मध्य प्रदेश सरकार के सामान्य प्रशासन विभाग के अवर सचिव सचिंद्र राव की ओर से 30 जनवरी को लेकर आदेश जारी किया गया है. शहीद दिवस पर आम लोगों को भी जोड़ने का निर्देश दिया गया है.
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By : DB News Update | Edited By: प्रिंस अवस्थी
MP News: सार्वजनिक उपक्रम के साथ-साथ शैक्षणिक संस्थाओं में देश को आजादी दिलाने वाले स्वतंत्रता संग्राम के शहीदों की स्मृति में 30 जनवरी 2025 को 2 मिनट के लिए मौन धारण किया जाएगा. इसे लेकर मध्य प्रदेश सरकार के सामान्य प्रशासन विभाग की ओर से गाइडलाइन भी जारी कर दी गई है.
सामान्य प्रशासन विभाग के अवर सचिव सचिंद्र राव की ओर से जारी किये गए आदेश में मध्य प्रदेश के सभी कलेक्टर, समस्त विभागों के प्रमुख और संभाग आयुक्त को निर्देशित किया गया है.
सभी को दो मिनट का मौन रखने का निर्देश
राज्य सरकार ने सभी विभाग प्रमुखों, संभागीय आयुक्तों और कलेक्टरों को 30 जनवरी को सुबह 11 बजे दो मिनट का मौन रखने का आदेश दिया है। 20 जनवरी को जारी आदेश में कहा गया है कि हर साल 30 जनवरी को सुबह 11 बजे देश भर में दो मिनट का मौन रखा जाता है। यह मौन राष्ट्र की आज़ादी के लिए अपने प्राणों की आहुति देने वाले शहीदों की याद में होता है। इस दिन को चिह्नित करने के लिए 2 मिनट का मौन रखा जाना चाहिए और काम और अन्य गतिविधियों को रोक दिया जाना चाहिए।
पूरी गंभीरता से मनाएं
आदेश में आगे कहा गया है कि पिछले कुछ वर्षों में देखा गया है कि कुछ कार्यालयों में तो दो मिनट का मौन रखा जाता है, लेकिन आम जनता अपने काम में लगी रहती है। इस अवसर की गंभीरता पर ध्यान नहीं देती है। इसलिए अनुरोध है कि शहीद दिवस को पूरी गंभीरता के साथ मनाया जाए।
सरकार के आदेश में क्या कहा गया?
आदेश में लिखा गया है कि हर साल 30 जनवरी को सुबह 11:00 बजे भारत के स्वतंत्रता संग्राम में अपने जीवन का बलिदान देने वालों के लिए 2 मिनट का मौन रखा जाता है. इस संबंध में पूर्व में भी गाइडलाइन जारी हो चुकी है. 30 जनवरी को 11:00 बजे मौन रखकर काम या गतिविधि रोकी जाना चाहिए. इसके अलावा अगर संभव हो तो 2 मिनट के मौन की अवधि शुरू होने और समाप्त होने पर सूचना के रूप में सायरन का उपयोग किया जाना चाहिए. अगर सायरन ना हो तो अन्य सिग्नल के साथ मौन धारण कराया जाना चाहिए.
शहीद दिवस पर आम लोगों को जोड़ने का भी निर्देश
एमपी में मोहन यादव सरकार के सामान्य प्रशासन की ओर से जारी निर्देशों में स्पष्ट रूप से जिक्र किया गया है कि आम जनता को भी शहीदों की स्मृति दिवस से जोड़ा जाना चाहिए. शहीद दिवस को उचित गंभीरता के साथ मनाया जाना चाहिए. इसके लिए हम लोगों का इस ओर ध्यान केंद्रित किया जाना जरूरी है.
शैक्षणिक संस्थाओं के लिए भी आदेश
आदेश में ये भी जिक्र किया गया है कि शहीद दिवस मनाने के संबंध में नियंत्रणाधीन सभी शैक्षणिक संस्थाओं और सार्वजनिक उपक्रम को निर्देश जारी किए जाने चाहिए ताकि पूरा आयोजन गंभीरता के साथ मनाया जा सके. इसके अलावा स्वतंत्रता संग्राम और राष्ट्रीय एकता के बारे में वार्ता, भाषण के माध्यम से जानकारी दी जानी चाहिए. आदेश में यह भी कहा गया है कि आपके (आयुक्तों और कलेक्टरों) नियंत्रणाधीन सभी शिक्षण संस्थानों और सार्वजनिक उपक्रमों को निर्देश जारी किए जाने चाहिए कि शहीद दिवस पूरी गंभीरता से मनाया जाए. स्वतंत्रता संग्राम और राष्ट्रीय एकता पर चर्चा और भाषण हाइब्रिड मोड में आयोजित किए जाने चाहिए.
नाथूराम गोडसे ने बिड़ला हाउस में गांधी स्मृति में महात्मा गांधी की हत्या कर दी थी
30 जनवरी, 1948 को, भारत की आज़ादी के कुछ महीनों बाद, नाथूराम गोडसे ने बिड़ला हाउस में गांधी स्मृति में महात्मा गांधी की हत्या कर दी थी. यह दिन हमें उन सभी वीरों की याद दिलाता है जिन्होंने देश की आज़ादी के लिए अपना सब कुछ कुर्बान कर दिया. हमें उनके बलिदान को व्यर्थ नहीं जाने देना चाहिए.
सरकार ने कहा है कि यह दो मिनट का मौन केवल एक औपचारिकता नहीं है. बल्कि यह उन वीरों के प्रति हमारा सम्मान और कृतज्ञता है. जिन्होंने अपने प्राणों की आहुति देकर हमें यह आज़ादी दिलाई. आइए, हम सब मिलकर शहीद दिवस को पूरी श्रद्धा और गंभीरता के साथ मनाएं और उन वीर शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित करें. उनके बलिदान को हमेशा याद रखें और उनके दिखाए रास्ते पर चलें.

