स्वामी अविमुक्तेश्वानंद सरस्वती ने सीएम योगी आदित्यनाथ, बीजेपी और आरएसएस से सवाल पूछते हुए कहा कि आप अगर एकता लाना चाहते हैं तो इसका फॉर्मूला क्या है?
By : DB News Update| Edited By: प्रिंस अवस्थी
Batenge To Katenge: शंकराचार्य अविमुक्तेश्वानंद ने कहा कि बंटेंगे तो कटेंगे में भविष्यकाल की क्रिया है. ये भविष्य में संभावना की ओर इशारा है. उन्होंने कहा कि इसका मतलब है, अभी हम बंटे नहीं हैं, लेकिन इसकी संभावना है. उन्होंने कहा कि हमें इसके पीछे के कारण को खोजना होगा, जिससे हम बंट जाएंगे. बतादें कि यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का ‘बंटेंगे तो कटेंगे’ वाला बयान लगातार सुर्खियों में है. आरएसएस ने भी सीएम योगी के इस बयान पर अपनी मुहर लगा दी है. इस बीच शंकराचार्य अविमुक्तेश्वानंद सरस्वती ने इस पर बड़ी टिप्पणी की है. उन्होंने देश में एकता को जरूरी बताते हुए कहा कि इसके लिए आपके पास क्या फॉर्मूला है.
शंकराचार्य का सीएम योगी और बीजेपी से सवाल
मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक स्वामी अविमुक्तेश्वानंद सरस्वती ने सीएम योगी आदित्यनाथ, बीजेपी और आरएसएस से सवाल पूछते हुए कहा कि आप अगर एकता लाना चाहते हैं तो इसका फॉर्मूला क्या है? उन्होंने कहा, ”गाय को राष्ट्रमाता घोषित कीजिए, गोहत्या को अपराध घोषित करो. गाय माता है, जब ये पूरे देश को पता चल जाएगा तो पूरा देश कहेगा कि गाय हमारी माता है.”
उन्होंने कहा कि जब दोनों की माता (गाय) एक हो जाएंगी तो दोनों अपने आप भाई हो जाएंगे. उन्होंने कहा कि भाई-भाई में एकता होती है, इसे ही भाईचारा कहते हैं. ये गाय को राष्ट्रमाता घोषित किए जाने से ही हो सकता है. उन्होंने कहा कि जनता के सामने बंटने के कारण रखने होंगे.

