By : DB News Update
Edited By : प्रिंस अवस्थी
जामा मस्जिद और हरिहर मंदिर के विवादित मामले में चंदौसी की एक कोर्ट में शुक्रवार को सुनवाई हुई. इसमें एएसआई ने अपना जवाब पेश किया. एएसआई ने मस्जिद कमेटी द्वारा सर्वे टीम को रोके जाने और कई जगहों पर बदलाव करने की बात कही.
यूपी के संभल की शाही जामा मस्जिद मामले में पुरातत्व विभाग (ASI) ने कोर्ट हलफनामा दाखिल किया. ASI ने कहा, ‘यहां प्राचीन इमारत और पुरातत्व अवशेषों के संरक्षण अधिनियम 1958 के प्रावधानों का उल्लंघन किया गया. मस्जिद के बाहर सीढ़ियों पर जो निर्माण करवाया गया है, उसके खिलाफ पहले से FIR दर्ज है.’
मस्जिद के संरचना (स्ट्रेक्चर) में फेरबदल किया गया
इस जवाब में जामा मस्जिद के केंद्रीय संरक्षित स्मारक होने का भी उल्लेख किया गया है. इसमें यह भी बताया गया है कि वर्ष 1920 से विवादित स्थल एएसआई के संरक्षण में था. एएसआई द्वारा कहा गया है कि मस्जिद के संरचना (स्ट्रेक्चर) में फेरबदल किया गया है. एएसआई द्वारा वर्ष 2018 में जामा मस्जिद कमेटी के विरुद्ध पुरातत्व स्थल पर अवैध रूप से स्टील की रेलिंग लगा कर संरचना में परिवर्तन करने की एफआईआर भी कराई गई थी.
संभल हिंसा में 5 मौतें हुई
संभल की शाही मस्जिद में श्री हरि मंदिर होने का दावा किया गया. 19 नवंबर को कोर्ट में याचिका लगी. कोर्ट के आदेश के बाद ASI 24 नवंबर को मस्जिद का सर्वे करने पहुंची. इसके बाद भड़की हिंसा में 5 लोग मारे गए. 2700 से ज्यादा लोगों पर FIR हुई है, 27 लोग अरेस्ट किए गए हैं.

