टीवीके चीफ थलपति विजय के शपथ ग्रहण समारोह की शुरुआत में राष्ट्रीय गीत वंदे मातरम्, इसके बाद राष्ट्रगान जन गन मन और अंत में राज्य का आधिकारिक गीत तमिल थाई वाझथु तीनों गाए गए.
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By : DB News Update | Edited By: प्रिंस अवस्थी
Tamil Nadu Vijay Government: तमिलनाडु में नई पार्टी का एक्शन शुरू हो गया है और जनता से किया गया वादा पूरा करने की पहली घोषणा पर अमल होता दिख रहा है. यहां विधानसभा चुनाव 2026 जीतकर सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी तमिलगा वेत्री कझगम (TVK) को नई सरकार बनाने का मौका मिला और उन्होंने जनता को 200 यूनिट बिजली मुफ्त देने का ऐलान कर दिया. यहां बतादें कि टीवीके प्रमुख सी. जोसेफ विजय ने तमिलनाडु के नए मुख्यमंत्री के तौर पर रविवार (10 मई, 2026) को शपथ ग्रहण कर लिया है. थलपति विजय के मुख्यमंत्री के रूप में शपथ ग्रहण के भव्य समारोह में हजारों की संख्या में समर्थक और प्रशंसक शामिल हुए और इस अवसर पर सभी ने उन्हें बधाई दी.
राष्ट्रीय गीत और वंदे मातरम् गीत रहा खास
शपथ ग्रहण समारोह की सबसे खास बात यह रही कि शपथ ग्रहण से पहले राष्ट्रीय गीत वंदे मातरम् के पूर्ण संस्करण के साथ गाया गया और अंत में राज्य का आधिकारिक गीत ‘तमिल थाई वाझथु’ का गायन हुआ. दरअसल, इस वंदे मातरम् गीता का गायन करके नई सरकार टीवीके ने भारतीय जनता पार्टी (BJP) को एक मैसेज दिया है. क्योंकि केंद्रीय गृह मंत्रालय ने निर्देश जारी किया था कि किसी भी औपचारिक और सरकारी कार्यक्रम की शुरुआत से पहले राष्ट्रीय गीत वंदे मातरम् का पूर्ण संस्करण गाया जाना अनिवार्य है.
शपथ ग्रहण में राष्ट्रीय गीत, राष्ट्रगान और राज्यकीय गीत तीनों गाए गए
टीवीके चीफ सी. जोसेफ विजय के तमिलनाडु के मुख्यमंत्री के रूप में शपथ ग्रहण से पहले समारोह की शुरुआत में राष्ट्रीय गीत वंदे मातरम्, इसके बाद राष्ट्रगान जन गन मन और अंत में राज्य का आधिकारिक गीत तमिल थाई वाझथु तीनों गाए गए. इसके बाद थलपति विजय ने औपचारिक रूप में मुख्यमंत्री पद का शपथ ग्रहण किया.
केंद्र ने जवाहरलाल नेहरू पर राष्ट्रीय गीत के अनुच्छेदों का हटाने का लगाया था आरोप
उल्लेखनीय है कि थलपति विजय के शपथ ग्रहण समारोह के दौरान लोकसभा में विपक्ष के नेता और कांग्रेस सांसद राहुल गांधी मंच पर उनके बगल में खड़े थे. राहुल गांधी ने केंद्र सरकार की तरफ से लगाए गए उन आरोपों की कड़ी आलोचना की, जिसमें यह कहा गया था कि जवाहरलाल नेहरू के शासनकाल के दौरान कांग्रेस पार्टी ने सांप्रदायिक गतिविधियों को बढ़ावा देने के लिए राष्ट्रीय गीत वंदे मातरम् के कुछ अनुच्छेदों को हटा दिया था.
बंगाल शपथ ग्रहण में नहीं हुआ इस नियम का पालन
राष्ट्रीय गीत वंदे मातरम् को लेकर जोर देने वाली भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने शनिवार (9 मई, 2026) को पश्चिम बंगाल में शुभेंदु अधिकारी को मुख्यमंत्री बनाया और उनका शपथ ग्रहण समारोह आयोजित किया गया.
पश्चिम बंगाल में शुभेंदु अधिकारी का मुख्यमंत्री के रूप में शपथ ग्रहण एक ऐतिहासिक आयोजन था, क्योंकि यह पहली बार था जब राज्य में भाजपा के नेतृत्व में पहली बार सरकार बन रही थी. इस मौके पर खुद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह समेत कई अन्य भाजपा नेता भी उपस्थित रहे थे, लेकिन फिर भी कार्यक्रम से पहले वंदे मातरम का पाठ नहीं किया गया.
आखिर चुनाव परिणामों के बाद से क्या हुआ?
चुनाव परिणाम जैसे ही 4 मई को आए, तमिलनाडु का सियासत में बदलाव आ गया. विजय की टीवीके ने 108 सीटें जीतीं. सबसे बड़ी पार्टी बनी. हालांकि, टीवीके बहुमत के आंकड़े से पिछड़ गई. ऐसे में उसे गठबंधन के लिए अन्य सहयोगी पार्टियों की जरूरत पड़ी.
अगले कुछ वक्त में दूसरी पार्टियों के साथ संभावित गठबंधन को लेकर बातचीत हुई. इसमें कांग्रेस ने पांच विधायकों के समर्थन का प्रस्ताव रखा. इसके बाद सीपीआई और सीपीआईएम ने काफी उठापटक के बाद समर्थन दे दिया. इसके बाद शनिवार को IUML और वीसीके का समर्थन भी टीवीके को मिल गया.
सरकार बनाने के लिए 4 बार राज्यपाल से मुलाकात करनी पड़ी
सरकार बनाने का दावा लेकर विजय ने 4 बार राज्यपाल से मुलाकात की. लेकिन राज्यपाल ने उन्हें आंकड़े जुटाने का कहकर वापस भेज दिया. अब विजय फिल्मी सितारों की दुनिया से निकलकर राजनीतिक सुपरस्टार के तौर पर दुनिया और तमिलनाडु के उभरे हैं. अगर विजय यह सबकुछ उठापटक नहीं करते तो राज्य में राष्ट्रपति शासन लग जाता.
विजय का जन्म साल 1974 में हुआ था. उन्होंने 1992 में फिल्म नालैया थीरपू से अपने करियर की शुरुआत की. उन्हें एक लवर बॉय के तौर पर काफी सफलता मिली. यही उनकी पहचान बन गया. साल 2024 में उन्होंने फिल्मी दुनिया को छोड़कर राजनीति में कदम रखा.

