हिन्दू धर्म में दस प्रकार के शंखो के बारे में बतलाया गया है, जिन्हें रखकर पूजा करने से सुख-शांति की प्राप्ति होती है. आइए हम बताते हैं कौन सा शंख घर पर रखें?
By : पंडित प्रदीप मिश्रा | Edited By: प्रिंस अवस्थी
Types Of Shankhs: हिंदू परंपरा में शंख रखने और उसे बजाने के संबंध में विशेष महत्व बताया गया है. शंख घर पर रखने से न केवल शारीरिक रूप से मजबूती मिलती है. बल्कि शंख को बजाने से भगवान विष्णु भी प्रसंन्न होते हैं. क्योंकि भगवान नारायण शंख, चक्र, गदा, पद्मधारी हैं. इसी कारण घर पर शंख रखकर पूजा करने का विधान बतलाया गया है. अधिकांश लोग पूजा घर पर बाजार से शंख खरीदकर लाते हैं और उसे पूजा घर पर रख लेते हैं. फिर भी घर पर कलह बनी रहती है और तरक्की के द्वार नहीं खुल पाते हैं. पौराणिक मान्यता के अनुसार घर पर शंख रखने से धन-धान्य की प्राप्ति होती है और प्रत्येक व्यक्ति के जीवन में आने वाली कठिनाइयों से लड़ने की क्षमता में वृद्धि होती है. इतना ही नहीं शंख बजाने के संबंध में वैज्ञानिक कारण भी बतलाए गए हैं, जिससे रोग प्रतिरोधक क्षमता में वृद्धि होती है और हार्ट मजबूत रहता है.
यह फेफड़ों, गले, चेहरे और पेट के निचले हिस्से की मांसपेशियों को मजबूत बनाता है, सांस लेने की क्षमता में सुधार करता है और मानसिक तनाव कम करता है. इसके अलावा, शंख की ध्वनि से सकारात्मक ऊर्जा फैलती है और नकारात्मकता दूर होती है.
10 प्रकार के शंख बतलाए गए हैं
दक्षिणावर्ती शंख
इस शंख को भगवान विष्णु का शंख कहते है, इसकी खास बात यही होती है की जहां सारे शंख बायीं ओर खुलते है वही दक्षिणावर्ती शंख दायी ओर खुलता है और इस शंख को घर में रखकर पूजा करने से सब तरह के सुख की प्राप्ति होती है.
मोती शंख
स्वास्थ्य व आयु को सुरक्षित रखने के लिए घर के मंदिर में सफ़ेद कपड़े पर मोती शंख रखे ये शंख मोती के तरह सफ़ेद तो होता ही है साथ ही उस पर कहीं-कहीं कुदरती मोती भी चिपके होते है.
अन्नपूर्णा शंख
ये माता अन्नपूर्णा का प्रतीक माना गया है इसको घर की रसोई में रखने से घर में हमेशा अन्न भंडार भरे रहते है इसमे दूध भरकर घर में चारों कोनों में डालने से वास्तु दोष दूर होता है।
देवदत्त शंख
अगर आप जीवन में हर जगह हार रहे हैं और आपका कोई भी काम नहीं बन पा रहा है, रुकावट आती ही जा रही है तो घर के मंदिर में शुभ महूर्त में देवदत्त शंख लाकर स्थापित कर दें व इसकी रोज सुबह पूजा करें. ये शंख दुर्भाग्य को दूर करता है महाभारत में महावीर अर्जुन ने इस शंख की पूजा करके कुरुक्षेत्र के मैदान में कौरवों से लडाई करने से पूर्व इसको बजाया था और अपने विजय पाई थी.
पौंड्र शंख
ये शंख मन और मष्तिस्क को शांत करता है और याददाश्त को बढाता है इस शंख को बच्चों की पढ़ने वाली मेज पर रखना चाहिए.
ऐरावत शंख
ये शंख वास्तु और स्वास्थ्य दोनों को सही करता है इसका आकार हाथी की उठी सुंड जैसा होता है इस शंख को घर के मुख्य दरवाजे पर लगाने से घर के सभी दोष दूर हो जाते है व नकारात्मक ऊर्जा घर में नहीं आती है.
विष्णु शंख
विष्णुजी के द्वारा धारण किया गया शंख विष्णु शंख कहलाता है, इसको घर के मंदिर में रखने और पूजा करने से धन की बरकत होती है.
मणिपुष्पक शंख
ये शंख रोजगार में उन्नति कराता है इसलिए इसको आफिस या दुकान यानि अपने कार्य स्थल पर साफ़ जगह पर पानी भरकर रखे और उस पानी को सुबह-सुबह अपने कार्य स्थल पर चारों कोनों में डाल दे.
कामधेनु शंख
ये बहुत ही दुर्लभ होता है और आसानी से नहीं मिलता है. इसका आकार गाय के मुख जैसा होता है. इसलिए इसको कामधेनु शंख कहते है. इस शंख की पूजा करते समय जो भी आप कल्पना करेंगे वो तुरंत ही पूरी होती है.
गणेश शंख
ये शंख भगवान गणेश के मुख के समान होता है ये काफ़ी आसानी से मिल जाता है और बहुत ही शुभ माना जाता है और धन व बुद्धि देता है.
शंख बजाने का सही तरीका
- शंख को मजबूत से पकड़ें.
- इसे ऐसे एंगल पर रखें जहां से मुंह ऊपर हो, ताकि आसानी से सांस लिया जा सके.
- फेफड़ों को पूरी तरह से भरते हुए नाक से गहरी सांस लें.
- शंख को होठों के सामने इस तरह रखें कि सील बन जाए. होठों को सिकोड़कर उसके छेद से शंख में हवा डालें.
- गालों में हवा न भरें, फेफड़ों और उस हवा को होंठों से छोटे छेद में जाना चाहिए.
- हवा को लगातार और समान रूप से भरें ताकि शंख की ध्वनि समान रहे.
Disclaimer: यह सूचना सिर्फ मान्यताओं और जानकारियों पर आधारित है. यहां यह बताना जरूरी है कि DBNewsupdate.com किसी भी तरह की मान्यता, जानकारी की पुष्टि नहीं करता है. किसी भी जानकारी या मान्यता को अमल में लाने से पहले संबंधित विशेषज्ञ से सलाह लें.

