चुनाव अधिकारी CCTV फुटेज जरिए इसका पता लगाने की कोशिश में जुटे, इसी चुनाव में पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प को मारने की दो बार कोशिश हुई.
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By : DB News Update| Edited By: प्रिंस अवस्थी
US Presidential Election 2024: अमेरिका में चुनाव से ठीक 7 दिन पहले वॉशिंगटन और ओरेगन इलाके में कुछ बैलेट बॉक्स में आग लगा दी गई. इसमें जमा हुए सैकड़ों बैलेट पेपर जलकर राख हो गए. चुनाव अधिकारी CCTV फुटेज जरिए इसका पता लगाने की कोशिश में जुटे हैं. चुनाव अधिकारी टिम स्कॉट ने कहा कि जिन मतदाताओं के बैलेट पेपर जले हैं उनसे संपर्क कर उन्हें नए मतपत्र दिए जाएंगे.
अमेरिका में हिंसा आम, 4 प्रेसिडेंट की हत्या हो चुकी: दुनिया का सबसे पुराना लोकतंत्र कहे जाने वाले अमेरिका में चुनावी हिंसा आम बात हो गई है. इसी चुनाव में पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प को मारने की दो बार कोशिश हुई. इकनॉमिक टाइम्स के के मुताबिक, 75% अमेरिकी मतदाताओं को हिंसा का डर है.
इससे पहले भी अमेरिका में चार राष्ट्रपतियों की हत्या हो चुकी है. इन चार के आलावा 16 अन्य पूर्व राष्ट्रपति भी ऐसे हमलों में बाल बाल बचे हैं.
मौके पर पहुंची टीम
संघीय जांच एजेंसी के प्रवक्ता स्टीव बर्नड ने कहा कि संघीय अधिकारी राज्य और स्थानीय पुलिस की मदद से इन घटनाओं की जांच कर रहे हैं। सोशल मीडिया पर कई वीडियो वायरल हैं, जिनमें वाशिंगटन के पोलिंग बूथ पर कई बैलेट बॉक्स से धुंआ निकलता देखा जा सकता है। वैंकूवर पुलिस विभाग ने बताया कि उन्हें सोमवार को बैलेट बॉक्स में आग लगने की खबर मिली थी जिसके बाद टीम मौके पर पहुंची। पोर्टलैंड पुलिस विभाग की असिस्टेंट चीफ अमांडा मैकमिलन ने कहा कि बैलेट बॉक्स में आग लगने का कारण पता नहीं चल पाया है। आग जानबूझकर लगाई गई या फिर हादसा था, इसकी जांच की जा रही है.
‘लोकतंत्र पर सीधा हमला’
इस तरह की जानकारी भी सामने आ रही है कि वाशिंगटन और ओरेगन में जिन बैलेट बॉक्स में आग लगी उनके बाहर एक संदिग्ध डिवाइस लगी थी। वाशिंगटन की क्लार्क काउंटी के ऑडिटर ग्रेग किमसे ने कहा कि यह लोकतंत्र पर सीधा हमला है। बॉक्स में फायर सप्रेशन सिस्टम लगा था लेकिन वैंकूवर के जिन बैलेट बॉक्स में आग लगी, उसका सप्रेशन सिस्टम सही तरीके से काम नहीं कर रहा था। इस वजह से हजारों वोट नष्ट हो गए.
अमेरिकी प्रशासन ने वोटर्स से किया आग्रह
पोर्टलैंड के एक अधिकारी ने बताया कि वाशिंगटन और पोर्टलैंड की घटनाएं आपस में जुड़ी हुई हैं। अमेरिकी प्रशासन ने वोटर्स से आग्रह किया है कि वो अपने बैलेट स्टेटस को ऑनलाइन चेक करें और अगर प्री-पोल में वोटिंग के बावजूद उनका वोट रजिस्टर नहीं हुआ है तो वो दोबारा वोटिंग के लिए आवेदन दें.
ट्रंप-हैरिस ने एक-दूसरे पर किये तीखे हमले
उधर, अमेरिका में राष्ट्रपति पद की दौड़ के अंतिम चरण में प्रवेश करने के बीच उपराष्ट्रपति कमला हैरिस और पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने चुनावी जंग के लिहाज से अहम उन राज्यों के मतदाताओं को लुभाने के लिए एक-दूसरे पर तीखे हमले बोले जो इस बेहद कड़े मुकाबले का नतीजा तय कर सकते हैं. रिपब्लिकन पार्टी के उम्मीदवार ट्रंप ने अटलांटा में जॉर्जिया इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी के परिसर में मैककैमिश पवेलियन में एक रैली को संबोधित किया. ट्रंप ने रैली में डेमोक्रेटिक पार्टी के नेताओं द्वारा उनकी तुलना नाजियों से करने के प्रयासों को खारिज कर दिया.
‘मैं नाजी नहीं हूं…
ट्रंप ने कहा, ‘मैं नाजी नहीं हूं… मैं एक नाजी के विपरीत हूं.’ ट्रंप ने हैरिस को फासीवादी कहकर उनकी आलोचना की. ट्रंप ने कहा, ‘वह फासीवादी हैं.’ न्यूयॉर्क के मैडिसन स्क्वायर गार्डन में ट्रंप की रविवार की रैली के बाद हैरिस की चुनाव प्रचार अभियान टीम ने इसकी तुलना आयोजन स्थल पर 1939 की नाजी सभा से की. इस सप्ताह अंतिम राष्ट्रव्यापी सीएनएन सर्वेक्षण में पाया गया कि 47 प्रतिशत संभावित मतदाता हैरिस का समर्थन करते हैं और इतने ही मतदाता चुनाव में ट्रंप का समर्थन करेंगे.
दुनिया का सबसे पुराना लोकतंत्र कहे जाने वाले अमेरिका में चुनावी हिंसा आम बात हो गई है. इसी चुनाव में पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प को दो बार मारने का प्रयास हो चुका है। इकनॉमिक टाइम्स के एक हालिया सर्वे के मुताबिक 75% अमेरिकी मतदाता संभावित चुनावी हिंसा से डरे हुए हैं, इससे पहले भी अमेरिका में चार राष्ट्रपतियों की हत्या हो चुकी है. इन चार के आलावा 16 अन्य पूर्व राष्ट्रपति भी ऐसे हमलों में बाल बाल बचे हैं। 2020 चुनावों के बाद भी ट्रम्प समर्थकों ने चुनावों परिणामों को गलत बताते हुए आगजनी और तोड़फोड़ की थी.

