अगर आप प्राचीन और प्राकृतिक खूबसूरती को एक साथ देखना चाहते हैं. तो मध्य प्रदेश में जबलपुर से बेहतर जगह हो ही नहीं सकती है. इस शहर में नदियां और झरने व ऐतिहासिक धरोहर हैं.
By- dbnewsuptade | Edited by -Supriya
Source : DB News Update
Tourist Place in Jabalpur: मध्य प्रदेश का जबलपुर आपके घूमने फिरने के लिए सबसे बेहतरीन जगह है. इस शहर में नदी, झरने, महल, बांध और ऐसी ऐतिहासिक जगहें हैं, जो आपका दिल जीत लेंगी. इस शहर में मार्बल रॉक, मदन महल किला, डुमना नेचर रिजर्व पार्क, बैलेंसिंग रॉक और सबसे आकर्षक और खूबसूरत जगह धुंआधार वॉटरफाल ले सकते हैं.
चलिए आपको बताते हैं कि इन जगहों को देखने के लिए जबलपुर जाना होगा तो आप कैसे पहुंच सकते हैं जबलपुर और यहां ठहरने और खाने-पीने में कितना खर्च होगा…
जबलपुर पहुंच मार्ग
1. हवाई सुविधा
मशहूर टूरिस्ट प्लेस जबलपुर जाने के लिए हवाई, रेल और सड़क मार्ग का इस्तेमाल किया जा सकता है. जबलपुर के सबसे नजदीक डुमना हवाई अड्डा है. इस शहर से इसकी दूरी 25 किलोमीटर है. यह एयरपोर्ट दिल्ली, मुंबई, पुणे, नागपुर, भोपाल और इंदौर से जुड़ा हुआ है.
2.रेल मार्ग –
अगर ट्रेन से जाना चाहते हैं तो यहां जबलपुर रेलवे स्टेशन है. दिल्ली से जबलपुर के लिए कई ट्रेनें चलती हैं. इसमें महाकौशल एक्सप्रेस, निजामुद्दीन जबलपुर एक्सप्रेस जैसी ट्रेनें शामिल हैं. इसके अलावा देश के दूसरे शहरों से भी ट्रेन से जबलपुर जा सकते हैं.
3. सड़क मार्ग –
जबलपुर बेहतरीन सड़क नेटवर्क से जुड़ा है. ये शहर देश के सभी बड़े शहरों से सड़क मार्ग से जुड़ा है. दिल्ली और जबलपुर के बीच प्राइवेट एसी बसें भी चलती हैं. मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल से जबलपुर 313 किलोमीटर दूर है. दोनों शहरों के बीच कई बसें चलती हैं.
कितना देना होगा किराया?
अगर दिल्ली से फ्लाइट से जबलपुर जाना चाहते हैं तो आपको कम से कम 4200 रुपए खर्च करने पड़ेंगे. अगर मुंबई से इस शहर के लिए फ्लाइट लेना चाहते हैं तो कम से 4483 रुपए खर्च करने होंगे.
दिल्ली से जबलपुर के बीच चलने वाली ट्रेन 13 घंटे 40 मिनट में दूरी तय करती हैं. इन ट्रेनों में स्लीपर का किराया 480 रुपए है. जबकि थर्ड एसी का किराया 1270 रुपए, सेकंड एसी का किराया 1795 रुपए और फर्स्ट एसी के लिए 3030 रुपए है. इसके अलावा कई और ट्रेनें भी है. ट्रेनों के मुताबिक किराया में बदलाव हो सकता है. अगर दिल्ली से बस से जबलपुर जाना चाहते हैं तो आपको एसी बस के लिए 2899 रुपए खर्च करने होंगे.
ठहरने और खाने का खर्च
जबलपुर में ठहरने के लिए सस्ता और महंगा दोनों तरह के होटल मिल जाएंगे. एक रात ठहरने के लिए सबसे सस्ता 550 रुपए में होटल में कमरा मिल सकता है. इसके अलावा 2500 रुपए तक के कमरे वाले होटल उपलब्ध है. इस शहर में खाना बहुत ही सस्ता है. शहर में कई ऐसे ढाबे हैं, जहां 100 रुपए में भरपेट खाना खा सकते हैं. इसके अलावा महंगे होटल भी हैं.
घूमने की जगह
भेड़ाघाट-
नर्मदा नदी के दोनों तटों पर संगमरमर की सौ फुट तक ऊंची चट्टानें भेड़ाघाट की खासियत हैं. भेड़ाघाट एक घाटी बनाने वाली ऊंची संगमरमर की चट्टानों के लिए प्रसिद्ध है. जिसके माध्यम से नर्मदा नदी बहती है. इस स्थान पर एक सुंदर जलप्रपात भी है, जिसे धुआंधार जलप्रपात के नाम से जाना जाता है (जिसका शाब्दिक अर्थ है धुएं की धारा)। स्थान के पास पर्यटकों की रुचि के कुछ और स्थान हैं.
मदन महल-
जबलपुर में मदन महल किला, 11वीं शताब्दी में जबलपुर पर कई वर्षों तक शासन करने वाले शासकों के जीवन का प्रमाण है. शहर से कुछ किलोमीटर दूर एक पहाड़ी की चोटी पर स्थित मदन महल किले का निर्माण राजा मदन सिंह ने करवाया था. इस किले में युद्ध कक्ष, अस्तबल और जलाशय है. इसके अलावा डुमना नेचर रिजर्व पार्क भी देखने लायक है.
डुमना नेचर रिजर्व पार्क –
शहर से करीब 12 किमी दूर करीब दो हजार एकड़ में फैला डुमना नेचर पार्क इन दिनों पर्यटन प्रेमियों को आकर्षित कर रहा है. प्राकृतिक सौंदर्य से लबरेज ये उद्यान वाइल्ड लाइफ के शौकीनों के लिए जंगल से कम नहीं है. डुमना नेचर पार्क में हरे-भरे वृक्ष, खंदारी झील, सुंदर उद्यान तो देखने मिलेंगे ही आपको हिरण, मोर, बंदर और मगरमच्छ भी देखने के लिए मिल सकते हैं.
बैलेंसिंग रॉक-
मध्य प्रदेश के जबलपुर शहर में स्थित ग्रेनाइट चट्टानों की पहाड़ियां न केवल जबलपुर बल्कि विश्व पटल पर विख्यात हैं. मदन महल पहाड़ी पर स्थित बैलेंसिंग रॉक एशिया के तीन बैलेंस रॉक में शामिल है. कई क्विंटल वजनी ये पत्थर महज कुछ इंच के बेस से अपनी जगह पर खड़ा है. इसका बैलेंस ऐसा है कि बड़े से बड़े भूकंप के झटके भी इसे आज तक हिला नहीं पाए.
इन सब के अलावा भी आप गौरीघाट स्थित गीताधाम, कालीधाम, पिशनारी की मड़िया, कचनार सिंटी, नरसिंह मंदिर शास्त्री ब्रिज गोरखपुर, रानी दुर्गावती फोर्ट, कान्हा टाइगर रिजर्व, तिलवारा घाट, ग्वारीघाट महाआरती, बरगी डैम भी घूमने जा सकते हैं.

