सर्वोच्च न्यायालय के निर्देश पर विस्थापित परिवारों को भेजा गया तेवर, प्रशासन द्वारा बांस, बल्ली और तिरपाल के साथ भोजन की व्यवस्था भी की गई.
Source : DB News Update
By : DB News Update | Edited By: प्रिंस अवस्थी
MP Jabalpur Encroachment Removal Drive News: मदन महल पहाड़ी को अतिक्रमण मुक्त करने की कार्रवाई शुरू हो गई है. मध्यप्रदेश उच्च न्यायालय के आदेश का शीघ्र अनुपालन सुनिश्चित करने के निर्देशानुसार जिला प्रशासन द्वारा नगर निगम और पुलिस के द्वारा संयुक्त कार्रवाई प्रारंभ की गई है. पहाड़ी से अतिक्रमण हटाने के पहले दिन शनिवार 7 मार्च 2026 को शुरू हुई कार्रवाई में पुरवा क्षेत्र से 10 अतिक्रमणों को हटाया गया.
एसडीएम गोरखपुर अनुराग सिंह ने मीडिया को जानकारी देते हुए बताया कि पहले दिन मदनमहल पहाड़ी से विस्थापित किये गये सभी परिवारों को ग्राम तेवर भेजा गया है. उनके गृहस्थी के सामान को भी नगर निगम के वाहनों से तेवर पहुंचाने की व्यवस्था की गई. उन्होंने बताया कि पहले दिन विस्थापित किये गये सभी परिवार पूर्व में हुये सर्वे में पट्टे के लिये पात्र परिवारों की सूची में शामिल थे.
आईसीएमआर के सामने से शुरू हुई कार्रवाई
प्रशासनिक अधिकारियों ने मदन महल पहाड़ी से अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई आईसीएमआर के सामने से की. करीब 100 कर्मचारियों के साथ पुरवा क्षेत्र में नगर निगम और पुलिस दल जेसीबी मशीन, डंपर लेकर पहुंचे और मकानों को खाली कराना प्रारंभ किया. अतिक्रमण हटाए जाने के विरोध में क्षेत्र के लोग उग्र हो गए. हंगामे का माहौल निर्मित होने लगा. क्षेत्र में गहमागहमी के बीच प्रशासनिक अधिकारियों ने समझाइश दी और फिर अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई प्रारंभ की गई. पहले दिन 4 मकान ध्वस्त किए गए और 12 परिवारों को तेवर भेजा गया.
परीक्षा और शादी के चलते कई परिवारों को मिली राहत
अतिक्रमण हटाए जाने के दौरान कई परिवार बच्चों की परीक्षा और शादी का हवाला दिया तो उन अतिक्रमणकारियों को प्रशासनिक अधिकारियों ने कुछ दिनों की मोहलत दी और आगे की कार्रवाई प्रारंभ कर दी. बतादें कि मदन महल से अतिक्रमण हटाने को लेकर कई दिनों से मुनादी की जा रही थी. इसके बाद ही कार्रवाई प्रारंभ की गई है.
बुल्डोजर देखते ही बच्चे रोने लगे
मदन महल पहाड़ी पर जैसे ही प्रशासनिक अधिकारियों ने बुल्डोजर और डंपर खड़ा किया. क्षेत्रीयब बच्चे रोने लगे और पुरवा क्षेत्र के युवा आक्रोशित हो गए. किसी ने एक माह की मोहलत मांगी तो किसी ने समुचित व्यवस्था करने के बाद अतिक्रमण हटाने की गुहार लगाई. हलांकि सभी अतिक्रमणकारियों को समझाइश दिए जाने के बाद अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई प्रारंभ हो गई.
तेवर में चिन्हित भूखण्ड तक भेजने की व्यवस्था की गई
इन परिवारों के गृहस्थी के सामान को तेवर में उनके लिये चिन्हित भूखंड तक भेजने की व्यवस्था के साथ-साथ वहाँ उन्हें बांस, बल्ली और तिरपाल भी उपलब्ध कराये गये हैं. इसके साथ ही तीन-चार दिन तक उनकी भोजन की व्यवस्था भी प्रशासन द्वारा की गई है. विस्थापित परिवारों के गृहस्थी के सामान की सुरक्षा के लिये चौकीदार भी तैनात किये गये हैं. इसके अलावा एम्बुलेंस एवं मेडिकल टीम की व्यवस्था भी की जा रही है.
714 अतिक्रमण चिन्हित
एसडीएम गोरखपुर के अनुसार पुरवा में अतिक्रमण हटाने की कार्यवाही के पूर्व राजस्व विभाग द्वारा इस क्षेत्र का सर्वे कराया गया था और इस क्षेत्र में मदनमहल पहाड़ी पर लगभग 714 अतिक्रमण चिन्हित किये गये हैं. क्षेत्र में पिछले कई दिनों से लगातार मुनादी कर अतिक्रामकों को कार्यवाही के बारे में सूचित किया जा रहा था. उन्होंने बताया कि माननीय सर्वोच्च न्यायालय के निर्देशानुसार अतिक्रमणों को हटाने की कार्यवाही निरंतर जारी रहेगी और रविवार को भी अतिक्रमण हटाये जायेंगे.
इधर जिला प्रशासन के निर्देशानुसार महिला एवं बाल विकास विभाग और स्वास्थ्य विभाग द्वारा ग्राम विस्थापित परिवारों के आंगनवाड़ी केंद्र में दर्ज बच्चों की तथा गर्भवती एवं धात्री महिलाओं के देखभाल की विशेष व्यवस्था की गई है. उन्हें टेक होम राशन उपलब्ध कराया जा रहा है.
आदेश का शीघ्र अनुपालन करने के निर्देश
ज्ञात हो कि माननीय सर्वोच्च न्यायालय ने शांति बाई शर्मा एवं अन्य की याचिका पर 24 फरवरी को सुनवाई करते हुये मदन महल पहाड़ी को अतिक्रमण मुक्त कर संरक्षित करने के मध्यप्रदेश उच्च न्यायालय द्वारा पारित आदेश का शीघ्र अनुपालन करने के निर्देश राज्य शासन को दिये हैं. सर्वोच्च न्यायालय ने अतिक्रमण हटाने की गई कार्यवाही का मध्यप्रदेश उच्च न्यायालय के साथ ही का समय-समय पर पालन प्रतिवेदन सर्वोच्च न्यायालय में भी प्रस्तुत करने के निर्देश दिये हैं.
21 एकड़ जमीन खाली कराई जाएगी-कलेक्टर
मदन महल पहाड़ी से 21 एकड़ जमीन खाली कराने की जानकारी कलेक्टरर राघवेन्द्र सिंह ने पत्रकारवार्ता के दौरान दी. उनका कहना था कि पहाड़ी पर चिन्हित 714 अतिक्रमण को हटाने में करीब 60 दिनों का समय लगेगा. जिसकी कप्लायंस रिपोर्ट सुप्रीम कोर्ट में जिला प्रशासन द्वारा फाइल की जाएगी.

