सूरत में गर्भवती का रेस्क्यू, गीतानगर इलाका 3 से 4 फीट पानी में डूबा हुआ है, 4156 करोड़ के नुकसान का आकलन किया जा चुका है.
Source : DB News Update
By : डीबी न्यूज अपडेट | Edited By : प्रिंस अवस्थी
Flash Flood in Himachal Pradesh: मानसून देश के ज्यादातर हिस्सों को कवर कर चुका है. उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश, गुजरात में बाढ़ जैसे हालात हैं. पिछले 24 घंटों में सबसे ज्यादा नुकसान हिमाचल में हुआ. कुल्लू में एक दिन पहले 5 जगह बादल फटने से 5 लोगों की मौत हो गई. वहीं 7 से ज्यादा लापता हैं.मौसम विभाग ने आने वाले दिनों में भी भारी बारिश की चेतावनी दी है. 29 जून को ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है, इसमें बताया गया है कि कई जगहों पर अचानक बाढ़ और भूस्खलन हो सकता है.
अहमदाबाद-मुंबई हाईवे पर 15 किमी लंबा जाम
मीडिया सूत्रों से जानकारी लगी है कि अहमदाबाद में बारिश के पानी के बहाव में आकर एक बाइक सवार ड्रेनेज लाइन में फंस गया. 9 घंटे बाद उसका शव बरामद किया गया. वहीं, सूरत का गीतानगर इलाका 3 से 4 फीट पानी में डूबा हुआ है. यहां तबीयत बिगड़ने के बाद एक गर्भवती महिला को फायर ब्रिगेड टीम ने रेस्क्यू किया और अस्पताल पहुंचाया. वडोदरा में भारी बारिश के चलते अहमदाबाद-मुंबई हाईवे पर 15 किमी लंबा जाम लगा रहा.
NDRF की टीमें बचाव में लगीं
अचानक आई बाढ़ से प्रभावित सभी लोग धर्मशाला में एक बिजली परियोजना में काम करने वाले मजदूर हैं। एनडीआरएफ कमांडेंट बलजिंदर सिंह ने केवल एनडीआरएफ और एसडीआरएफ की टीमें ही घटनास्थल पर पहुंच पा रही हैं. अभी तक एक शव बरामद किया गया है. आसपास के लगभग 15 घर क्षतिग्रस्त हो गए हैं. मौसम विभाग ने आने वाले दिनों में भी भारी बारिश की चेतावनी दी है. 29 जून को ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है, इसमें बताया गया है कि कई जगहों पर अचानक बाढ़ और भूस्खलन हो सकता है.
अभी तक 4156 करोड़ का नुकसान
प्रदेश में 20 जून से लेकर अभी तक 4156 करोड़ के नुकसान का आकलन किया जा चुका है। अभी तक 213 लोगों की बादल फटने, भूस्खलन व अन्य कारणों से मौत हो चुकी है। भूस्खलन के कारण 48, अचानक बाढ़ के कारण 11, बादल फटने के कारण 17 लोगों की मौत मंडी में हुई है। प्रदेश में 1237 मकान पूरी तरह से क्षतिग्रस्त हो चुके हैं। जबकि 5319 मकानों 469 दुकानों और 5469 गौशालाओं को नुकसान हुआ है.
प्रदेश में धूप और बादलों के बीच सड़कों को खोलने का काम तेज गति से हुआ है और 64 बंद सडकों को यातायात के लिए बहाल कर दिया गया. प्रदेश में चार राष्ट्रीय राजमार्ग जिनमें कुल्लू में एनएच 03, 305, किन्नौर में एनएच 05, ऊना में एनएच 70 और इसके अलावा 680 सड़कें बंद हैं. जिनमें कुल्लू में 214, मंडी में 158 सड़कें बंद हैं. इन्हें खोलने के प्रयास किए जा रहे हैं. प्रदेश में मंगलवार को धर्मशाला में 4.6, धौलाकुआं में 3.5 मिलीमीटर वर्षा दर्ज की गई। प्रदेश में 1202 ट्रांसफार्मर खराब हैं.
332 लोगों को बचाया गया
एसईओसी ने बताया कि कुल 332 लोगों को बचाया गया है, जिनमें मंडी में 278, हमीरपुर में 51 और चंबा में तीन लोग शामिल हैं. मंडी जिले के गोहर में चार, करसोग में तीन, धरमपुर में दो और थुनाग में एक स्थान पर बादल फटने घटना हुई.
बाड़ा में दो और तलवारा में एक व्यक्ति की मौत हुई. करसोग के पुराने बाजार में एक व्यक्ति की मौत हुई जबकि जोगिंदरनगर के नेरी-कोटला में एक शव बरामद किया गया. मंडी के उपायुक्त अपूर्व देवगन ने कहा कि भारी बारिश के बाद बादल फटने और अचानक आई बाढ़ से जिले में कुछ स्थानों पर व्यापक नुकसान होने के कारण कई लोगों को बचा लिया गया है और उन्हें सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया है.
यात्रियों को हो रही असुविधा
चंडीगढ़-मनाली चार लेन मार्ग वर्तमान में द्वाडा, झलोगी और बनाला सहित कई स्थानों पर अवरुद्ध है, जबकि कमांद-कटौला-बजौरा मार्ग केवल हल्के मोटर वाहनों (एलएमवी) के लिए खुला है. कई स्थानों पर यातायात संबंधी समस्याओं के कारण यात्रियों को असुविधा का सामना करना पड़ रहा है.
हिमाचल प्रदेश को 500 करोड़ का नुकसान
मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने हमीरपुर में पत्रकारों से बातचीत करते हुए कहा कि 20 जून को मानसून के मौसम की शुरुआत के बाद से अब तक हिमाचल प्रदेश को 500 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ है.

