मध्य प्रदेश के सीधी के एक गांव की महिला लीला साहू ने बीजेपी सांसद से सड़क बनवाने की मांग की थी. वहीं अब बीजेपी सांसद ने महिला की मांग पूरी करने के बजाय हैरानी वाला जवाब दिया है.
Source : DB News Update
By : DB न्यूज अपडेट | Edited By : प्रिंस अवस्थी
MP Sidhi News: मध्य प्रदेश के सीधी जिले में एक गर्भवती महिला लीला साहू द्वारा सोशल मीडिया के माध्यम से सड़क की मांग किए जाने का वीडिया वायरल हो रहा है, जिस पर बीजेपी सांसद राजेश मिश्रा ने हैरान कर देने वाला बयान दिया है. उन्होंने सड़क बनाने का जवाब दिए बिना कहा कि डिलीवरी की डेट बता दो हम एक हफ्ते पहले उठवा लेंगे.
पत्रकारों से बातचीत में सीधी से सांसद डॉ राजेश मिश्रा ने कहा, “गांव में बहुत सी महिलाएं होंगी जिनकी डिलीवरी हुई होगी, आजतक कोई ऐसी घटना हुई क्या. आज मध्य प्रदेश में मोहन यादव की सरकार है और जरूरत पड़े तो मरीज को एयरलिफ्ट करके ले जाते हैं और उसका इलाज करवाते हैं.” ऐसे बेतुके बयान से देश भर में लीला साहू का वीडियो चर्चा का विषय बन गया है.
‘डिलीवरी से पहले उठवा लेंगे’
उन्होंने आगे कहा, “हमारे पास एंबुलेंस हैं, हमारे पास आशा कार्यकर्ता हैं, सारी सुविधाएं हैं. हम उनके लिए व्यवस्था करेंगे, इसमें चिंता की क्या बात है. अगर ऐसी कोई बात है तो आप (लीला साहू) अस्पताल में भर्ती हो जाओ. डिलीवरी की एक संभावित तारीख होती है हम उससे एक हफ्ते पहले उठवा लेंगे. उनकी इच्छा है तो अस्पताल में भर्ती हो जाएं हम सारी सुविधाएं देंगे.”
पीडब्ल्यूडी मंत्री ने भी दिया था बेतुका बयान
मध्य प्रदेश के पीडब्ल्यूडी मंत्री राकेश सिंह ने भी सड़क बनाने को लेकर बेतुका बयान दिया था. उनका कहना था कि अगर एक आदमी सोशल मीडिया के माध्यम से सड़क बनाने की मांग करने लगे तो हर जगह सड़क ही बनाते रहेंगे. हमारे पास इतना बजट नहीं होता है कि हर जगह सड़क बनाई जा सके.
लीला साहू ने की थी सड़क की मांग
बता दें कि मध्य प्रदेश के सीधी के एक गांव की महिला लीला साहू ने बीजेपी सांसद से सड़क बनवाने की मांग की. उन्होंने कहा, “जब सड़क बनाने की हिम्मत नहीं थी तो हमसे झूठा वादा क्यों किया. पहले बता देते कि हम सड़क नहीं बनवा पाएंगे तो हम बड़े नेता पीएम मोदी और केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी से मिलकर सड़क बनवा लेते. लीला साहू ने आगे कहा, जिस तरह किसान बारिश का इंतजार करता है उसी तरह हम और हमारे बच्चे सड़क बनने का इंतजार कर रहे हैं.”
लीला साहू ने फिर एक वीडियो जारी किया
लीला साहू फिर एक्टिव हुईं और एक वीडियो फिर से जारी किया. वीडियो में लीला ने कहा कि प्रदेश में डबल इंजन की सरकार के बावजूद यहां सड़क नहीं बन पाई है. कोई जनप्रतिनिधि या अधिकारी इसे देखने तक नहीं आया. गांव में 6 महिलाएं गर्भवती हैं. मेरी भी डिलीवरी का समय आने वाला है. देखना है कि कितनी सुविधाएं मिलती हैं.
सांसद का यह बयान भी चर्चा का विषय बना
सांसद से मीडिया कर्मियों ने जब सवाल पूछा तो उन्होंने कहा कि चिंता की क्या बात है. हमारे पास एंबुलेंस है, अस्पताल है, हर इलाके में आशा कार्यकर्ता हैं. अगर कोई ऐसी बात है, तो आकर अस्पताल में भर्ती हो जाओ. डिलीवरी की एक डेट होती है, उससे पहले उठवा लेंगे. राजेश मिश्रा ने कहा कि सड़क हम नहीं बनाते, इंजीनियर बनाता है.
पीडब्ल्यूडी मंत्री ने भी दिया बेतुका बयान
इस मामले में राज्य के पीडब्ल्यूडी मंत्री राकेश सिंह ने भी बेतुका बयान जारी किया है. उन्होंने अपनी पार्टी के सांसद से दो कदम और आगे बढ़ गए और उन्होंने अपने बयान में कहा कि अगर कोई वीडियो बना देगा, तो इसका मतलब ये नहीं कि हम सीमेंट-कंक्रीट या डंपर लेकर पहुंच जाएंग. कोई कुछ भी पोस्ट कर देगा, तो क्या हम मान लेंगे.
चुनाव के समय जवाबदेही किसकी?
लीला साहू के गांव में सड़क बने या न बने, यह तो बाद की बात हो गई. लेकिन उनके वीडिये बाद उपजे विवाद से राजनीति का घोड़ा किस करवट बैठेगा? यह तो वक्त बताएगा. अभी तो वह कहावत सच ही हो गई कि भारत में राजनीति दो ही चरणों में होती हैं- चुनाव के पहले नेता जनता के चरणों में और चुनाव के बाद जनता नेता के चरणों में.

