अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान और इजरायल के बीच चल रहे युद्ध को लेकर बड़ी घोषणा की. एक रिपोर्ट के मुताबिक हमले में 3 लोगों की मौत हुई है.
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By : डीबी न्यूज अपडेट | Edited By : प्रिंस अवस्थी
Iran Israel Ceasefire: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान और इजरायल के बीच चल रहे युद्ध को लेकर एक बड़ी घोषणा की है. उन्होंने कहा कि दोनों देशों के बीच सीजफायर को लेकर सहमति बन गई है, लेकिन इसके कुछ घंटे बाद ही ईरान ने इजरायल पर मिसाइल से अटैक कर दिया. इस हमले में 3 लोगों के मरने की जानकारी लगी है. इजरायली सेना ने भी अटैक को लेकर बयान जारी किया है.
रिपोर्ट के मुताबिक ईरान ने मंगलवार को इजरायली शहर बीयर शेवा में एक रिहायशी इमारत पर अटैक कर दिया. इसकी वजह से कम से कम तीन लोगों की मौत हुई है. अटैक वाली जगह का एक वीडियो सामने आया है, जिसमें रिहायशी परिसर को पूरी तरह से तबाह दिखाई दे रहा है. ईरान ने सीजफायर की घोषणा के बाद एक घंटे के अंदर से तीन बार मिसाइल से अटैक किया. इजरायली फोर्स ने खुद इस बात की जानकारी दी. सेना ने एक्स पर इसको लेकर पोस्ट शेयर की और कहा, ”ईरान ने पिछले एक घंटे में तीन बार मिसाइल से हमला किया है. लोग शेल्टर की तरफ भाग रहे हैं.”
इजरायल में बज रहे हैं सायरन
ईरान की ओर से बैलिस्टिक मिसाइल लॉन्च किए जाने के बाद उत्तर, मध्य और दक्षिणी इजरायल के कुछ इलाकों में सायरन बजने लगे. देश के अधिकतर इलाकों में लोगों को पहले ही सचेत कर दिया गया है. नागरिकों को अगले आदेश तक बॉम्ब शेल्टर में रहने के निर्देश दिए गए हैं.
सीजफायर पर ट्रंप ने क्या दी थी प्रतिक्रिया
ये हमले ऐसे समय में हुए हैं जब कुछ ही घंटों पहले अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान-इजरायल के बीच सीजफायर का ऐलान किया था. उन्होंने ‘ट्रुथ’ पर लिखा, “सभी को बधाई, ईरान और इजरायल के बीच पूर्ण और अंतिम सीजफायर पर सहमति बन गई है. सीजफायर छह घंटे में शुरू होगा. ईरान को पहले इसका पालन करना होगा.”
ट्रंप ने आगे लिखा, “ईरान की ओर से सीजफायर का पालन करने के अगले 12 घंटे बाद इजरायल भी इस सीजफायर में शामिल हो जाएगा. 24 घंटे बाद युद्ध को औपचारिक रूप से खत्म माना जाएगा.”
ईरान ने होर्मुज स्ट्रेट खोला, कमर्शियल जहाज गुजर सकेंगे
विदेश मंत्री सैयद अब्बास अराघची ने X पर पोस्ट कर बताया कि सभी कमर्शियल जहाजों को गुजरने की इजाजत होगी। यह फैसला लेबनान में सीजफायर के बाद लिया गया है. उन्होंने बताया कि जहाज एक सुरक्षित रास्ते से गुजरेंगे, जिसे ईरान के पोर्ट्स और मैरीटाइम ऑर्गेनाइजेशन ने पहले से तय कर रखा है, ताकि सफर के दौरान कोई खतरा न हो। अराघची ने कहा कि इस दौरान जहाजों की सुरक्षित आवाजाही सुनिश्चित की जाएगी, ताकि समुद्री व्यापार प्रभावित न हो.
वहीं अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने ट्रुथ सोशल पर पोस्ट कर ईरान को शुक्रिया कहा है. उन्होंने यह भी कहा कि भले ही होर्मजु स्ट्रेट खुल गया है लेकिन ईरान पर अमेरिकी नौसैनिक नाकेबंदी जारी रहेगी और यह सिर्फ ईरान पर लागू होगी. इस पर ईरान ने चेतावनी दी है कि अगर उसके बंदरगाहों पर नाकाबंदी जारी रही, तो वह इसे सीजफायर का उल्लंघन मानेगा और होर्मुज स्ट्रेट को दोबारा बंद कर देगा.
मध्य पूर्व में युद्धविराम के दौरान यह महत्वपूर्ण समुद्री मार्ग खुला
ईरान ने अपने सोशल मीडिया अकाउंट ‘ट्रुथ’ पर कहा, “ईरान ने होर्मुज जलडमरूमध्य को फिर कभी बंद न करने पर सहमति जताई है. इसका इस्तेमाल अब दुनिया के खिलाफ हथियार के रूप में नहीं किया जाएगा.” इससे पहले ईरान ने कहा था कि मध्य पूर्व में युद्धविराम के दौरान यह महत्वपूर्ण समुद्री मार्ग खुला रहेगा.
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने ट्रुथ सोशल पोस्ट में कहा, “अमेरिका को हमारे महान बी2 बमवर्षकों द्वारा निर्मित सभी परमाणु ‘धूल’ वापस मिलेगी – किसी भी रूप में कोई धन का लेन-देन नहीं होगा। यह समझौता लेबनान पर किसी भी तरह से लागू नहीं होता, लेकिन अमेरिका लेबनान के साथ अलग से काम करेगा और हिज़्बुल्लाह की स्थिति से उचित तरीके से निपटेगा. इज़राइल अब लेबनान पर बमबारी नहीं करेगा। अमेरिका ने उन्हें ऐसा करने से ‘मना’ कर दिया है। बहुत हो गया!!! धन्यवाद!”
सऊदी अरब और अमेरिका ने होर्मुज जलडमरूमध्य को खुला रखने पर चर्चा की, सऊदी राज्य समाचार एजेंसी ने यह जानकारी दी.
सऊदी अरब के विदेश मंत्री प्रिंस फैसल बिन फरहान और अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने फोन पर बातचीत के दौरान होर्मुज जलडमरूमध्य के निरंतर खुले रहने को सुनिश्चित करने और लेबनान में युद्धविराम को मजबूत करने के प्रयासों पर चर्चा की। सऊदी अरब की सरकारी समाचार एजेंसी एसपीए ने शुक्रवार (17 अप्रैल, 2026) को यह जानकारी दी. “लेबनान में युद्धविराम के मद्देनजर, होर्मुज जलडमरूमध्य से होकर गुजरने वाले सभी वाणिज्यिक जहाजों के लिए मार्ग को युद्धविराम की शेष अवधि के लिए पूरी तरह से खुला घोषित किया जाता है, जैसा कि ईरान के इस्लामी गणराज्य के बंदरगाह और समुद्री संगठन द्वारा पहले ही घोषित समन्वित मार्ग पर होगा,” विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने शुक्रवार (17 अप्रैल, 2026) को सोशल मीडिया पोस्ट में लिखा.

