अमृत फेज–2.0 योजना के कार्यों का निरीक्षण कर निगमायुक्त ने परखा गुणवत्ता स्तर, अधिकारियों और ठेका कंपनी को लगाई फटकार
Source : DB News Update
By : DB News Update | Edited By: प्रिंस अवस्थी
AMRUT 2.0 Jabalpur News : मध्य प्रदेश के जबलपुर शहरी क्षेत्र नर्मदा जल पहुंचाने के लिए AMRUT 2.0 योजना लांच की गई है. जिसके अंतर्गत स्वस्थ्य जीवन के लिए स्वच्छ जल की सप्लाई की जाएगी. इस कार्य को जल्द पूरा करने के लिए एड़चोटी का जोर लगाया जा रहा है. अभी तक गौरीघाट से रांझी तक पानी की पाइप लाइन डालने के नाम पर जितनी सड़कों को खोदा गया है और वहां पानी की पाइप लाइन डाली गई है. उसे जल्द पूरा करने के निर्देश दिए गए थे. इतना ही नहीं राहगीरों की सुरक्षा का प्रबंध करने के आदेश नगर निगम आयुक्त द्वारा दिए गए थे. लेकिन शहरवासियों के लिए एक और राहत भरी व सुखद खबर यह है कि अमृत फेज–2 (अटल मिशन फॉर रिजुवेनेशन एंड अर्बन ट्रांसफॉर्मेशन) जल प्रदाय योजना को जल्द पूरा करने के लिए निगमायुक्त ने कंसल्टेंट कंपनी और ठेका कंपनी के जिम्मेदारों को पटकार लगाई है और कहा है कि इस प्रोजेक्ट को जल्द पूरा किया जाए. बतादें कि अमृत योजना के तहत हर घर तक मां नर्मदा का शुद्ध जल पहुंचाने का सपना अब तेजी से साकार हो रहा है. निगमायुक्त राम प्रकाश अहिरवार ने ललपुर पहुंचकर चल रहे निर्माण कार्यों का गहन निरीक्षण किया और अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि कार्य की गुणवत्ता से किसी भी स्तर पर समझौता न हो तथा सभी कार्य निर्धारित समय-सीमा में पूर्ण किए जाएं.
312 करोड़ रुपये की लागत से संचालित है योजना
निगमायुक्त ने बताया कि लगभग 312 करोड़ रुपये की लागत से संचालित यह महत्वाकांक्षी योजना उन क्षेत्रों तक नर्मदा जल पहुंचाने के उद्देश्य से तैयार की गई है, जो अब तक इस सुविधा से वंचित रहे हैं. ललपुर स्थित निर्माण स्थल पर निरीक्षण के दौरान उन्होंने परियोजना की प्रगति पर संतोष व्यक्त करते हुए तकनीकी पहलुओं की भी विस्तार से समीक्षा की.
जरूरतों को ध्यान में रखकर तैयार हो रहा प्रोजेक्ट
निगमायुक्त ने बताया कि ललपुर में विकसित किया जा रहा यह प्रोजेक्ट भविष्य की जल आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए आधुनिक तकनीक से तैयार किया जा रहा है, जिसके अंतर्गत 135 MLD क्षमता का विशाल इंटेकवेल निर्माणाधीन, जल शोधन एवं आपूर्ति हेतु 605 KV क्षमता के VT एवं वर्टिकल टरबाइन पंप स्थापित और निर्बाध विद्युत आपूर्ति के लिए 33 KV का स्वतंत्र सब-स्टेशन निर्माणाधीन है.
इस रूट से जा रही पानी की पाइप लाइन
अमृत-2.0 योजना के अंतर्गत जबलपुर के ललपुर फिल्टर प्लांट से रेतनाका होते हुए रांझी तक पानी की पाइप लाइन डाली जा रही है. यह पानी की पाइप लाइन रांझी जल शोधन संयंत्र और भोंगाद्वार जल शोधन संयंत्र तक पहुंचाई जाएगी. इसके लिए युध्य स्तर पर कार्य जारी है और मुख्य सड़क को खोदकर पानी की पाइप लाइन डाली जा रही है. हलांकि पानी की पाइप डालने के दौरान शुरुआती दिनों में आम आदमी को नर्मदा की ओर आना जाना करने वाले लोगों को परेशानी उठानी पड़ी थी. लेकिन निगमायुक्त के निर्देश पर अब स्थिति नियंत्रण में है.
जल शोधन यंत्र में पानी का हो जाएगा उपचार
बताया जा रहा है कि ललपुर गौरीघाट में बनाए जा रहे इंटकवेल में पानी का तो उपचार होगा ही, साथ में रांझी और भोंगाद्वार में बने जल शोधन संयंत्रों के माध्यम से भी नर्मदा जल का उपचार किया जाएगा. इसके बाद क्षेत्र की जनता को पानी की सप्लाई की जाएगी. नर्मदा जल की जलापूर्ति वीटी एवं वर्टिकल टरबाइन पंप के माध्यम से की जाएगी. इस कार्य को जल्द पूरा करने के निर्देश निगमायुक्त द्वारा दिए गए हैं.
गुणवत्ता मानकों का पालन करते हुए समय पर पूर्ण कराए काम
निरीक्षण के दौरान निगमायुक्त ने ठेकेदार, कंसल्टेंट एवं संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया कि सभी कार्य दिन-रात सतत निगरानी के साथ गुणवत्ता मानकों का पालन करते हुए समय पर पूर्ण कराए जाएं. इस अवसर पर अधीक्षण यंत्री कमलेश श्रीवास्तव, सहायक यंत्री राजेश खंपरिया सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे.
री-स्टोरेशन में बरती जा रही थी लापरवाही
बतादें कि पानी की पाइप लाइन डालने के बाद ठेका कंपनी री-स्टोरेशन करने में लापरवाही बरत रही थी, ठेका कंपनी के द्वारा सड़क पर खोदी गई मिट्टी और कचरे से री-स्टोरिंग का कार्य कराया जा रहा था. जसके कारण सड़क पर फिसलन और धूल के गुबार उठ रहे थे. इससे तंग आकर क्षेत्रीय लोगों ने संबंधित अधिकारियों ने शिकायत की थी. इस पर निगमायुक्त संज्ञान लेते हुए री-स्टोरेशन के कार्य को व्यवस्थित कराया है और सड़क को जल्द दुरुस्त करने के निर्देश भी दिए हैं.

