्शन की लागत घटेगी. अगर कंपनियां इसका फायदा ग्राहकों तक पहुंचाती हैं, तो लेदर के जूते, स्पोर्ट्स शूज और सी-फूड की कीमतें घट सकती है या कम से कम दाम स्थिर रहेंगे.
विदेश घूमना सस्ता होगा:
विदेश यात्रा के ‘टूर पैकेज’ बुक करना सस्ता हो जाएगा. पहले 10 लाख रुपए तक के खर्च पर 5% और उससे ज्यादा पर 20% टैक्स (TCS) लगता था. इसे अब घटाकर सीधा 2% कर दिया गया है. अब इसमें रकम की कोई लिमिट भी नहीं है.
एयरक्राफ्ट मेंटेनेंस सस्ता:
नागरिक उड्डयन को बढ़ावा देने के लिए एयरक्राफ्ट बनाने में इस्तेमाल होने वाले पुर्जों और कंपोनेंट्स पर कस्टम ड्यूटी हटा दी गई है. डिफेंस सेक्टर में भी एयरक्राफ्ट के मेंटेनेंस और रिपेयरिंग (MRO) के लिए मंगवाए जाने वाले कच्चे माल पर अब टैक्स नहीं देना होगा.
विदेशी सामान मंगाना सस्ता:
विदेश से अपने निजी इस्तेमाल के लिए सामान मंगवाने मंगाना सस्ता हो जाएगा. सरकार ने ऐसे सामान पर लगने वाले टैक्स को 20% से घटाकर 10% कर दिया है.
महंगा
- शराब पर TCS को 1% से बढ़ाकर 2% कर दिया गया है. इससे शराब की कीमतें बढ़ सकती है, क्योंकि इससे दुकानदार के मुनाफे पर असर होगा.
- फ्यूचर ट्रेडिंग पर लगने वाले सिक्योरिटीज ट्रांजैक्शन टैक्स (STT) को 0.02% से बढ़ाकर 0.05% और ऑप्शंस 0.15% किया गया है.
- TCS का मतलब है ‘सोर्स पर टैक्स कलेक्शन’. यह एक तरह का एडवांस इनकम टैक्स है. दुकानदार जो 2% टैक्स अभी सरकार को देगा, उसे वह साल के आखिर में अपना इनकम टैक्स रिटर्न (ITR) भरते समय एडजस्ट कर सकता है.
- STT ऐसा टैक्स है जो आपके हर सौदे (खरीदने और बेचने) पर लगता है. टैक्स दरें बढ़ने से अब आपको एक ही ट्रांजैक्शन के लिए पहले के मुकाबले ज्यादा पैसे चुकाने होंगे.

