मध्य प्रदेश में 11 फरवरी तक चलेगा जागरूकता प्रोग्राम. जिलों में स्कूल और कॉलेजों के छात्रों को भी साइबर सुरक्षा से अवगत कराया जाएगा.
Source : DB News Update
By : DB News Update | Edited By : प्रिंस अवस्थी
MP Cyber Crime News: मध्य प्रदेश में बढ़ते साइबर क्राइम को रोकने और इंटरनेट सुरक्षा को मजबूत करने के लिए राज्यभर में एक विशेष जागरूकता अभियान शुरू किया गया है. यह अभियान आज 1 फरवरी (सेफर इंटरनेट डे) से 11 फरवरी तक चलेगा, जिसके तहत पुलिस विभाग अलग अलग कार्यक्रमों के जरिए लोगों को साइबर फ्रॉड से बचने के लिए अवेयर करेंगे.
स्कूल-कॉलेज के विद्यार्थियों को भी दी जाएगी ट्रेनिंग
मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक इस अभियान के तहत सभी जिलों में स्कूल और कॉलेजों के छात्रों को साइबर सुरक्षा से अवगत कराया जाएगा. पुलिस द्वारा खासतौर पर “सेफ क्लिक” और दुसरे उपायों पर ट्रेनिंग सेशन रखे जाएंगे, ताकि युवा ऑनलाइन धोखाधड़ी का शिकार न बनें.
मध्य प्रदेश के पुलिस महानिदेशक (DGP) कैलाश मकवाणा के अनुसार पूरे राज्य में ‘सेफर इंटरनेट डे’ मनाया जा रहा है. पुलिस अधिकारियों को आम जनता के बीच जाकर साइबर सुरक्षा से जुड़े जागरूकता अभियान चलाने के निर्देश दिए गए हैं. शहरी क्षेत्रों के अलावा ग्रामीण इलाकों तक भी साइबर सुरक्षा की जानकारी पहुंचाने की कोशिश की जा रही है.
इंटरनेट का बढ़ता उपयोग और साइबर क्राइम
डीजीपी मकवाणा के अनुसार, पिछले दो दशकों में इंटरनेट का उपयोग तेजी से बढ़ा है, जिससे साइबर अपराधों के मामलों में भी बढ़ोतरी हुई है. साइबर क्राइम को रोकने के लिए राज्यभर में साइबर सेल सक्रिय रूप से काम कर रही है. उन्होंने बताया कि इस अभियान के तहत लोगों को कई जरूरी सावधानियों की जानकारी दी जा रही है, ताकि वे ठगी का शिकार न हों.
पुलिस की सुरक्षा गाइडलाइन्स का पालन करने से लोगों को मिलेगी मदद
डीजीपी ने यह भी बताया कि पिछले कुछ वर्षों में साइबर अपराधों पर काफी हद तक नियंत्रण किया गया है और लोग अब पुलिस की सुरक्षा गाइडलाइन्स का पालन करने लगे हैं. इस अभियान से साइबर क्राइम रोकने में और अधिक मदद मिलने की उम्मीद है.
क्या है सेफ क्लिक अभियान?
मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव के नेतृत्व में सायबर अपराधों पर सख्ती और जनता की सुरक्षा के लिए मध्यप्रदेश, डिजिटल सुरक्षा की ओर तेजी से बढ़ रहा है. इसी क्रम में अब DGP मध्य प्रदेश के निर्देश पर प्रदेशव्यापी “सेफ क्लिक” अभियान शुरू हुआ है. पुलिस मुख्यालय के निर्देशानुसार आमजन को सायबर अपराधो के प्रति जागरूक करने के लिए जिलों में अभियान चलाया जा रहा है.
इस अभियान के तहत धार पुलिस ने स्कूल-कॉलेजों में अध्यनरत छात्र-छात्राओं, ग्रामीण कस्बे के हाट-बाजार, शैक्षणिक संस्थानों में सायबर जागरूकता लाने के लिए जिले के समस्त एसडीओपी/एनपीयूए, थाना प्रभारियों और साइबर सेल धार टीम को निर्देशित किया गया है.
अभियान के दौरान इन पूरे प्रदेश में नगर एवं ग्राम रक्षा समिति के अतिरिक्त, स्थानीय स्कूलों, कॉलेजों और कैंपसों में जागरूकता रैलियाँ आयोजित की जाएंगी, जो सुरक्षित इंटरनेट के महत्व को प्रोत्साहित करेंगी. इन रैलियों का उद्देश्य साइबर फ्राड जैसे बड़े अपराधों के प्रति जनता को जागरूक करना होगा. फेसबुक, इंस्टाग्राम और द्विटर जैसे सोशल मीडिया प्लेटफार्मों पर इंफोग्राफिक्स और वीडियो का उपयोग करके साइबर सुरक्षा और सुरक्षा उपायों के बारे जानकारी प्रसारित की जाएगी एवं अधिक से अधिक स्थानीय स्तर पर कार्यक्रम आयोजित कर यह जानकारी आमजन तक पहुंचाई जाएगी. जागरूकता फैलाने के लिए विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे.
अनाथालयों में पहली बार जागरूकता कार्यक्रम
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ‘मन की बात’ कार्यक्रम में सभी राज्यों को विशेष जागरूकता अभियान चलाने के लिए कहा था. इसी परिप्रेक्ष्य में मध्य प्रदेश ने अभियान प्रारंभ कर दिया है. इसके पहले पुलिस ने इसी वर्ष ‘सेफ क्लिक’ के नाम से 15 दिन का अभियान प्रारंभ किया था. डीआइजी (सायबर) सियास ए ने बताया कि अनाथालयों में पहली बार जागरूकता के कार्यक्रम होंगे. साइबर अपराध से संबंधित सभी विषयों को समाहित करते हुए एक माह में अधिक से अधिक लोगों तो पहुंचने की कोशिश करेंगे.
अनाथालय के लिए अलग पाठ्यक्रम
अनाथालयों के बच्चों के लिए अलग जागरूकता पाठ्यक्रम बनाया गया है. दरअसल, ये बच्चे मोबाइल की दुनिया से दूर हैं। कुछ तो यह भी नहीं समझते कि वन टाइम पासवर्ड (ओटीपी) क्या होता है. ऐसे में उन्हें सबसे पहले बुनियादी बातें और इसके बाद साइबर अपराध से बचने के तरीके बताए जाएंगे. उन्हें इस तरह से तैयार किया जाएगा कि 18 वर्ष की आयु के बाद जब वे अनाथालय से निकलें तो आभासी दुनिया से अनभिज्ञ न रहें.

