महाकुंभ आयोजन को लेकर विपक्ष द्वारा उठाए जा रहे सवालों पर सीएम योगी आदित्यनाथ ने पलटवार किया है.
By : DB News Update | Edited By: प्रिंस अवस्थी
Maha Kumbh 2025: सीएम योगी आदित्यनाथ ने बुधवार कहा है कि, इस महाकुंभ में 40 करोड़ श्रद्धालुओं के आने की संभावना है, जिससे प्रदेश में दो लाख करोड़ रुपये तक की आर्थिक वृद्धि होने की उम्मीद है. योगी आदित्यनाथ ने एक सम्मेलन को संबोधित करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व और मार्गदर्शन में भारत अपनी प्राचीन विरासत पर गर्व कर रहा है. महाकुंभ की शुरुआत की 13 जनवरी से हो रही है, इसको लेकर प्रशासन ने सभी तैयारियां पूरी कर ली है. महाकुंभ में आने वाले श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की असुविधाओं का सामना न करना पड़े, इसके विशेष इंतजाम किए गए हैं. मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ खुद महाकुंभ की तैयारियों की मॉनिटरिंग कर रहे हैं.
अपनी प्राचीन परंपराओं पर गर्व करने का अवसर
उन्होंने कहा, ‘महाकुंभ भारत की आध्यात्मिक और सांस्कृतिक धरोहर का परिचायक है. यह आयोजन देश और दुनिया के लोगों को अपनी प्राचीन परंपराओं पर गर्व करने और अपनी सांस्कृतिक जड़ों को समझने का अवसर प्रदान करता है.’ सीएम ने कहा कि इस आयोजन का उद्देश्य न केवल धार्मिक आस्था को प्रोत्साहित करना है, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा और मार्गदर्शन भी प्रदान करना है. उन्होंने कहा कि केंद्र और राज्य सरकारें संतों के सानिध्य में इस आयोजन को सफल और सुविधाजनक बनाने के लिए निरंतर प्रयास कर रही हैं.
भव्य, दिव्य और डिजिटल होगा महाकुंभ- सीएम
योगी आदित्यनाथ ने कहा कि इस बार का महाकुंभ एक भव्य, दिव्य और डिजिटल आयोजन होगा. श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए डिजिटल टूरिस्ट मैप, कृत्रिम मेधा (एआई) से जुड़े सुरक्षा तंत्र और स्मार्टफोन के माध्यम से शौचालयों की स्वच्छता का आकलन करने की व्यवस्था की गई है.
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री Yogi Adityanath ने महाकुंभ को लेकर जो आंकड़ा बताया है, वह सीधे “सरकारी खजाने में आय” (revenue) नहीं बल्कि पूरी राज्य अर्थव्यवस्था पर प्रभाव से जुड़ा है।
कितना पैसा आने का दावा?
सीएम योगी के अनुसार, महाकुंभ से यूपी की अर्थव्यवस्था को ₹3 लाख करोड़ से ज्यादा का फायदा होने का अनुमान है. उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री Yogi Adityanath ने महाकुंभ को लेकर जो आंकड़ा बताया है, वह सीधे “सरकारी खजाने में आय” (revenue) नहीं बल्कि पूरी राज्य अर्थव्यवस्था पर प्रभाव से जुड़ा है. इस कारण इस आयोजन को भव्य और दिव्य बनाने पर जोर दिया जा रहा है.
कैसे होगी यूपी सरकार को कमाई?
किसी भी आयोजन से पैसा सीधे सरकार के खजाने में नहीं आता है. सरकार जो भी आयोजन करती है तो उस आयोजन से पर्यटन से कमाई होती है.होटल, ट्रांसपोर्ट, व्यापार, छोटे दुकानदारों की आय बढ़ती है. इंफ्रास्ट्रक्चर और निवेश से आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा मिलता है. जिससे सरकार का खजाना भरता है और प्रदेश को अच्छा मुनाफा होता है.
7500 करोड़ खर्च करने पर 2 लाख करोड़ का अनुमान
प्रदेश सरकार का अनुमान है कि यदि महाकुंभ पर करीब ₹7,500 करोड़ रुपये खर्च किया जाता है तो राज्य में लगभग ₹2 लाख करोड़ की आर्थिक ग्रोथ पैदा होगी. जिससे प्रदेश की आर्थिक स्थिति में सुधार होगा. यहां देश के कोने-कोने से लोग आएंगे और हर सेक्टर में क्षेत्रीय लोगों को फायदा मिलेगा.
पैसा आने पर सरकार किन विकास कार्यों को करती है?
जब सरकार के खजाने (Treasury) में पैसा आता है, वहचाहे टैक्स से, शुल्क से या बड़े आयोजनों जैसे महाकुंभ से अप्रत्यक्ष रूप से पैसा आता है तो उस पैसे का इस्तेमाल कई जरूरी कामों में किया जाता है. Yogi Adityanath की सरकार भी broadly इन्हीं क्षेत्रों में खर्च करती है.
सरकार पैसे का क्या करती है?
इंफ्रास्ट्रक्चर (Infrastructure)
सड़कें, हाईवे, पुल, मेट्रो
एयरपोर्ट, रेलवे सुधार
प्रयागराज और आसपास महाकुंभ के लिए किए गए विकास के काम
स्वास्थ्य सेवाएं
सरकारी अस्पताल, मेडिकल कॉलेज
मुफ्त/सस्ती इलाज योजनाएं
दवाइयों और उपकरणों की व्यवस्था
शिक्षा
सरकारी स्कूलों का निर्माण/सुधार
कॉलेज और यूनिवर्सिटी
छात्रों के लिए स्कॉलरशिप और योजनाएं
किसान और ग्रामीण योजनाएं
सब्सिडी (बीज, खाद, बिजली)
सिंचाई परियोजनाएं
ग्रामीण सड़क और आवास योजना
सुरक्षा और प्रशासन
पुलिस, न्यायालय, प्रशासनिक खर्च
सरकारी कर्मचारियों की सैलरी और पेंशन
सामाजिक कल्याण योजनाएं
गरीबों के लिए राशन (PDS)
पेंशन (बुजुर्ग, विधवा, दिव्यांग)
आवास, गैस, शौचालय जैसी योजनाएं
निवेश और भविष्य की परियोजनाएं
नए उद्योग लगाने के लिए प्रोत्साहन
शहरों का विकास (Smart City आदि)

