नगर निगम की व्यवस्थाएँ चरमराई, ठेका कर्मी हड़ताल पर गए, एस्सेल कंपनी के कचरा संग्रहण करने वाले कर्मचारी हड़ताल कर रहे हैं. इससे शहर के कई क्षेत्रों में घरों से कचरा नहीं उठ पाया।
Source : DB News Update
By-DB New Update | Edited by -supriya
MP News: जबलपुर. जबलपुर शहर का पाँच दिन से कचरा नहीं उठाया जा रहा है, एस्सेल कंपनी के कचरा संग्रहण करने वाले कर्मचारी हड़ताल कर रहे हैं. इससे शहर के कई क्षेत्रों में घरों से कचरा नहीं उठ पाया। नगर निगम की ओर से कचरा संग्रहण के लिए 203 गाड़ियाँ चलाई जा रही हैं, लेकिन कई कॉलोनियों में कचरा गाड़ी नहीं पहुँच पा रही है। वहीं दूसरी तरफ नगर निगम ने रविवार को एस्सेल कंपनी से 24 कचरा गाड़ियाँ वापस ले ली हैं। जल्द ही शेष कचरा गाड़ियों को वापस लेने की कार्रवाई की जाएगी।
जानकारों का कहना है कि नगर निगम प्रशासन ने एस्सेल कंपनी का डोर-टू-डोर कचरा कलेक्शन का ठेका निरस्त करने की तैयारी पूरी कर ली है। इस संबंध में जल्द ही एमआईसी में प्रस्ताव प्रस्तुत किया जा सकता है।
कचरा संग्रहण के लिए 203 कचरा गाड़ियाँ चलाई जा रही
उल्लेखनीय है कि दो महीने का वेतन भुगतान नहीं होने के कारण 3 जुलाई से एस्सेल कंपनी के कचरा संग्रहण करने वाले 1200 कर्मचारियों ने हड़ताल कर दी थी। हड़ताल के कारण लोगों के घरों से कचरा नहीं उठ पाया। नगर निगम की ओर से कचरा संग्रहण के लिए 203 कचरा गाड़ियाँ चलाई जा रही हैं, लेकिन नगर निगम की कचरा गाड़ियाँ सड़क पर रहने वाले लोगों के घरों तक पहुँच पा रही हैं।
कॉलोनियों में रहने वाले लोगों के घरों का कचरा नहीं उठ पा रहा है। अब लोगों ने अपने घरों का कचरा बाहर फेंकना शुरू कर दिया है। हैरान करने वाली बात यह है कि पाँच दिन बीत जाने के बाद भी नगर निगम के जिम्मेदार जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों ने एस्सेल कंपनी के हड़ताली कर्मचारियों के साथ बातचीत नहीं की है। जिसकी वजह से गतिरोध समाप्त नहीं पा रहा है।
शास्त्रीब्रिज गोरखपुर के पास बनता जा रहा डंपिंग ग्राउंड
नगर निगम के सफाई अमले द्वारा खुद निगम प्रशासन के अधिकारियों को चुनौती देते हुए शास्त्री ब्रिज के नीचे कचरा डंप करने का काम बेखौफ किया जा रहा है। यहां की अराजकता हर कोई देख रहा है. लेकिन नगर निगम के अधिकारी नहीं देख पा रहे हैं. नगर निगम के सफाई अमले द्वारा कचरा प्लांट कचरा न ले जाकर शास्त्री ब्रिज के नीचे डंप किया जा रहा है. ये कचरा जहां एक ओर क्षेत्र में संक्रामक बीमारियों को खुला निमंत्रण दे रहा है तो वहीं दूसरी तरफ जवाबदारों की जिम्मेदारी की पोल भी खोल रहा है.
स्वास्थ्य अधिकारी के आदेश का भी खुला उल्लंघन
विदित हो कि कुछ दिनों पहले स्वच्छता अधिकारी अंकिता बर्मन ने नगर निगम के सफाई अमले को स्पष्ट निर्देश दिए थे कि शास्त्री ब्रिज के नीचे कोई कचरा डंप नहीं करेगा और जो वहां कचरा मौजूद है उसे हटाकर मैदान साफ किया जाएगा जिससे स्थानीयजनों को कोई परेशानी न हो।लेकिन इस निर्देश का इन दिनों निगम का सफाई अमला खुद ठेंगा दिखाता नजर आ रहा है। जबकि शहर के सारे कचरे को कचरा प्लांंट में ले जाने का दावा निगमायुक्त, महापौर द्वारा किया जा चुका है।
कचरा बीनने वालों की लगी रहती है लाइन
ऐसे में ये सवाल खड़े हो रहे हैं कि इन मनमर्जी वाले सफाई अमले पर लगाम कौन लगाएगा.कचरे के ढेर में लगाई जाती है आग जानकारी के अनुसार आए दिन देखा जा रहा है कि कचरा बीनने वाले शास्त्री ब्रिज के नीचे मैदान में कचरा बीनने आते हैं और वहां कचरा बीनने के बाद आ लगाकर रफूचक्कर हो रहे हैं। ऐसे में स्थानीयजन को ये भी चिंता सता रही है कि कहीं किसी दिन ये कचरे की आग बड़ा रूप न ले ले।
कई बार लग चुकी है कचरे में आग
शास्त्रीब्रिज में फेंके जा रहे कचरे में कई बार आग लग चुकी है. लेकिन नगर निगम के अधिकारी इस घटना को भी नजरअंदाज कर दिया. यहां से कचरा उठाना तो दूर, लगातार कचरा डंप करने का प्रमुख स्थान बना दिया. नगर निगम अधिकारियों की इस लापरवाही की वजह से क्षेत्र में आग का भय सता रहा है और जिम्मेदार हैं कि इस अराजक स्थिति से निजात दिलाने का प्रयास नहीं कर रहे हैं.

