2017 के स्थापना काल के बाद से आज तक आईटी पार्क में बड़ी कंपनियों ने नहीं दिखाई दिलचस्पी, मात्र विद्युत कंपनी का 1912 कॉल सेंटर, पेटीएम, आइडिया सहित अन्य कुछ कंपनियां ही यहां उपस्थिति दर्ज कराई हैं.
By : DB News अपडेट | Edited By : प्रिंस अवस्थी
Techno IT Park Jabalpur: बरगी हिल्स की पहाड़ी को खोदकर 2017 में जब आईटी पार्क की नींव रखी गई थी, तब दावे किए गए थे कि करोड़ों के निवेश से हजारों लोगों को रोजगार मिल जाएगा. लेकिन आईटी क्षेत्र से जुड़ी कोई ऐसी बड़ी कंपनी ने यहां दस्तक नहीं दी. जबकि Techno IT Park Jabalpur में 116 प्लॉटों पर कंपनियां स्थापित किए जाने का दावा किया गया था, लेकिन हकीकत इसके बिल्कुल उलट है. विगत 9 सालों में आईटी पार्क सूना है. अभी तक मात्र 48 कंपनियों ने दस्तक दी हैं. 68 का कहीं अतापता नहीं चल पा रहा है. जबकि Techno IT Park में 116 कंपनियों के आने की संभावना जताई गई थी. इसके पीछे कारण जो भी हो, ये तो जिम्मेदार ही जानें. लेकिन आईटी से जुड़े युवाओं के भविष्य का ध्यान रखते हुए आईटी पार्क में बिल्कुल भी काम होता नहीं दिख रहा है.
10 हजार रोजगार देने का दावा था
वर्तमान में आईटी पार्क में करीब 48 कंपनियां स्थापित हो चुकी हैं. बताया जा रहा है कि इनमें करीब ढाई से तीन हजार युवाओं को रोजगार मिला है. हालांकि पार्क शुरू होने के समय अनुमान लगाया गया था कि कुछ सालों में लगभग 10 हजार से अधिक बेरोजगारों को रोजगार मिलेगा. जिम्मेदारों के सभी अनुमान गलत साबित हुए.
IT Park में 63 में से 45 एकड़ में प्लॉटिंग
आईटी पार्क के लिए कुल 63 एकड़ भूमि आवंटित की गई है, जिसमें से करीब 45 एकड़ में 116 उद्योगों के लिए प्लॉटिंग की गई है. कुछ को 20,000 वर्ग फीट, कुछ को 10,000 वर्ग फीट और कुछ को 5,000 वर्ग फीट के प्लॉट दिए गए हैं. शेष भूमि पर गार्डन, पार्किंग और अन्य व्यवस्थाएं की गई हैं.
टेक्नोपार्क बिल्डिंग के अंदर कुछ कंपनियों ने दिखाई दरियादिली
आईटी पार्क की मुख्य बिल्डिंग का नाम टेक्नोपार्क है, जिसमें एक दर्जन से अधिक प्रमुख कंपनियां कार्यरत हैं. विद्युत कंपनी का 1912 कॉल सेंटर, पेटीएम, आइडिया सहित अन्य नामी कंपनियां यहां काम कर रही हैं. इनमें सैकड़ों युवाओं को रोजगार मिला है. बताया जाता है कि यहां स्थापित सभी कंपनियां अच्छा प्रदर्शन कर रही हैं और हर माह करोड़ों का मुनाफा भी कमा रही हैं.
12 प्लॉटों की करनी पड़ी रजिस्ट्री रद्द
आईटी पार्क में जब प्लॉट बुक किए जा रहे थे, तब कई लोगों ने अपने नाम पर प्लॉट बुक कर लिए. कुछ लोगों ने तो दो-दो प्लॉट बुक कर लिए थे. अधिकांश कंपनियों ने प्लॉट लेने के बाद उद्योग स्थापित करने की दिशा में काम नहीं किया. जिसके कारण आईटी पार्क प्रशासन ने 12 प्लॉटों की रजिस्ट्रियां रद्द कर दीं. जानकारी के अनुसार करीब 30 कंपनियां अपने प्लॉटों पर निर्माण कार्य कर रही हैं. बाकी प्लॉटधारक अपना व्यवसाय स्थापित करने का प्रयास कर रहे हैं. अधिकारी कहते हैं कि 100 कंपनियां स्थापित करना हमारा लक्ष्य है.
20 हजार करोड़ का निवेश की संभावना
आईटी पार्क में अब तक करीब 20 हजार करोड़ रुपए का निवेश हुआ है. यदि सभी कंपनियां स्थापित हो जाएं, तो यह निवेश दोगुना हो सकता है. इसके लिए आईटी पार्क के अधिकारी जिम्मेदार हैं. उनकी सुस्ती के कारण 9 साल बाद भी सभी चिह्नित उद्योग शुरू नहीं हो पाए. यदि वे निवेश और रोजगार के प्रति गंभीर होते, तो अब तक सभी प्लॉटों पर कंपनियां स्थापित हो चुकीं होतीं और हजारों लोगों को रोजगार भी मिल गया होता.

