कलेक्ट्रेट सभागार में जनगणना 2027 की तैयारियों को लेकर बैठक संपन्न, कार्यप्रणाली और मकान सूचीकरण कार्यों की बारीकी से समीक्षा की.
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By : DB News Update | Edited By: प्रिंस अवस्थी
Janganana 2027 News: जबलपुर में आगामी जनगणना 2027 की तैयारियों को लेकर कलेक्ट्रेट सभागार में एक महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक आयोजित की गई. इस बैठक की अध्यक्षता भारत सरकार के जनगणना कार्य निदेशालय मध्यप्रदेश के निदेशक कार्तिकेय गोयल द्वारा की गई. जिसमें उन्होंने जिला प्रशासन के अधिकारियों के साथ जनगणना के प्रथम चरण की कार्यप्रणाली और मकान सूचीकरण कार्यों की बारीकी से समीक्षा की. श्री गोयल ने फील्ड स्तर पर कार्य की सटीकता और कार्यकुशलता बढ़ाने के लिए आवश्यक मार्गदर्शन और सुझाव प्रदान किए. बैठक के दौरान कलेक्टर राघवेन्द्र सिंह, नगर निगम आयुक्त रामप्रकाश अहिरवार और जिला पंचायत सीईओ अभिषेक गहलोत ने उनका स्वागत किया और कार्य को बेहतर बनाने के संबंध में विस्तृत चर्चा की.
1 मई से 30 मई 2026 तक मकान सूचीकरण का कार्य किया जाएगा
जनगणना 2027 की समय-सीमा के बारे में जानकारी देते हुए निदेशक ने बताया कि आगामी 1 मई से 30 मई 2026 तक मकान सूचीकरण का कार्य किया जाएगा. इसके अलावा आम नागरिकों के लिए 16 अप्रैल से 30 अप्रैल 2026 तक स्व-गणना का विकल्प भी उपलब्ध रहेगा. इस बार की जनगणना की सबसे बड़ी विशेषता डिजिटल टूल्स का व्यापक उपयोग है, जिसमें पूरे कार्य की मॉनिटरिंग सी.एम.एम.एस. पोर्टल के माध्यम से की जाएगी और मकान सूचीकरण ब्लाकों का निर्माण एच.एल.बी.सी. मॉड्यूल पर किया जाएगा.
अधिकारियों की समस्याओं को सुना
बैठक के समापन पर श्री गोयल ने उपस्थित प्रशासनिक अधिकारियों की समस्याओं को सुना और उनके निराकरण के लिए निर्देश दिए. इस समीक्षा बैठक में संयुक्त कलेक्टर ऋषभ जैन, संयुक्त संचालक प्लानिंग बलवंत सिंह राहंगडाले और भोपाल निदेशालय से नियुक्त प्रभारी अधिकारी मनोज नाथानी सहित जिले के सभी नगरीय एवं ग्रामीण चार्ज अधिकारी और कर्मचारी उपस्थित रहे.
बुनियादी सुविधाओं का होगा खुलासा
सरकार आम आदमी से कई सवाल करेगी और उन सवालों के माध्यम से सरकार देशभर के नागरिकों के जीवन स्तर, बुनियादी सुविधाओं और सामाजिक-आर्थिक स्थिति के बारे में विस्तृत जानकारी एकत्र करेगी, जिससे भविष्य में योजनाओं और नीतियों को बेहतर तरीके से तैयार किया जा सके.
33 सवालों से तैयार होगी लिस्ट
भवन संख्या: –
इससे नगरपालिका या स्थानीय निकाय अथवा जनगणना संख्या से संबंधित होगा, जिससे यह निर्धारित किया जा सकेगा कि जिस भवन में परिवार रह रहा है, उसका नंबर क्या है.
जनगणना घर संख्या: –
इससे घर की विशिष्ट पहचान होगी, ताकि उसे अन्य घरों से अलग पहचाना जा सके.
जनगणना घर के फर्श की प्रमुख सामग्री: –
इसका उद्देश्य यह है कि घर के फर्श की प्रमुख सामग्री क्या है, जैसे कि टाइल्स, सीमेंट, लकड़ी आदि।
जनगणना घर की दीवार की प्रमुख सामग्री:-
इससे यह पता चलेगा कि घर की दीवारों में किस प्रकार की सामग्री का उपयोग किया गया है, जैसे कि ईंट, सीमेंट, लकड़ी आदि.
जनगणना घर की छत की प्रमुख सामग्री:-
इसके जरिए यह जानकारी जुटाई जाएगी कि घर की छत किस सामग्री से बनी है, जैसे कि टाइल, कंक्रीट, शेड आदि.
जनगणना घर का उपयोग: –
इससे यह स्पष्ट होगा कि घर किस उद्देश्य के लिए उपयोग किया जा रहा है, जैसे कि आवास, दुकान, या अन्य कोई विशेष उद्देश्य.
जनगणना घर की स्थिति: –
इससे घर की स्थिति के बारे में जानकारी मिलेगी, जैसे कि यह नया है या पुराना. अगर पुराना है तो कितना पुराना है ये घर?
परिवार में लोगों की संख्या:-
इसमें यह पूछा जाएगा कि एक घर में कितने परिवार निवास करते हैं.
निवास करने वाले व्यक्तियों की कुल संख्या:-
इसका उद्देश्य यह जानना होगा कि परिवार में कितने लोग आमतौर पर रहते हैं.
परिवार के मुखिया का नाम:-
इसके जरिए परिवार के मुखिया का नाम लिया जाएगा, जो घर के सबसे प्रमुख व्यक्ति के रूप में कार्य करता है.
परिवार के मुखिया का लिंग: –
इससे यह पता चलेगा कि परिवार के मुखिया का लिंग क्या है, यानी वह पुरुष हैं या महिला.
क्या परिवार की मुखिया का वर्ग:-
इससे परिवार के मुखिया के सामाजिक वर्ग जैसे अनुसूचित जाति/अनुसूचित जनजाति/अन्य से संबंधित जानकारी लगेगी, ताकि जाति आधारित आंकड़े एकत्रित किए जा सकें.
घर किराये का है या खुद का :-
इससे ये पता लग सकेगा कि क्या ये घर आपका है या आप किराए पर रह रहे हैं.
आवासीय कमरों की संख्या:-
इससे यह पता चलेगा कि परिवार के पास कितने कमरे हैं.
विवाहित दंपतियों की संख्या:-
इसमें यह पूछा जाएगा कि परिवार में कितने विवाहित दंपति रहते हैं.
पीने के पानी का मुख्य स्रोत:-
इसका उद्देश्य यह जानना है कि परिवार के लिए पीने का पानी कहां से आता है, जैसे कि नल, हैंडपंप, टैंकर आदि.
पीने के पानी के स्रोत की उपलब्धता:-
इससे यह निर्धारित होगा कि पीने का पानी हमेशा उपलब्ध है या कभी-कभी कमी होती है.
प्रकाश व्यवस्था का मुख्य स्रोत:-
इस सवाल में यह पूछा जाएगा कि घर में बिजली का मुख्य स्रोत क्या है, जैसे कि बिजली, सोलर ऊर्जा, या अन्य कोई स्रोत.
शौचालय की उपलब्धता:-
इसका उद्देश्य यह जानना होगा कि घर में शौचालय की सुविधा उपलब्ध है या नहीं.
शौचालय का प्रकार:-
इससे शौचालय का प्रकार क्या है, जैसे कि फ्लश शौचालय, पिट शौचालय, या अन्य कोई प्रकार की जानकारी लगेगी.
अपशिष्ट जल निकासी व्यवस्था:-
इससे पता चलेगा कि घर में अपशिष्ट जल (सीवेज) को किस प्रकार से निकाला जाता है, जैसे कि नाली, ड्रेनेज सिस्टम आदि.
स्नान सुविधा की उपलब्धता:-
इसमें यह पूछा जाएगा कि परिवार के पास स्नान की सुविधा है या नहीं.
रसोईघर तथा एलपीजी/पीएनजी कनेक्शन की उपलब्धता:-
इसमें यह पूछा जाएगा कि परिवार के पास रसोईघर और गैस कनेक्शन (एलपीजी या पीएनजी) की सुविधा उपलब्ध है या नहीं.
खाना पकाने के लिए प्रयुक्त मुख्य ईंधन:-
इससे यह जानने के लिए होगा कि परिवार खाना पकाने के लिए किस ईंधन का उपयोग करता है, जैसे कि लकड़ी, गैस, बिजली, या अन्य कोई.
रेडियो/ट्रांजिस्टर:-
इसमें यह पूछा जाएगा कि परिवार के पास रेडियो या ट्रांजिस्टर है या नहीं.
टेलीविजन:-
इससे यह जानकारी लगेगी कि परिवार के पास टेलीविजन है या नहीं.
इंटरनेट की उपलब्धता:-
इसमें यह पूछा जाएगा कि परिवार के पास इंटरनेट की सुविधा उपलब्ध है या नहीं.
लैपटॉप/कंप्यूटर:-
इससे यह जानकारी लगेगी कि परिवार के पास लैपटॉप या कंप्यूटर है या नहीं.
टेलीफोन/मोबाइल फोन/स्मार्टफोन:-
इसमें यह पूछा जाएगा कि परिवार के पास टेलीफोन, मोबाइल फोन या स्मार्टफोन है या नहीं.
साइकिल/स्कूटर/मोटरसाइकिल/मोपेड:-
इससे यह पता लगेगा कि परिवार के पास साइकिल, स्कूटर, मोटरसाइकिल या मोपेड है या नहीं.
कार/जीप/वैन:-
इसमें यह पूछा जाएगा कि परिवार के पास कार, जीप या वैन है या नहीं.
परिवार में उपभोग किया जाने वाला मुख्य अनाज:-
इससे यह जानकारी लगेगी कि परिवार किस प्रकार का अनाज मुख्य रूप से खाते हैं, जैसे कि चावल, गेहूं, मक्का आदि.
मोबाइल नंबर:-
इसका उद्देश्य यह होगा कि जनगणना से संबंधित किसी भी जानकारी के लिए परिवार से संपर्क किया जा सके, इसके लिए एक मोबाइल नंबर लिया जाएगा.

